
देश में लगातार बढ़ते प्रदर्शनों और जनता के गुस्से के बीच केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और काठमांडू छोड़ दिया। इससे पहले आंदोलनकारियों ने ओली के निजी आवास, राष्ट्रपति भवन और उच्चतम न्यायालय भवन को आग के हवाले कर दिया। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हुई झड़पों में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ओली को सुरक्षा के लिए हेलिकॉप्टर द्वारा किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, लेकिन उनका ठिकाना अभी स्पष्ट नहीं है। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, झालानाथ खनाल और पुष्प कमल दहल प्रचंड के घरों में भी आग लगा दी। पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनाल की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार इस आग में गंभीर रूप से झुलस गईं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वहीं, पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा को उनके घर में घुसकर पीटा गया। वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को भी उनके आवास के पास दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
नेपाल में आज राष्ट्रपति की मौजूदगी में सेना और प्रदर्शनकारी युवाओं के बीच औपचारिक वार्ता होगी। मंगलवार रात शीतल निवास में युवा प्रतिनिधियों और सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई थी। अब इसे औपचारिक रूप देने की तैयारी की गई है। वार्ता का मुख्य एजेंडा नागरिक सरकार का गठन, संसद भंग करना और नए चुनाव कराना होगा। प्रदर्शनकारी युवाओं की मांग है कि राजनीतिक दलों को सत्ता से हटाकर जनता के नेतृत्व में नई सरकार बनाई जाए। काठमांडू महानगर के मेयर बालेन शाह ने भी संसद भंग करने की शर्त पर वार्ता का समर्थन किया है।
चितवन जिले में प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन कार्यालय और चुनाव कार्यालय में आग लगा दी, जिसे बुधवार सुबह तक बुझाया नहीं जा सका। जिला अदालत और सरकारी वकीलों के कार्यालयों में भी आग लगने से कई महत्वपूर्ण कागजात नष्ट हो गए। भारतपुर और अन्य क्षेत्रों में नगरपालिका और वार्ड कार्यालयों पर भी हमला किया गया। नेपाली कांग्रेस, यूएमएल और माओवादी सेंटर के कार्यालयों को भी आग के हवाले किया गया। International News
सेना ने काठमांडू समेत प्रमुख शहरों में सुबह से गश्त तेज कर दी है। लाउडस्पीकर के माध्यम से जनता से शांति बनाए रखने और हिंसा न करने की अपील की जा रही है। सेना ने प्रधानमंत्री कार्यालय और सिंहदरबार सहित कई सरकारी भवनों पर कब्जा कर लिया, जहां प्रदर्शनकारियों ने आग लगाई थी। पशुपतिनाथ मंदिर के दरवाजों को तोड़ने वाले प्रदर्शनकारियों को भी सेना ने रोका।
हिंसक प्रदर्शनों के बाद सेना ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी नियंत्रण कर लिया। एयरपोर्ट ऑथोरिटी के अनुसार सभी हवाई अड्डे बुधवार दोपहर 12 बजे तक बंद रहेंगे। बढ़ती अशांति के कारण मंगलवार दोपहर से सभी उड़ानें रोक दी गईं, जिससे सैकड़ों यात्री नेपाल और विदेशों में फंस गए। एयर इंडिया ने दिल्ली-काठमांडू के बीच छह में से चार उड़ानें रद्द कीं, वहीं इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने भी अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल में चल रहे प्रदर्शनों पर गहरी चिंता जताई और अधिकारियों से मानवाधिकारों का सम्मान करने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। International News
अमेरिका के कोलंबिया स्थित संघीय जिला न्यायालय की न्यायाधीश जिया एम. कॉब ने मंगलवार देर रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लीसा कुक को फेडरल रिजर्व बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से हटाने के आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। इस फैसले से कुक को अपनी हालिया बर्खास्तगी के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखने और पद पर बने रहने की राह मिली। International News
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कुक को उनके बंधक दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के आधार पर हटाने की कोशिश की थी। हालांकि, उन पर कोई कानूनी आरोप साबित नहीं हुआ और न ही कोई अपराधी ठहराया गया। कुक के वकीलों ने इसे राजनीतिक प्रेरणा से उठाया गया कदम बताया। यह मामला फेड अधिकारियों को "कारणवश" हटाने की राष्ट्रपति की शक्ति को चुनौती देने वाली लंबी कानूनी लड़ाई की पहली कड़ी है। न्यायाधीश कॉब ने कहा कि ट्रंप द्वारा प्रस्तुत तर्क पर्याप्त नहीं हैं, क्योंकि आरोप फेड गवर्नर के पद ग्रहण करने से पहले के हैं। कुक ने विवादित दस्तावेज़ों पर 2021 में हस्ताक्षर किए थे, जो उनके फेड में शामिल होने से लगभग एक साल पहले की घटना थी। International News
न्यायालय ने राष्ट्रपति के दावे को खारिज किया
