अमेरिका की तबाही से ट्रंप को नहीं पड़ता फर्क? अपने ही अकड़ में डूबे हैं
भारत
चेतना मंच
30 Aug 2025 11:20 AM
अमेरिका की राजनीति और अर्थव्यवस्था में हलचल मचाते हुए यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फेडरल सर्किट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अधिकांश टैरिफ को अवैध करार दे दिया है। अदालत का कहना है कि राष्ट्रपति को आपातकालीन शक्तियां जरूर प्राप्त हैं लेकिन उनमें टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार शामिल नहीं है। हालांकि ट्रंप ने इस फैसले को खारिज करते हुए कहा कि सभी टैरिफ लागू रहेंगे और अगर यह फैसला ऐसे ही रहा तो यह अमेरिका के लिए विनाशकारी साबित होगा। Trump Tariff
कोर्ट का बड़ा फैसला
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्वारा IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत लगाए गए टैरिफ कानूनी दायरे से बाहर हैं। न्यायालय ने कहा कि, “IEEPA आपात स्थितियों में राष्ट्रपति को कई शक्तियां देता है, लेकिन यह उन्हें टैरिफ लगाने की खुली छूट नहीं देता। टैक्स और शुल्क लगाने की संवैधानिक शक्ति केवल कांग्रेस के पास है।” यह फैसला ट्रंप द्वारा चीन, कनाडा और मैक्सिको पर लगाए गए टैरिफ पर लागू होगा हालांकि स्टील और एल्यूमिनियम पर लगाई गई ड्यूटी पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
ट्रंप का पलटवार
ट्रंप ने कोर्ट के आदेश को पक्षपातपूर्ण और गलत करार देते हुए सोशल मीडिया मंच Truth Social पर लिखा, "सभी टैरिफ अभी भी लागू हैं। अदालत का फैसला गलत है और अगर इसे ऐसे ही रहने दिया गया, तो यह फैसला देश को तबाह कर देगा।" उन्होंने आगे लिखा कि टैरिफ ही हैं जो अमेरिका के मजदूरों, किसानों और उद्योगों की रक्षा करते हैं। उन्होंने इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया।
IEEPA का हवाला और सुप्रीम कोर्ट की तैयारी
ट्रंप प्रशासन ने अदालत में अपने फैसले का आधार 1977 के IEEPA कानून को बताया था जिसका मकसद राष्ट्रीय आपातकाल में विदेशी खतरे से निपटना है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि इसका उपयोग आर्थिक टैरिफ लगाने के लिए नहीं किया जा सकता। अब ट्रंप की टीम इस फैसले को यूएस सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। कोर्ट ने भी 14 अक्टूबर तक टैरिफ को यथावत रखने की अनुमति दी है, जिससे ट्रंप को अपील का समय मिल सके।
पहले भी हो चुके हैं टैरिफ फैसलों पर सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप के टैरिफ फैसलों को अदालतों में चुनौती दी गई हो। यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने भी मई में कहा था कि ट्रंप ने अपने अधिकारों से परे जाकर टैरिफ लगाए। वाशिंगटन की एक अदालत ने भी IEEPA के तहत टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था। अब तक कम से कम 8 मुकदमे ट्रंप की टैरिफ नीतियों के खिलाफ दायर हो चुके हैं, जिनमें कैलिफोर्निया राज्य द्वारा दाखिल केस भी शामिल है।
अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। यदि वह भी ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक ठहराता है, तो न सिर्फ उनकी आर्थिक नीतियों को बड़ा झटका लगेगा बल्कि चुनावी साल में उनकी राजनीतिक रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। Trump Tariff