कब तक चलेगा अमेरिका तथा ईरान के बीच युद्ध? क्या कहते हैं विशेषज्ञ

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य टकराव को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ती जा रही है। इस युद्ध की अवधि को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञ अलग-अलग आकलन कर रहे हैं।

अमेरिका-ईरान जंग तेज
अमेरिका-ईरान जंग तेज
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 05:18 PM
bookmark

US-Iran War : मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य टकराव को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ती जा रही है। इस युद्ध की अवधि को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञ अलग-अलग आकलन कर रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष कुछ ही हफ्तों में खत्म हो सकता है, जबकि कई विश्लेषक इसे लंबे समय तक चलने वाली जंग भी मान रहे हैं।

28 फरवरी से शुरू हुआ था युद्ध

वर्तमान युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को तब हुई जब अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए और मिडिल ईस्ट में कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। 

अमेरिका का दावा—कुछ हफ्तों में खत्म हो सकता है युद्ध

अमेरिकी नेतृत्व का दावा है कि यह युद्ध बहुत लंबा नहीं चलेगा। शुरुआती आकलन में कहा गया था कि सैन्य अभियान लगभग 4 से 5 सप्ताह में समाप्त किया जा सकता है, हालांकि जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। 

विशेषज्ञों की राय—जंग लंबी भी खिंच सकती है

कई रक्षा विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि ईरान की सैन्य रणनीति और भूमिगत मिसाइल सिस्टम के कारण यह संघर्ष जल्दी खत्म होना मुश्किल है। कुछ विशेषज्ञों ने तो यहां तक कहा है कि ईरान “लंबी लड़ाई” लड़ने की तैयारी कर चुका है और यह जंग वियतनाम युद्ध जैसी लंबी रणनीतिक टकराहट में बदल सकती है। 

कुछ विश्लेषकों का अनुमान—कुछ दिन या कुछ हफ्ते

दूसरी ओर कुछ सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के पास सीमित सैन्य संसाधन और क्षेत्रीय दबाव के कारण यह अभियान कुछ दिनों या हफ्तों में सीमित भी हो सकता है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगर इस युद्ध में अन्य देश खुलकर शामिल हो गए तो यह पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमले जारी हैं, जिससे स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। US-Iran War

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

बड़ा विमान हादसा: ‘रुको-रुको…’ की चीखें, ऑडियो में कैद हुए आखिरी पल; दोनों पायलटों की मौत

अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक दर्दनाक विमान हादसे ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। न्यूयॉर्क के LaGuardia Airport पर एयर कनाडा एक्सप्रेस के एक यात्री विमान की टक्कर रनवे पर मौजूद एक फायर-ट्रक से हो गई, जिसमें विमान के दोनों पायलटों की मौके पर ही मौत हो गई।

न्यूयॉर्क एयरपोर्ट विमान दुर्घटना
न्यूयॉर्क एयरपोर्ट विमान दुर्घटना
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 04:08 PM
bookmark

America News : अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक दर्दनाक विमान हादसे ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। न्यूयॉर्क के LaGuardia Airport पर एयर कनाडा एक्सप्रेस के एक यात्री विमान की टक्कर रनवे पर मौजूद एक फायर-ट्रक से हो गई, जिसमें विमान के दोनों पायलटों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से ठीक पहले का ऑडियो सामने आया है, जिसमें एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और क्रू की घबराहट साफ सुनाई देती है—बार-बार “Stop, Stop, Stop… (रुको-रुको)” की आवाजें रिकॉर्ड हुई हैं। 

रनवे पर फायर-ट्रक से टकराया विमान

जानकारी के मुताबिक यह विमान एयर कनाडा एक्सप्रेस की फ्लाइट AC8646 थी, जो कनाडा के मॉन्ट्रियल से न्यूयॉर्क आ रही थी। लैंडिंग के दौरान विमान की रनवे पर मौजूद एक एयरपोर्ट रेस्क्यू और फायर-फाइटिंग ट्रक से टक्कर हो गई। इस टक्कर में विमान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कॉकपिट तबाह हो गया, जिससे पायलट और को-पायलट की जान चली गई। 

विमान में 72 यात्री थे सवार

बताया जा रहा है कि विमान में कुल 72 यात्री और 4 क्रू मेंबर मौजूद थे। टक्कर के बाद कई यात्री घायल हो गए, जिनमें से करीब 11 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं फायर-ट्रक में मौजूद कुछ आपातकर्मी भी घायल हुए हैं। 

हादसे से पहले का ऑडियो आया सामने

इस दुर्घटना से ठीक पहले का एयर ट्रैफिक कंट्रोल का ऑडियो भी सामने आया है। रिकॉर्डिंग में कंट्रोलर ट्रक को बार-बार चिल्लाकर रोकने के लिए कह रहा था— “Stop… Stop… Truck one stop!” लेकिन कुछ ही सेकंड बाद विमान और ट्रक की टक्कर हो गई। ऑडियो में एक कंट्रोलर यह भी कहते सुना गया कि स्थिति संभालने की कोशिश में “शायद मुझसे गलती हो गई।” 

एयरपोर्ट को करना पड़ा बंद

हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से LaGuardia Airport को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे कई उड़ानों पर असर पड़ा। हादसे की जांच के लिए अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं। 

जांच में सामने आएंगे हादसे के असली कारण

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फायर-ट्रक को रनवे पार करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसी समय विमान लैंड कर रहा था। माना जा रहा है कि समन्वय की कमी और संचार में गड़बड़ी इस दुर्घटना की बड़ी वजह हो सकती है। हालांकि जांच एजेंसियां अभी सभी तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। यह हादसा एक बार फिर दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्टों में से एक में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। America News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमला : मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि इस हमले में अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई शामिल रही, जिससे क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

war (4)
नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Mar 2026 04:11 PM
bookmark

Iran–United States War : मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि इस हमले में अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई शामिल रही, जिससे क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

कैसे अंजाम दिया गया हमला?

मिली जानकारी के अनुसार यह हमला हवाई कार्रवाई के जरिए किया गया। सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए सटीक स्ट्राइक की गई।

कुछ सतही ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर मिली है इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति का आकलन कर रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्य परमाणु संरचना को बड़ा नुकसान नहीं हुआ। कोई रेडियोधर्मी रिसाव होने की पुष्टि नहीं हुई है और आसपास के इलाकों में जनजीवन सामान्य बताया जा रहा है।

हमले के पीछे की वजह

इस कार्रवाई को लंबे समय से चल रहे तनाव का हिस्सा माना जा रहा है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता पहले से बनी हुई है। इजरायल बार-बार इस कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताता रहा है। अमेरिका भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाता आया है। हमले के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और अन्य देशों की नजर भी इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।

वैश्विक स्तर पर असर

इस घटना का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं है। इस युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। तेल की कीमतों पर दबाव काफी बढ़ गया है। पूरे विश्व में तेल और गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। कई देशों ने दोनों पक्षों से शांति और संयम की अपील की है। नतांज परमाणु केंद्र पर हमला यह दिखाता है कि मध्य पूर्व का संकट एक नए और खतरनाक चरण में प्रवेश कर चुका है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।



संबंधित खबरें