न्याय विभाग के वकीलों ने तर्क दिया कि राष्ट्रपति के पास "कारण" तय करने के व्यापक अधिकार हैं और न्यायालय को इसे सम्मान देना चाहिए। न्यायाधीश कॉब ने इसे खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का विवेक इस मामले में अंतिम शब्द नहीं हो सकता और कुक को पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया से वंचित रखा गया।
वकीलों ने फेड की स्वतंत्रता पर जोर दिया
कुक की वकील एब्बे लोवेल ने कहा, "यह फैसला फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को अवैध राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाने का महत्व स्वीकार करता है। राष्ट्रपति को आधारहीन आरोपों के चलते किसी गवर्नर को हटाने की अनुमति देना वित्तीय स्थिरता और कानून के शासन के लिए खतरा है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और बैठक प्रभाव
ट्रंप प्रशासन इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि राष्ट्रपति ने कुक को "कानूनी रूप से हटाया" है, और प्रशासन फेड में जवाबदेही बहाल करने के प्रयास जारी रखेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले के बाद कुक फेड की आगामी दो दिवसीय बैठक में मतदान कर सकेंगी। इस बैठक में ब्याज दरों में कटौती पर पुनर्विचार होने की संभावना है, जिससे उधारी लागत में लगभग एक चौथाई अंक की कमी आ सकती है। फेड ने इस फैसले पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के कामकाज के ढांचे में अहम बदलाव करने का ऐलान किया है। कंपनी के अनुसार, फरवरी 2026 से कर्मचारियों को हफ्ते में कम से कम तीन दिन कार्यालय में उपस्थित रहकर काम करना होगा। यह योजना तीन चरणों में लागू की जाएगी। International News
पहला चरण मुख्यालय से, फिर अमेरिका और ग्लोबल
माइक्रोसॉफ्ट की कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने 9 सितंबर को अपने ब्लॉग पोस्ट में इस योजना की जानकारी दी। कोलमैन के मुताबिक, शुरुआत रेडमंड स्थित मुख्यालय के पास काम करने वाले कर्मचारियों से होगी। इसके बाद अमेरिका के अन्य कार्यालयों और अंततः दुनियाभर के कर्मचारियों के लिए इसे लागू किया जाएगा।
घर से काम की सुविधा के पीछे महामारी का असर
ब्लॉग में कहा गया है कि महामारी के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण घर से काम करने की सुविधा दी गई थी। अब इस बदलाव के तहत मुख्यालय के 50 मील के दायरे में रहने वाले कर्मचारियों से फरवरी 2026 के अंत तक हफ्ते में तीन दिन ऑफिस में काम करने की अपेक्षा की जाएगी। अन्य अमेरिकी कार्यालयों के लिए समय-सीमा और नियमों की घोषणा जल्द की जाएगी। एमी कोलमैन ने लिखा, "90 के दशक के अंत में मैं हमेशा ऑफिस में रहती थी। लैपटॉप नहीं थे और अधिकतर काम अपने आसपास के लोगों के साथ होता था। तकनीक के विकास ने हमें ज्यादा खुले और वैश्विक बनाया। महामारी ने हमारी कार्यशैली को पूरी तरह बदल दिया और हमें काम को नए तरीके से अपनाने के लिए प्रेरित किया। International News
एआई युग में बदलाव की जरूरत
कोलमैन ने आगे कहा, "हम पीछे नहीं जा रहे हैं। यह बदलाव समय की मांग है। हमने जो अनुभव हासिल किया है, उसका सर्वोत्तम लाभ उठाकर आगे बढ़ना चाहिए। एआई के युग में हम तेजी से नई तकनीक विकसित कर रहे हैं, जो काम करने और जीने के तरीके को बदल रही है। सप्ताह में तीन दिन ऑफिस में काम करने की योजना की शुरुआत फरवरी 2026 में पुगेट साउंड से होगी। इसके बाद इसे अमेरिका के अन्य कार्यालयों में और अंततः अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिवार्य किया जाएगा। International News
पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में एक विशेष अभियान के दौरान प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) समूह के वरिष्ठ कमांडर अलीमुल हक को मार गिराया। अधिकारियों ने मंगलवार को इस जानकारी की पुष्टि की। अलीमुल हक, जिसे कमांडर मंसूर के नाम से भी जाना जाता था, सेना के खिलाफ हमलों का नेतृत्व कर रहा था और हाल ही में तोची चेकपोस्ट को अवरुद्ध करने का प्रयास कर चुका था। अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें कमांडर मंसूर गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही निधन हो गया।
सरकारी सूत्रों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि खैबर पख्तूनख्वा में अभी भी करीब 8,000 टीटीपी के आतंकवादी सक्रिय हैं। ये आतंकवादी अफगानिस्तान से सीमा पार कर देश में प्रवेश कर चुके हैं और पेशावर, टैंक, डेरा इस्माइल खान, बन्नू, लक्की मरवत, स्वात, शांगला सहित अन्य जिलों में फैल चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, आतंकवादियों ने सीपीईसी रोड, डी खान-बन्नू रोड और टैंक में अपने ठिकाने और चौकियां बना रखी हैं। ये आम नागरिकों के बीच छिपकर सुरक्षा बलों पर हमला करते हैं।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर की अध्यक्षता में आयोजित जिरगा में कबायली नेताओं ने अफगानिस्तान से आतंकवादियों की घुसपैठ को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई। नेताओं ने आग्रह किया कि यह मुद्दा अफगान सरकार के समक्ष उठाया जाए। खैबर पख्तूनख्वा सरकार के प्रवक्ता मुहम्मद अली सैफ ने कहा कि आतंकवादी आम रास्तों पर वीडियो बनाते हैं और फिर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग जाते हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की कार्यवाही चुनौतीपूर्ण हो रही है।
नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शनों और अशांति के बीच नेपाली सेना ने बड़ा कदम उठाया है। सेना ने मंगलवार रात 10 बजे से बुधवार सुबह 10 बजे तक काठमांडू और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में लूट, आगजनी और अराजक गतिविधियों में शामिल 27 संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
सुरक्षा बलों ने काठमांडू के गौशाला, चाबाहिल और बौद्धा इलाकों में अभियान चलाकर लूटी गई 33.7 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके साथ ही, हथियारों का बड़ा जखीरा भी जब्त किया गया। सेना के अनुसार, पोखरा और काठमांडू के विभिन्न इलाकों से कुल 31 आग्नेयास्त्र, मैगजीन और गोला-बारूद सुरक्षित किए गए।
‘द हिमालयन पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान लगी आग पर काबू पाने के लिए तीन दमकल गाड़ियां भी तैनात की गई थीं। सेना ने यह भी बताया कि इस दौरान 23 पुलिसकर्मी और तीन नागरिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज वर्तमान में सैन्य अस्पतालों में जारी है। सेना ने बयान में स्पष्ट किया कि हिंसा को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देशभर में सभी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क और सक्रिय हैं।
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पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने बुधवार सुबह बताया कि रात भर बड़ी संख्या में रूसी ड्रोन ने पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "जिन ड्रोनों से प्रत्यक्ष खतरा था, उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया गया। मैं नाटो महासचिव और सहयोगियों के संपर्क में हूं।"
पोलैंड और सहयोगी देशों के लड़ाकू विमान सतर्क
एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान पोलैंड और नाटो के सहयोगी देशों के लड़ाकू विमान देश के आकाश में सतर्क रहे। इनमें डच एफ-35 भी शामिल थे। वारसॉ ने कहा कि बुधवार तड़के सैन्य तनाव समाप्त हो गया, लेकिन मार गिराए गए ड्रोन और संभावित प्रभाव स्थलों की जांच जारी है। पोलैंड की सैन्य कमान ने इसे "अभूतपूर्व" और "आक्रामक कार्रवाई" बताया, जिससे नागरिक सुरक्षा पर वास्तविक खतरा उत्पन्न हुआ। हालांकि किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।
नाटो ने सुरक्षा प्रणाली सक्रिय की, अलर्ट पर रखे गए उपकरण
नाटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने कहा कि महासचिव मार्क रूट पोलैंड के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने पुष्टि की कि कई ड्रोन पोलैंड में घुसे और सूचना मिलते ही नाटो की सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई। नाटो मुख्यालय एलाइड पॉवर्स यूरोप ने बताया कि जर्मन पैट्रियट मिसाइल प्रणाली को अलर्ट पर रखा गया, एक इतालवी हवाई चेतावनी विमान तैनात किया गया और एक हवाई ईंधन भरने वाला विमान भी पोलैंड भेजा गया।
फ्रांस और यूरोपीय आयोग ने जताई एकजुटता
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और रूस से इसे रोकने का आह्वान किया। उन्होंने पोलिश सरकार और नागरिकों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह यूरोप की स्वतंत्रता और सुरक्षा की लड़ाई है और यूरोप पोलैंड के साथ खड़ा है।
यूक्रेन और पोलैंड की प्रतिक्रिया
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस उल्लंघन को "एक और उग्र कदम" बताया। पोलैंड के अधिकारियों ने कहा कि सबसे अधिक खतरा पोडलास्की, माज़ोवीकी और लुबेल्स्की क्षेत्रों में था। प्रधानमंत्री टस्क ने असाधारण सरकारी बैठक बुलाई और सभी आपातकालीन तथा सैन्य अधिकारियों को एक साथ लाया।
नाटो अनुच्छेद 4 पर विचार
एक वरिष्ठ पोलिश अधिकारी ने बताया कि वारसॉ नाटो संधि के अनुच्छेद 4 को लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यह अनुच्छेद किसी सदस्य देश को सहयोगियों के साथ परामर्श के लिए बैठक बुलाने का अधिकार देता है। पोलैंड ने इससे पहले 24 फरवरी, 2022 को यह अनुच्छेद लागू किया था, उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर अपना पूर्ण आक्रमण शुरू किया था। इसके अलावा, उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की ने उच्चस्तरीय बैठक से पहले यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा से मुलाकात की। International News