
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया के लगभग हर देश से आने वाले सामानों पर लगाए गए टैरिफ को लेकर संघीय अपील कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रंप ने राष्ट्रीय आपातकाल का हवाला देकर अपनी सीमा पार कर दी और टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस को ही प्राप्त है। यह निर्णय न्यूयॉर्क की विशेष फेडरल ट्रेड कोर्ट के मई फैसले की पुष्टि करता है और ट्रंप के व्यापक व्यापार कदमों को सीधे चुनौती देता है। Donald Trump
फेडरल अपील कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संविधान के मुताबिक टैरिफ निर्धारित करने का अधिकार केवल कांग्रेस को है। हालांकि पिछले दशकों में कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों को टैरिफ पर कुछ स्वतंत्र अधिकार मिले, लेकिन ट्रंप ने इस सीमा को पूरी तरह पार कर लिया। इस फैसले से ट्रंप की व्यापार नीतियों पर संकट का साया पड़ा है। अदालत के फैसले के बाद वित्तीय बाजार हिल गए, कारोबारी गतिविधियाँ धीमी हुईं और कीमतों में बढ़ोतरी का डर बढ़ गया। ट्रंप अप्रैल में अपने लगभग सभी व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगा चुके थे।
प्रशासन ने तर्क दिया कि पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को भी आर्थिक संकट के समय आपातकालीन अधिकारों के तहत टैरिफ लगाने की अनुमति मिली थी। लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि निक्सन ने यह कदम विशेष परिस्थितियों में उठाया था, जबकि ट्रंप के ‘लिबरेशन डे टैरिफ’ राष्ट्रपति के आपातकालीन अधिकारों की सीमा से बाहर हैं। सरकार ने अदालत में चेतावनी दी कि अगर ट्रंप के टैरिफ हटाए गए, तो उन्हें अब तक लिए गए टैरिफ की राशि लौटानी पड़ेगी। जुलाई में सरकार का कुल टैरिफ राजस्व 159 अरब डॉलर था, जो पिछले साल से दोगुना था। कोर्ट ने यह भी कहा कि 1977 का कानून इस तरह के व्यापक आपातकालीन कदमों की अनुमति नहीं देता।
ट्रंप ने अमेरिका के व्यापार घाटे को राष्ट्रीय आपातकाल का हवाला देते हुए टैरिफ लगाने का फैसला किया था और दावा किया कि यह देश के हित में है। उन्होंने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट का हवाला देकर टैरिफ लागू किया। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ने इसे लेकर पूरी सीमा पार कर दी है। ट्रंप ने पहले टैरिफ की घोषणा 90 दिन के लिए स्थगित की थी, ताकि देशों को व्यापार समझौते पर बातचीत का मौका मिले। यूके, जापान और यूरोपीय संघ जैसे देश मान गए, लेकिन भारत, लाओस और अल्जीरिया समेत कई देशों ने इसका विरोध किया। इसके बाद ट्रंप ने इन देशों पर भारी अतिरिक्त टैरिफ लगाकर झटका दिया – भारत 50%, लाओस 40% और अल्जीरिया 30%। Donald Trump