ट्रंप के टैरिफ बम से शेयर बाजार धड़ाम, टॉप कंपनियों को ₹3 लाख करोड़ का झटका!
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 01:16 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई व्यापार नीति घोषणाओं ने भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी है। पहले H1B वीजा फीस को 1 लाख डॉलर तक बढ़ाने का ऐलान और फिर भारतीय फार्मा उत्पादों पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा ने निवेशकों को सकते में डाल दिया। सप्ताह के पांच कारोबारी दिनों में ही सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों का 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैप स्वाहा हो गया। Share Market
शेयर बाजार में गिरावट का बड़ा असर
ट्रंप के इस फैसले के बाद शुक्रवार को सेंसेक्स 733 अंक टूटकर 80,426.46 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी में 236 अंकों की गिरावट आई और यह 24,654.70 पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह में सेंसेक्स कुल 2,199 अंक (2.66%) गिरा। इस गिरावट से सबसे ज्यादा नुकसान टाटा समूह की कंपनी TCS को हुआ, जिसका मार्केट कैप 97,598 करोड़ रुपये घट गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी 40,462 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ जबकि इंफोसिस का वैल्यूएशन 38,096 करोड़ रुपये कम हो गया। इन तीनों के अलावा HDFC बैंक, ICICI बैंक, Bharti Airtel, LIC, SBI और HUL जैसी दिग्गज कंपनियों को भी तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट
सप्ताहभर की गिरावट में नीचे दी गई कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा। HDFC Bank ₹33,033 करोड़ की गिरावट, ICICI Bank ₹29,647 करोड़ का नुकसान, Bharti Airtel ₹26,030 करोड़ की गिरावट, LIC ₹13,694 करोड़ की गिरावट, HUL ₹11,278 करोड़ का नुकसान, Bajaj Finance ₹4,978 करोड़ का नुकसान, SBI ₹4,846 करोड़ की गिरावट। इस गिरावट के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, Airtel, TCS और ICICI बैंक का स्थान रहा।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ऐलान किया कि 1 अक्टूबर 2025 से भारत समेत कई देशों से आने वाले फार्मा प्रोडक्ट्स पर 100% टैक्स, किचन और बाथरूम फर्नीचर पर 50% टैरिफ, अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर पर 30%, और हैवी ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। इन फैसलों का सीधा असर भारतीय IT और फार्मा कंपनियों पर पड़ना तय है। भारतीय बाजार की आने वाली दिशा अब अमेरिका के चुनावी मूड, ट्रेड पॉलिसी और ग्लोबल सप्लाई चेन के रवैये पर निर्भर करेगी। फार्मा और IT कंपनियों पर इन टैरिफ्स का दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। Share Market