ईरान पर US-इजराइल के हमले के बाद वैश्विक नेताओं ने जताई गहरी चिंता

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, "वॉशिंगटन और तेल-अवीव ने एक बार फिर एक खतरनाक एडवेंचर शुरू किया है, जो तेजी से इस इलाके को मानवीय, आर्थिक और रेडियोलॉजिकल तबाही के कगार पर ला रहा है।" मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका का मकसद ईरान की संवैधानिक व्यवस्था को खत्म करना और वहां की सरकार को उखाड़ फेंकना है।

Israel US Airstrike
ईरान और अमेरिका-इजराइल में जंग (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 10:38 PM
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Israel US Airstrike: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों के बाद मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) का माहौल एक बार फिर तूफानी हो गया है। इस बड़े सैन्य कार्रवाई के बाद दुनिया भर के नेताओं ने इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संघर्ष को लेकर गहरी चिंता जताई है। वैश्विक स्तर पर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है, जबकि रूस ने इस हमले को 'खतरनाक एडवेंचर' करार दिया है।

क्या है हालात?

अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर एक बड़ा संयुक्त हवाई हमला किया। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से अपनी किस्मत खुद तय करने और इस्लामिक लीडरशिप के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील की। इसके जवाब में, ईरान ने भी बहरीन, अबू धाबी, दुबई और रियाद समेत मिडिल ईस्ट के कई महत्वपूर्ण इलाकों पर जवाबी हमले किए, जिससे तनाव और बढ़ गया।

रूस का बयान- 'तबाही का खतरा'

रूस ने ईरान पर हमलों की सबसे सख्त आलोचना की है। क्रेमलिन ने इसे एक 'खतरनाक एडवेंचर' बताया है और अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील की है। रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत सिर्फ एक 'कवर' थी।

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, "वॉशिंगटन और तेल-अवीव ने एक बार फिर एक खतरनाक एडवेंचर शुरू किया है, जो तेजी से इस इलाके को मानवीय, आर्थिक और रेडियोलॉजिकल तबाही के कगार पर ला रहा है।" मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका का मकसद ईरान की संवैधानिक व्यवस्था को खत्म करना और वहां की सरकार को उखाड़ फेंकना है।

कतर ने ईरानी मिसाइलों को किया इंटरसेप्ट

कतर, जहां अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा है, ने ईरान के जवाबी हमले को लेकर सख्त रुख अपनाया। दोहा में कई धमाके सुनाई दिए, जिसके बाद कतर की रक्षा व्यवस्था ने ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट (रोक) कर लिया।

कतर के विदेश मंत्रालय ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों द्वारा कतर के इलाके को निशाना बनाना राष्ट्रीय संप्रभुता का खुला उल्लंघन है।" कतर ने साफ कर दिया कि उसे इस हमले का जवाब देने का पूरा अधिकार सुरक्षित है।

EU और UK ने दिखाई चिंता

यूरोपीय संघ (EU) ने इस घटनाक्रम को 'खतरनाक' बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है। यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने न्यूक्लियर सुरक्षा सुनिश्चित करने को 'महत्वपूर्ण' बताया। EU की टॉप डिप्लोमैट काजा कैलास ने इलाके से गैर-जरूरी स्टाफ को वापस बुला लिया है।

वहीं, ब्रिटेन ने साफ किया कि उसने US-इजराइल के इस हमले में कोई हिस्सा नहीं लिया है। ब्रिटिश सरकार ने कहा, "हम नहीं चाहते कि तनाव और बढ़े और यह बड़े इलाके के झगड़े में बदल जाए।" उसने अपनी प्राथमिकता वहां मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा बताई।

यूक्रेन और फ्रांस का रुख

यूक्रेन ने ईरान पर हमलों के लिए खुद ईरानी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। यूक्रेन ने कहा कि ईरानी शासन की अपने ही लोगों और दूसरे देशों के खिलाफ हिंसा और मनमानी ही इस स्थिति का कारण बनी। फ्रांस ने भी अपनी प्राथमिकता अपने नागरिकों और इस क्षेत्र में तैनात अपनी सेनाओं की सुरक्षा को बताया। पेरिस ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है।

अफ्रीकी संघ और रेड क्रॉस की चेतावनी

अफ्रीकी संघ (African Union) ने तत्काल तनाव कम करने और बातचीत की अपील की है। संगठन ने चेतावनी दी कि इस संघर्ष से अफ्रीका की आर्थिक सुरक्षा पर बुरा असर पड़ सकता है और वैश्विक अस्थिरता बढ़ सकती है। इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) की प्रेसिडेंट मिरजाना स्पोलजारिक ने चेतावनी दी कि यह लड़ाई पूरे इलाके में एक खतरनाक चेन रिएक्शन पैदा कर सकती है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा। उन्होंने देशों से युद्ध के नियमों का सम्मान करने और मौत-तबाही रोकने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने को कहा। Israel US Airstrike

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संयुक्त हमले से हड़कंप, रक्षा मंत्री की मौत का दावा, IRGC नेतृत्व पर वार

इजरायली रक्षा सेना (IDF) ने इस हमले को 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' का नाम दिया है। IDF ने पश्चिमी ईरान में सैकड़ों ठिकानों पर किए गए हमले का वीडियो जारी कर दावा किया है। IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी बयान में कहा।

