Trump's Shock : इस समय विश्व के एक ताकतवर देश अमेरिका में जबसे डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता की बागडोर संभाला है तमाम ऐतिहासिक फैसले लिए जा रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद लगातार कई अहम फैसले किए हैं, जिनकी गूंज अमेरिका ही नहीं पूरे विश्व में सुनाई पड़ रही है। न केवल सुनाई पड़ रही है बल्कि उसका असर भी संबंधित देश पर पड़ना शुरू हो गया है। अब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताजा फैसले में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार को करारा झटका देते हुए सभी सहायता बंद करने का फैसला किया है। अमेरिकी एजेंसी यूएसएआईडी ने बांग्लादेश में अनुबंधों, कार्य आदेशों, अनुदानों, सहकारी समझौतों, अन्य सहायता या खरीद उपकरणों के तहत किसी भी काम को फौरन बंद करने या निलंबित करने का ऐलान किया है। ट्रंप के इस फैसले से बांग्लादेश हैरान परेशान है।
हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार
शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने के बाद बांग्लादेश में कट्टपंथियों ने हिन्दुओं का कत्लेआम किया और कई धार्मिक स्थलों को भी आग के हवाले कर दिया था। बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार के खिलाफ दुनियाभर में युनूस सरकार की जमकर आलोचना हुई थी, जिसमें डोनाल्ड ट्रम्प भी थे। उन्होंने तब बांग्लादेश में 'कट्टरपंथी वामपंथ के धर्म विरोधी एजेंडे' के खिलाफ हिंदू की रक्षा करने और भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों को मजबूत करने का भी वादा किया था। अब ट्रंप ने करीब दो महीने बाद जैसे ही सत्ता संभाली बांग्लादेश के खिलाफ बड़ा एक्शन ले लिया है। ट्रंप ने जो फैसला ले लिया है वो बदलना मुश्किल है, हां अगर बांग्लादेश अपनी कट्टरता को कम करे और अन्य हिंदुओं व अल्पसंख्यकों का मान सम्मान शुरू करदे तो कुछ हला भला हो सकने की गुंजाइश जरूर बन सकती है।
इस चुनौती से कैसे संभलेंगे मोहम्मद युनूस
इस समय बांग्लादेश पहले से ही भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है, उसपर से वहां लूट खसोट का वातावरण बना हुआ है। अमेरिका के इस फैसले के बाद तो अब मोहम्मद युनूस को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यूएसएआईडी ने फंडिंग निलंबन पर अपने लेटर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि 'यह लेटर सभी यूएसएआईडी/बांग्लादेश कार्यान्वयन भागीदारों को आपके बांग्लादेश अनुबंध, कार्य आदेश के तहत किसी भी काम जैसे- अनुदान, सहकारी समझौता, या अन्य सहायता या अधिग्रहण साधन को फौरन बंद करने या निलंबित करने का निर्देश दिया गया है। ट्रंप के इस आदेश से युनूस की सिट्टीपिट्टी गुम हो गई है। अगर जल्दी ही कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई तो बांग्लादेश को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
ट्रम्प ने दिया बांग्लादेश को झटका
ट्रम्प का एक झटका ही बांग्लादेश जैसे देशों का बैंड बजाने के लिए काफी है। ट्रम्प ने 20 जनवरी को शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद अपनी विदेश नीति की समीक्षा होने तक अमेरिकी विदेशी विकास सहायता में 90 दिनों तक रोकने का आदेश दिया था। इसके बाद से ही बांग्लादेश में अमेरिका द्वारा वित्त पोषित गैर सरकारी संगठनों समेत अलग-अलग प्रोजेक्ट्स और स्टेकहोल्डर्स इस आदेश को लेकर पहले से ही परेशान थे। अब ट्रंप के इस नये फरमान ने तो बांग्लादेश की चूल ही हिलाकर रख दी है। जिस तरह बांग्लादेश मेें कट्टरपंथी बढ़ते जा रहे थे, अब अगर उसपर रोक न लगाई गई तो उसकी आर्थिक स्थिति चरमरा जाएगी।
जयशंकर ने बांग्लादेश के अल्पसंख्यक मुद्दे पर मार्को रुबियो से की थी मुलाकात
अमेरिका में चुनाव बाद ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 22 जनवरी को अमेरिका के नवनियुक्त राज्य सचिव मार्को रुबियो के साथ बांग्लादेश के बारे में चर्चा की थी। इसके बाद कुछ दिनों बाद ट्रंप का ये फैसला आया है। बैठक के बाद जयशंकर से सवाल पूछा गया कि क्या अमेरिकी विदेश सचिव के साथ बैठक के दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यक मुद्दे पर चर्चा हुई तो इस पर उन्होंने कहा, 'हां, हमने बांग्लादेश पर एक संक्षिप्त चर्चा की। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।