
दुबई एक ऐसा नाम है जो दुनिया के सामने दौलत, लक्जरी और सपनों के शहर के रूप में चमकता है। आलीशान गगनचुंबी इमारतें, चमचमाती कारें, ऊंची-ऊंची मीनारें और बेइंतहा वैभव। लेकिन इस रौशनी के नीचे एक स्याह परत है जो शायद ही किसी को दिखती हो। यही परत है 'पोर्टा-पॉटी पार्टियों' का अंधेरा जिसकी सच्चाई सामने आते ही हर इंसान की रूह कांप उठे।
इन ‘पार्टियों’ का नाम जितना अजीब है हकीकत उससे कहीं ज्यादा डरावनी है। यहां कोई संगीत नहीं बजता, न जश्न होता है यहां होता है एक ऐसा खेल, जिसमें इंसानियत की सारी हदें पार कर दी जाती हैं। कुछ मॉडल्स, इन्फ्लुएंसर्स और एयर होस्टेस ने जब इस भयानक अनुभव को सार्वजनिक करना शुरू किया तभी दुनिया को इस घिनौने सच की भनक लगी।
'पोर्टा-पॉटी पार्टीज' आमतौर पर बेहद अमीर और रसूखदार लोगों द्वारा आयोजित की जाती हैं। इनमें शामिल होने के लिए मॉडल्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को महंगे गिफ्ट्स, लग्जरी ट्रैवल और लाखों की रकम का लालच दिया जाता है। लेकिन जिस "पार्टी" में वे पहुंचती हैं, वहां उनका स्वागत अपमान, हिंसा और अमानवीयता से होता है।
पीड़ित लड़कियों के अनुसार, उनसे जो काम करवाए जाते हैं वे किसी इंसान के साथ नहीं, जानवर से भी बदतर सुलूक जैसे होते हैं थूकना, पेशाब करना, मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना और कई बार यौन हिंसा तक। कई मामलों में तो ये ‘पार्टियां’ मौत का कारण बन जाती हैं।
20 साल की यूक्रेनी मॉडल मारिया कोवालचुक की कहानी ने इन दरिंदों के चेहरे से नकाब खींच दिया। दुबई की एक सड़क पर उसका शव मिला, रीढ़ टूटी हुई, शरीर पर गंभीर चोटें। पुलिस ने कहा वह निर्माण स्थल से गिरी। लेकिन उसके परिवार और वकील का दावा है "वह पोर्टा-पॉटी पार्टियों की शिकार थी"।
इस गंदे रैकेट को रोकना आसान नहीं क्योंकि इसके पीछे हैं पैसा, पॉवर और चुप्पी। दुबई के कड़े कानून, सेंसरशिप और मीडिया पर सख्त नियंत्रण के चलते पीड़ित लड़कियों के लिए अपनी बात कह पाना लगभग नामुमकिन होता है। जो बोलती हैं उन्हें धमकाया जाता है ऑनलाइन ट्रोल किया जाता है या फिर 'खो' जाने पर मजबूर कर दिया जाता है। कुछ बहादुर महिलाएं इस अंधेरे को उजागर करने के लिए सामने आईं, लेकिन अधिकांश को या तो कानून के शिकंजे में फंसा दिया गया या फिर इंटरनेट से उनकी पहचान ही मिटा दी गई।
इस पूरी कहानी का सबसे दिल दहला देने वाला हिस्सा यह है कि सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई नाममात्र की होती है। यह सिर्फ एक शहर की कहानी नहीं है, यह उन तमाम जगहों की हकीकत है जहां अमीरी के नाम पर औरतों की इज्जत को कुचल दिया जाता है।