ट्रंप बोले-भारत-अमेरिका के बीच जल्द होगा व्यापार समझौता
भारत
चेतना मंच
29 Oct 2025 07:19 PM
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश जल्द ही एक बड़े ट्रेड डील पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में आयोजित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग सीईओ शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा कि मैं भारत के साथ व्यापार समझौता कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान और स्नेह है। हमारे संबंध बेहद अच्छे हैं। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि वे भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को नए युग में ले जाना चाहते हैं और दोनों देशों के बीच बैलेंस्ड ट्रेड के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। Trade Agreement :
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम दौर में है। जहां तक सौदे का सवाल है, हम इसके काफी करीब हैं, अधिकारी ने बताया। अब तक इस समझौते पर पांच दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कुआलालंपुर में आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान इसकी रूपरेखा पर गहन चर्चा की। हालांकि, अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ (रूसी तेल खरीद से जुड़ा) को हटाने पर अब तक कोई औपचारिक सहमति नहीं बनी है।
टैरिफ विवाद : भारत ने कहा अनुचित फैसला
अमेरिका द्वारा भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बना हुआ है। इसमें से 25% अतिरिक्त शुल्क रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर लगाया गया था। भारत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कदम अनुचित और अविवेकपूर्ण है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत की ऊर्जा नीति का उद्देश्य स्थिर मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। हमारे ऊर्जा स्रोत विविध हैं और किसी एक देश पर निर्भर नहीं है।
रूस से तेल खरीद पर भी उठे सवाल
ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर देगा।
हालांकि, भारत सरकार ने इस दावे का खंडन किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की ऊर्जा खरीद व्यापक और विविध है। हम अमेरिकी ऊर्जा आयात भी बढ़ा रहे हैं। रूस से खरीद पूरी तरह राष्ट्रीय हित और उपभोक्ताओं की जरूरतों पर आधारित है। दोनों देशों के अधिकारी मानते हैं कि यह समझौता एशिया क्षेत्र में रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत कोई भी समझौता जल्दबाजी में या किसी दबाव में नहीं करेगा। हम ऐसा सौदा चाहते हैं जो दोनों देशों के हित में समान रूप से लाभकारी हो।
भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंध
2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 191 अरब डॉलर तक पहुंचा। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है।
आईटी, फार्मा, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का यह प्रस्ताव न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दोनों देशों के रणनीतिक गठजोड़ को और मजबूत करेगा। ट्रंप और मोदी के बीच यह समझौता एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नए व्यापारिक समीकरणों की नींव रख सकता है।