अमेरिका और इजरायल ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर संक्षिप्त लेकिन तीव्र हमलों की विस्तृत योजना तैयार की है। पढ़े पूरी खबर?

Internatioanl News:अमेरिका और इजरायल ने नवंबर के मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ एक संक्षिप्त लेकिन गहन सैन्य अभियान चलाने की विशिष्ट योजनाएं विकसित की हैं। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन लगभग 3 दिनों तक चलेगा। यह घटनाक्रम गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को सामने आया है। इस योजना के तहत ईरान की परमाणु सुविधाओं, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और मिसाइल व ड्रोन शस्त्रागार को निशाना बनाया जाएगा। मध्य पूर्व में जारी यह संघर्ष वैश्विक ऊर्जा कीमतों को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और दिल्ली-एनसीआर में ईंधन की कीमतों और महंगाई पर पड़ेगा। Internatioanl News
इस सप्ताह अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इजरायल में प्रधानमंत्री बेंजामिनी नेतन्याहू से मुलाकात की। इसके साथ ही इराक के ऊपर उड़ानों सहित संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किए गए हैं। Internatioanl News
अक्टूबर की शुरुआत में इस तरह की योजनाएं लगभग तैयार थीं और 10 अक्टूबर के सप्ताहांत के लिए निर्धारित थीं, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें स्थगित कर दिया था। ट्रंप ने इससे पहले भी शुरुआती प्रस्तावों को खारिज किया था। Internatioanl News
योजनाओं में 'पिकएक्स माउंटेन' जैसी परमाणु सुविधाओं और मिसाइल डिपो को निशाना बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हालांकि, तेल रिफाइनरियों को छोड़ने की बात कही गई है ताकि तेल की कीमतों में अत्यधिक उछाल को रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान सफल रहता है, तो इससे ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा और वह रियायतें देने पर मजबूर हो सकता है। हालांकि, इससे व्यापक युद्ध का जोखिम भी बढ़ जाएगा और क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित होगी। Internatioanl News
वर्तमान में नवंबर की शुरुआत के लिए सैन्य बलों को क्षेत्र में एकत्रित किया जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप मिडटर्म चुनावों के बाद इस ऑपरेशन को अंतिम मंजूरी देंगे। फिलहाल राजनयिक प्रयास जारी हैं और ईरान की प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। Internatioanl News
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