
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी. में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती तस्वीर पर सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि हालात काबू में लाने के लिए वे किसी भी हद तक जाएंगे—ज़रूरत पड़ी तो सेना भी उतार देंगे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि वाशिंगटन पुलिस अब उनके प्रत्यक्ष नियंत्रण में होगी और राजधानी को हर हाल में अपराधमुक्त बनाया जाएगा। Donald Trump
अमेरिकी अख़बार द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ट्रंप ने अस्थायी तौर पर पुलिस बल का कमान अपने हाथ में ले लिया है और राजधानी में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए 800 नेशनल गार्ड सैनिकों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर “खून के प्यासे अपराधियों” और “उग्र भीड़ों” के कब्ज़े में है, जिसे समाप्त करना ही प्राथमिकता है। बता दें कि वाशिंगटन के अटॉर्नी जनरल ने इस फैसले को “अभूतपूर्व, अनावश्यक और गैरकानूनी” करार देते हुए कड़ी आलोचना की। ट्रंप के ऐलान के दौरान व्हाइट हाउस के पास प्रदर्शनकारी भी जमा हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस पर संघीय नियंत्रण 30 दिन तक जारी रह सकता है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा सचिव और शीर्ष कानून प्रवर्तन अधिकारी भी मौजूद थे।
ट्रंप ने देश-विदेश के पर्यटकों से अपील की कि वे व्हाइट हाउस या एयर एंड स्पेस म्यूजियम की यात्रा के दौरान हो रही आपराधिक घटनाओं से विचलित न हों, क्योंकि जल्द ही राजधानी पूरी तरह सुरक्षित होगी। वहीं, वाशिंगटन की मेयर म्यूरियल बोसर ने इसे “चिंताजनक” बताते हुए कहा कि वे इस निर्णय को रोकने में असमर्थ हैं। 1973 के होम रूल एक्ट के तहत राष्ट्रपति को आपातकाल की घोषणा कर 30 दिनों के लिए स्थानीय कानून-व्यवस्था का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का अधिकार है, और इस दौरान मेयर को उनके आदेशों का पालन करना होता है।
88 वर्षीय प्रतिनिधि एलेनोर होम्स नॉर्टन ने बयान जारी कर इस कदम को “डी.सी. के गृह शासन पर ऐतिहासिक हमला” करार दिया। उनका कहना था कि यह न केवल स्थानीय स्वशासन के अधिकार को कमजोर करता है, बल्कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर भी सीधा प्रहार है। Donald Trump