ट्रंप के टैरिफ पर संसद में बढ़ा विरोध, डेमोक्रेट सांसद ने हटाने का प्रस्ताव रखा
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 01:53 PM
फेडरल कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ज्यादातर ग्लोबल टैरिफ को गैरकानूनी घोषित किया है, जिससे उनके सामने राजनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ गया है। अब अमेरिकी संसद के हाउस आॅफ रिप्रजेंटेटिव्स में भी ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप को नेशनल इमरजेंसी घोषित करके दुनिया के लगभग हर देश पर आयात कर लगाने का अधिकार नहीं है। Trump Tariff :
ज्यादातर टैरिफ गैरकानूनी हैं, लेकिन 14 अक्टूबर तक लागू रहेंगे ताकि ट्रंप प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सके।
संसद में विरोध
डेमोक्रेट सांसद ग्रेगरी मीक्स ने हाउस स्पीकर माइक जॉनसन से आग्रह किया कि ट्रंप के टैरिफ हटाने के प्रस्ताव को सदन में रखा जाए।
मीक्स ने कहा कि टैरिफ अवैध हैं और इससे भारत सहित कई देशों के साथ अमेरिका की दोस्ती प्रभावित हो सकती है। ट्रंप ने अदालत के फैसले को गलत और एकतरफा बताया। उनका कहना है कि सभी टैरिफ लागू रहेंगे और अगर इन्हें हटाया गया तो अमेरिका आर्थिक रूप से कमजोर होगा।
टैरिफ की पृष्ठभूमि
2 अप्रैल को ट्रंप ने अमेरिका के व्यापार घाटे वाले 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। भारतीय सामानों पर 25% टैरिफ, रूसी कच्चे तेल पर 25% पेनाल्टी, और 27 अगस्त से भारतीय सामानों पर कुल 50% टैरिफ लागू। ट्रंप के टैरिफ पर कोर्ट और कांग्रेस दोनों जगह दबाव बढ़ रहा है। भारत सहित वैश्विक व्यापार पर इन फैसलों का असर दिखाई दे रहा है। ट्रंप के खिलाफ अमेरिका के अंदर और बाहर दोनों जगह विरोध बढ़ता जा रहा है।