Iran-Israel War
रक्षा मंत्री की हत्या के बाद क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 09:19 PM
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Iran-Israel War: मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव एक बार फिर से बर्दाश्त से बाहर हो गया है। इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त एयरस्ट्राइक में ईरान के रक्षा मंत्री आमिर नसीरजादेह (Amir Nasirzadeh) और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर (Mohammad Pakpour) के मारे जाने की खबर सामने आई है। यह हमला उस समय किया गया जब ईरान की ओर से इजरायल पर बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी की जा रही थी।

रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख की मौत

समाचार एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह हुए इस भीषण हमले में ईरान को बड़ा झटका लगा है। इजरायल और अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें रक्षा मंत्री और IRGC कमांडर की जान चली गई। एक इजरायली अधिकारी के मुताबिक, इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ali Khamenei) और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) को भी निशाना बनाया गया। जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद पाकपुर ने हाल ही में IRGC की कमान संभाली थी। उनके पूर्व चीफ हुसैन सलामी को जून 2025 के युद्ध की शुरुआत में ही इजरायल ने मार डाला था, जिसके बाद से कमान का दायरा बदलता रहा था।

'ऑपरेशन रोरिंग लायन' और IDF का वीडियो

इजरायली रक्षा सेना (IDF) ने इस हमले को 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' (Operation Roaring Lion) का नाम दिया है। IDF ने पश्चिमी ईरान में सैकड़ों ठिकानों पर किए गए हमले का वीडियो जारी कर दावा किया है। IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी बयान में कहा, "ईरानी सरकार की जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल यूनिट जब एक मिसाइल लॉन्चर को लोड कर रही थी और तुरंत इजरायल की ओर लॉन्च करने की तैयारी में थी, तब हमने खतरे की पहचान कर तुरंत हमला बोल दिया। इस कार्रवाई से इजरायल की ओर होने वाले लॉन्च को सफलतापूर्वक रोका गया।"

ईरान ने दिया जवाब, अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिका और इजरायल के इस बड़े हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार कर दिया है। ईरान ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना की पांचवीं फ्लीट (US Navy 5th Fleet) के मुख्यालय को भी अपनी मिसाइलों का निशाना बनाया है। इस जवाबी हमले का वीडियो भी सामने आ चुका है, जिससे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध की स्थिति बन गई है।

क्या है अभी तक की स्थिति?

मौजूदा स्थिति में ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के खिलाफ इजरायल की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख की मौत के बाद ईरान में हड़कंप मचा हुआ है और दुनियाभर में इस टकराव को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। दोनों तरफ से लगातार हमले और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है, जिससे तेल अवीव और तेहरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। Iran-Israel War

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इजरायल-ईरान तनाव
इजरायल-ईरान तनाव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Feb 2026 01:26 PM
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Israel Iran War : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल और ईरान के बीच टकराव की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल ने ईरान को निशाना बनाकर हमला किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि देशभर में आपातकाल लागू कर दिया गया है। वहीं, ईरान की राजधानी तेहरान में कई इलाकों से धुएं के गुबार उठने की बातें सामने आ रही हैं, हालांकि ईरानी प्रशासन की ओर से तत्काल आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस घटनाक्रम को ऐसे समय में बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, जब क्षेत्र पहले से ही अस्थिर हालात से गुजर रहा है। इसी बीच इजरायल-ईरान तनाव का तेज होना पूरे क्षेत्र के लिए बड़े जोखिम का संकेत माना जा रहा है।

इजरायल में बजा सायरन

हमले की खबरों के बाद इजरायल के कई हिस्सों में एक साथ सायरन बजने लगे। इजरायली सेना का कहना है कि ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आपातकाल के तहत सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एपी (AP) के हवाले से आई जानकारी में दावा किया गया है कि शनिवार सुबह तेहरान में धमाके सुने गए। कुछ स्थानीय लोगों ने भी विस्फोट जैसी आवाजें सुनने की बात कही है। हालांकि, ईरानी सरकार की तरफ से इस संबंध में तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे हालात को लेकर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

अमेरिका की भूमिका पर बढ़ी नजरें

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका की संभावित भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन समाधान निकलता फिलहाल आसान नहीं दिख रहा। डोनाल्ड ट्रंप पहले भी यह संकेत दे चुके हैं कि यदि वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो सैन्य विकल्प से इनकार नहीं किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान की ओर से इजरायल पर बड़ा जवाबी हमला होता है, तो अमेरिका की सक्रिय भूमिका की संभावना बढ़ सकती है और इससे संघर्ष का दायरा और व्यापक हो सकता है।

अमेरिकी राजदूत ने तुरंत प्रस्थान की चेतावनी जारी की

तनाव बढ़ने के संकेत पहले से दिख रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने शुक्रवार को सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए दूतावास के कर्मचारियों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि जो लोग जाना चाहते हैं, वे देरी न करें और बेन-गुरियन एयरपोर्ट से उपलब्ध उड़ानों में सीटें सुरक्षित कर लें। हकाबी ने संदेश में यह भी कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्थिति बिगड़ने से पहले तैयारी जरूरी है। चेतावनी का संदर्भ इसी आशंका से जोड़ा जा रहा है कि सैन्य कार्रवाई की स्थिति में इजरायल को ईरान या उसके सहयोगी गुटों की जवाबी कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है। Israel Iran War

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