विदेशी छात्रों पर अमेरिका का शिकंजा: अब वीजा से पहले जांचे जाएंगे इंस्टाग्राम और फेसबुक
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 04:43 PM
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे लाखों विदेशी छात्रों के लिए बुरी खबर है। ट्रंप प्रशासन ने अब स्टूडेंट वीजा को लेकर सख्ती और बढ़ा दी है। नई नीति के तहत वीजा जारी करने से पहले आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की जाएगी। इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों समेत दुनिया भर के छात्रों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
क्या है नया आदेश?
डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार ने सभी देशों के दूतावासों को निर्देश दिए हैं कि वे स्टूडेंट वीजा के नए इंटरव्यू फिलहाल रोक दें। पहले से तय इंटरव्यूज तो होंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी नए अपॉइंटमेंट को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
इस आदेश का सबसे बड़ा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जो अभी वीजा प्रक्रिया के शुरुआती दौर में हैं।
सोशल मीडिया होगी वीजा का आधार
नई गाइडलाइंस के मुताबिक अब छात्र के इंस्टाग्राम, फेसबुक, टिकटॉक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की गई पोस्ट, लाइक, कमेंट और शेयर को स्कैन किया जाएगा। यदि इनमें से कोई भी गतिविधि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानी गई, तो वीजा आवेदन को तत्काल रद्द कर दिया जाएगा।
इस तरह का कदम पहली बार नहीं है, लेकिन इस बार स्कैनिंग प्रक्रिया को और व्यापक और अनिवार्य बना दिया गया है।
विश्वविद्यालयों पर भी गिरी गाज
हाल ही में हार्वर्ड और कोलंबिया यूनिवर्सिटी पर यहूदी विरोधी और अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों को प्रोत्साहित करने के आरोप लगे थे। ट्रंप प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए हार्वर्ड विश्वविद्यालय का सरकारी अनुदान भी रोक दिया है।
अब इस तरह की गतिविधियों से निपटने के लिए सरकार ने छात्रों के सोशल मीडिया इतिहास की जांच को प्राथमिकता दी है, ताकि "संदिग्ध सोच" रखने वालों को शुरुआत में ही रोका जा सके।
आर्थिक असर भी संभावित
विदेशी छात्रों के वीजा में रुकावट केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, इसका सीधा असर अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में करीब 10 लाख विदेशी छात्रों से अमेरिका को 43.8 अरब डॉलर की आय हुई थी। यूनिवर्सिटीज़ इन छात्रों से मिलने वाली फीस पर बहुत हद तक निर्भर करती हैं।
गोपनीयता पर सवाल
ट्रंप प्रशासन की इस सख्ती से छात्रों की निजता (privacy) को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया स्कैनिंग से छात्रों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधा महसूस हो सकती है। विश्वविद्यालयों ने भी इस नीति पर चिंता जताई है।
अमेरिका में पढ़ाई का सपना अब केवल मेरिट और स्कोर पर निर्भर नहीं रहेगा। आपकी डिजिटल मौजूदगी, यानी इंस्टाग्राम की एक पोस्ट या फेसबुक पर किया गया एक कमेंट , अब आपके स्टूडेंट वीजा का फैसला कर सकता है। ऐसे में छात्रों को अब अपनी ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर पहले से अधिक सतर्क रहना होगा।
जनता की जेब पर बिजली का करंट: जून में 4.27% महंगा होगा बिजली बिल