
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की व्यापारिक नीतियों को एक बार फिर कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि भारत द्वारा लगाए जाने वाले ऊंचे टैरिफ अमेरिका के हितों के प्रतिकूल हैं और यही वजह है कि अमेरिका, भारत के साथ अपेक्षाकृत कम व्यापार करता है। ट्रंप ने दो टूक कहा, “भारत हमारे लिए आदर्श व्यापारिक साझेदार नहीं है। Donald Trump
यह बयान ट्रंप ने CNBC को दिए एक विशेष साक्षात्कार में दिया, जिसके मुख्य अंश व्हाइट हाउस के मीडिया विभाग ने 5 अगस्त को जारी किए। ट्रंप ने कहा, “भारत हमारे साथ बड़ा व्यापार करता है, लेकिन हम उसके साथ वैसा संतुलित व्यापार नहीं कर पा रहे हैं। इसीलिए मैंने 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है और हो सकता है कि अगले 24 घंटों में इसे और बढ़ा दूं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है और उसके युद्धक विमानों को ईंधन उपलब्ध करा रहा है।
साक्षात्कार में ट्रंप ने अपने संभावित दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने चीन के साथ अमेरिका के व्यापार संबंधों को लेकर कहा, “अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो साल के अंत से पहले मेरी चीन के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक हो सकती है। हम एक व्यापक समझौते के बेहद करीब हैं।” ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल में अमेरिका ने दुनिया के कई साझेदार देशों से ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को खरबों डॉलर का लाभ हुआ।
CNBC के मुताबिक, ट्रंप अगले सप्ताह सेमीकंडक्टर और माइक्रोचिप्स पर नए टैरिफ की घोषणा कर सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका चाहता है कि इनका उत्पादन देश के भीतर ही हो, क्योंकि वर्तमान में इनमें से अधिकांश चिप्स ताइवान से आते हैं। हालांकि उन्होंने इस योजना के विस्तृत विवरण साझा नहीं किए। ट्रंप ने अपनी 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' दवा मूल्य निर्धारण नीति की भी प्रशंसा की, जिसके तहत अमेरिका को विश्व बाजार में दवाओं के बेहतर मूल्य मिलने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में विदेशी मूल के श्रमिकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जो घरेलू कामगारों के हित में रहा। इस दौरान ट्रंप ने बड़े अमेरिकी बैंकों पर भी निशाना साधा, और आरोप लगाया कि वे रूढ़िवादी विचारधारा वाले लोगों के साथ पक्षपात कर रहे हैं। Donald Trump