
पाकिस्तान के प्रमुख बंदरगाह शहर कराची मंगलवार को तेज बारिश की वजह से गंभीर संकट में घिर गया। सिंध सरकार ने नागरिकों से कामकाज आज के लिए स्थगित करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश ने शहर के अधिकांश हिस्सों को जलमग्न कर दिया है, घरों में पानी भर गया है और बिजली के करंट, दीवारों के गिरने और डूबने की घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की जान चली गई। जियो न्यूज के मुताबिक, शहर के कई इलाकों में अभी भी बिजली नहीं है और मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। गुलशन-ए-हदीद में रिकॉर्ड 170 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मलीर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में लोग अभी भी कई फीट पानी में फंसे हुए हैं। स्थानीय लोग इस विनाशकारी स्थिति को 2022 की भयंकर बारिश की याद दिला रहे हैं। Pakistan News
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी पाकिस्तान में मानसून की भारी बारिश ने कराची को तहस-नहस कर दिया। प्रमुख सड़कें और अंडरपास जलमग्न हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह ठप हो गई है। सुबह से शुरू हुई बारिश सूर्यास्त तक लगातार रुक-रुक कर जारी रही, जिससे पहले से ही कमजोर शहर का आधारभूत ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ।
सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्वायत्त और निजी संस्थानों के लिए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है और स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने फोन पर मुख्यमंत्री से हालात की जानकारी ली।प्रांतीय आपदा अधिकारी मोहम्मद यूनिस ने बताया कि बलोचिस्तान के 15 जिलों में भी बारिश हो रही है और सिंध से जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग को भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। दो जिलों में 40 से 50 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में सिंध और बलोचिस्तान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से तेज मानसूनी हवाएं लगातार देश में प्रवेश कर रही हैं, जो खासकर दक्षिणी क्षेत्रों को प्रभावित कर रही हैं। विभाग ने कराची, हैदराबाद, बदीन, सजावल और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। Pakistan News