बड़ी बीमारी से त्रस्त हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 12:08 PM
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बड़ी बीमारी से त्रस्त हैं। डोनाल्ड ट्रंप को जो बीमारी हुई है उस बीमारी का नाम में सठिया जाना। चेतना मंच ने इस विषय पर विशेष रिपोर्ट प्रकाशित की है। चेतना मंच की इस रिपोर्ट का शीर्षक है- ‘‘सठिया गया है अमेरिकी बुड्ढा डोनाल्ड ट्रंप”। यहां दिए जा रहे लिंक में आप उस पूरी रिपोर्ट को आसानी से पढ़ सकते हैं। Donald Trump
अब बात करते हैं डोनाल्ड ट्रंप की सठिया जाने वाली बीमारी की।
बड़ी रिसर्च में हुआ है डोनाल्ड ट्रंप वाली बीमारी का खुलासा
डोनाल्ड ट्रंप को सठियाने की बीमारी हो गयी है। दरअसल सठियाना सीधे तौर पर कोई बीमारी नहीं है। इंसान की 60 वर्ष की उम्र के बाद उसके दिमाग में बड़े बदलाव होते हैं। बढ़ती हुई उम्र में दिमाग में होने वाली कमजोरी एक बीमारी है। आम बोलचाल की भाषा में कहा जाता है कि यह बुड्ढा सठिया गया है। सठियाने का सीधा सम्बंध दिमाग की कमजोरी से है। एक रिसर्च में बताया गया है कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया भले ही कितनी धीमी और स्थिर प्रक्रिया हो, लेकिन उम्र के 2 पढ़ाव ऐसे हैं, जब शरीर में ऐजिंग के प्रमाण या कहें प्रोसेस बहुत तेजी से होते हैं. इस नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि उम्र बढ़ने के दो महत्वपूर्ण चरण लगभग 44 और 60 साल की उम्र में होते हैं, जिनके दौरान शरीर में कई प्रमुख परिवर्तन होते हैं. स्टैनफोर्ड यूनीर्वसिटी के जीनोमिक्स और पर्सनलाइज्ड मेडिसिन सेंटर के निदेशक प्रोफेसर माइकल स्नाइडर के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में 25 से 75 साल की उम्र के हजारों लोगों को लिया गया। इस स्टडी के लिए उनके विभिन्न अणुओं की निगरानी की गई। शोध में 108 वॉलेंटिर्य ने ब्लड और मल के सैंपल के अलावा स्किन, मुंह और नाक से स्वाब्स (सूक्ष्मजीवों के नमूने) दिए। इस अध्ययान के दौरान 135,000 विभिन्न अणुओं (RNA, प्रोटीन और मेटाबोलाइट्स) और सूक्ष्मजीवों (गट और त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और फंगी) का विश्लेषण किया गया।
उम्र के बदलाव साफ नजर आते हैं
इस खास रिसर्च के नतीजों में बताया गया कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया एक तरह से और क्रमिक नहीं होती। बल्कि, शरीर में परिवर्तन एक खास उम्र में तेजी से होते हैं. शरीर में ये बदलाव मुख्य रूप से उम्र के 2 पढ़ाव में ज्यादा देखने को मिलता है। उम्र के ये पढ़ाव हैं 44 और 60. रिसर्च बताती है कि 40 के दशक में उम्र का पहला बदलाव या कहें एजिग का असर दिखता है। इस उम्र में दिल की बीमारियों से जुड़े अणुओं, कैफीन, अल्कोहल और लिपिड्स के मेटाबोलिज़्म से जुड़े अणुओं में बदलाव देखा गया। यह बदलाव केवल महिलाओं में ही नहीं, बल्कि पुरुषों में भी समान रूप से देखे गए। उम्र का दूसरा पढ़ाव होता है, 60 के दशक में। इस उम्र में इम्यूनिटी सिस्टम, कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म और किडनी फंक्शन से जुड़े मॉलीक्यूल में बदलाव देखा गया है. त्वचा और मांसपेशियों की उम्र बढ़ने से जुड़े मॉलिक्यूल में भी परिवर्तन हुआ। बता दें कि एजिंग को लेकर कई रिसर्च हो रही हैं और वैज्ञानिक ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वो कौनसे फैक्टर हैं जो मनुष्य की उम्र बढ़ने के लिए जिम्मेदार हैं और इसे कैसे धीमा किया जा सकता है। सेल्यूलर लेवल पर बात करें तो उम्र के बढ़ने की प्रक्रिया असल में शरीर में आई कमियों की वजह से होती है जो लंबे समय के दौरान आती हैं। अब इसकी कुछ भी वजह हो सकती है, जैसे सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणें, न्यूट्रिशन आदि। 40 के दशक में आने वाले एजिंग के निशान बताते हैं कि इसका संबंध काफी हद तक जीवनशैली से होता है। वहीं शोध के अनुसार, 60 के दशक के बाद हृदय रोग और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ जाता है।
अब आप समझ गए होंगे कि 79 वर्ष की उम्र के हो चुके डोनाल्ड ट्रंप वास्तव में सठिया गए हैं। सठिया जाने के कारण ही अमेरिका का बुड्ढा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उल्टे-सीधे फैसले कर रहा है। Donald Trump