ट्रंप के टैरिफ बम से शेयर बाजार में हड़कंप, 4 लाख करोड़ स्वाहा!
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:11 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फार्मा सेक्टर पर 100% आयात शुल्क लगाने की घोषणा का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। शुक्रवार को बाजार खुलते ही फार्मा स्टॉक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और देखते ही देखते निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये डूब गए। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। Share Market Crash
शेयर बाजार में लगातार छठे दिन गिरावट
ट्रंप के टैरिफ ऐलान से पहले ही अनुमान लगाया जा रहा था कि शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और हुआ भी कुछ ऐसा ही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 451 अंकों की गिरावट के साथ 80,708.34 तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 132 अंकों की गिरावट के साथ 24,759 के स्तर तक पहुंच गया।
फार्मा स्टॉक्स में भारी गिरावट
सबसे ज्यादा असर फार्मा कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। BSE हेल्थकेयर इंडेक्स 1043 अंक यानी 2.37% टूटकर 42,944.17 पर आ गया। सन फार्मा में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। डॉ. रेड्डीज के शेयर 1% से ज्यादा गिरे। बायोकॉन में 2.37%, कैप्लिन प्वाइंट में करीब 6%, सोलारा और वॉकहार्ट फार्मा में 5% तक की गिरावट देखी गई। न्यूलैंड, पॉलीमेड, स्टार और केपीएल जैसे अन्य फार्मा स्टॉक्स भी भारी दबाव में रहे।
निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपये का झटका
BSE के आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन पहले तक बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹4,57 लाख करोड़ था, जो शुक्रवार के सत्र में गिरकर ₹4,53 लाख करोड़ से भी नीचे आ गया। इसका मतलब यह हुआ कि सिर्फ कुछ घंटों में निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ स्वाहा हो गए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की टैरिफ नीति से वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ सकती है खासकर जब फार्मा सेक्टर जैसे संवेदनशील उद्योगों पर सीधा असर पड़ रहा हो। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका अपने टैरिफ को आगे और सख्त करता है तो भारतीय एक्सपोर्टर्स और शेयर बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सिर्फ फार्मा पर ही नहीं, बल्कि किचन कैबिनेट, फर्नीचर और हैवी ट्रकों जैसे उत्पादों पर भी भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। हालांकि सबसे अधिक असर फार्मा सेक्टर पर पड़ा है क्योंकि भारत, अमेरिका को दवाओं का एक बड़ा निर्यातक है। Share Market Crash