यूएन महासभा में छोटे देशों की स्पीच हुई वायरल, इन देशों ने उठाए वैश्विक मुद्दे
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:06 PM
80वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में कई छोटे देशों के नेताओं की स्पीच सोशल मीडिया और यूएन के यूट्यूब पेज पर जमकर वायरल हुई। थाईलैंड, इंडोनेशिया, केन्या, नाइजीरिया, साउथ कोरिया और कोलंबिया के नेताओं ने वैश्विक शांति, सुरक्षा, विकास और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। U N News :
थाईलैंड
थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहसाक फुआंगकेटकाओ की स्पीच को 1.91 लाख लोगों ने देखा। उन्होंने यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का असर आम लोगों पर पड़ने की बात कही। साथ ही महिला भागीदारी, वैश्विक सहयोग और कंबोडिया सीमा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
इंडोनेशिया
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो की 19 मिनट की स्पीच को 1.73 लाख लोगों ने सुना। उन्होंने वैश्विक शांति, न्याय और समान अवसर की अपील की और घोषणा की कि इंडोनेशिया गाजा और फिलिस्तीन में शांति स्थापित करने के लिए 20,000 से अधिक युवाओं को भेजने के लिए तैयार है।
केन्या
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो की स्पीच को 1.38 लाख लोगों ने देखा। उन्होंने गाजा और सूडान में शांति, यूएन सुरक्षा परिषद में अफ्रीका के लिए स्थायी सीटों, विश्व बैंक सुधार और वैश्विक असमानताओं पर जोर दिया।
नाइजीरिया
नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा ने 1.27 लाख दर्शकों के सामने अपने भाषण में सुरक्षा परिषद में नाइजीरिया को स्थायी सीट और डिजिटल समानता की आवश्यकता बताई। उन्होंने गाजा-फिलिस्तीन विवाद पर दो-राष्ट्र समाधान को स्थायी शांति का रास्ता बताया।
साउथ कोरिया
साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की 20 मिनट की स्पीच को 1.15 लाख लोगों ने देखा। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया नॉर्थ कोरिया के साथ गैर-जरूरी सैन्य तनाव खत्म करना चाहता है।
कोलंबिया
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो उरेर्गो ने शांति, मानवाधिकार, न्याय और ड्रग तस्करी के खिलाफ अपनी नीति पर जोर दिया। उन्होंने फिलिस्तीन में जनसंहार रोकने की अपील की और बहुपक्षवाद व अंतरराष्ट्रीय न्याय के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य मुद्दे
सभी नेताओं ने वैश्विक युद्धों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, परमाणु सुरक्षा, सुरक्षा परिषद सुधार, बहुपक्षीय सुरक्षा उपाय, जलवायु परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की। रूस-यूक्रेन युद्ध, फिलिस्तीन-इजराइल संघर्ष और सूडान की स्थिति पर भी विस्तार से बात हुई।