फेरबदल फाइनल! मोदी-शाह से मिले CM योगी, संगठन में बड़े बदलाव की दस्तक
Uttar Pradesh Samachar
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 11:43 PM
Uttar Pradesh Samachar : उत्तर प्रदेश में बीजेपी का संगठनात्मक पुनर्गठन और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल अब औपचारिक रूप लेने को है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को दिल्ली पहुंचे और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से तीन अहम बैठकें कीं। पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फिर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अंत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से करीब तीन घंटे तक बातचीत की।
प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश में भूपेंद्र चौधरी की जगह नए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति लंबे समय से अटकी है। लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी इस पर अंतिम निर्णय लेने के करीब है। सूत्रों के अनुसार, सीएम योगी ने शीर्ष नेतृत्व के समक्ष प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखी है न केवल नाम सुझाया है बल्कि यह भी बताया कि मौजूदा राजनीतिक समीकरणों और सामाजिक संतुलन को देखते हुए कौन चेहरा पार्टी के लिए फायदेमंद रहेगा। 2027 में विधानसभा चुनावों की अगुवाई इसी नए अध्यक्ष को करनी है, इसलिए पार्टी बेहद सोच-समझकर कदम बढ़ा रही है। योगी की पसंद को भी गंभीरता से लिया जा रहा है ताकि संगठन और सरकार में समन्वय बेहतर हो।
कैबिनेट में जल्द फेरबदल की तैयारी
प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति से पहले ही योगी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल संभव है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में योगी की मुलाकातों में मंत्रिमंडल पुनर्गठन पर भी विस्तार से चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किन मंत्रियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा और किन नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस बातचीत के बाद संकेत मिल रहे हैं कि कुछ पुराने चेहरों की छुट्टी हो सकती है और संगठन के साथ सामंजस्य बैठाने वाले नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।
नाराज नेताओं की भी खुली फाइलें
दिल्ली में हुई इन बैठकों में पार्टी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री के सामने सहयोगी दलों और पार्टी के भीतर नाराज नेताओं की शिकायतें भी रखीं। जवाब में योगी ने उन नेताओं के कामकाज की पूरी रिपोर्ट टेबल पर रख दी। नौकरशाही से जुड़ी समस्याएं, नेताओं की उपेक्षा और संगठन में संवाद की कमी जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
2027 की तैयारी शुरू
बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो पार्टी अब 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रही है। शीर्ष नेतृत्व ने योगी को स्पष्ट संदेश दिया है कि न केवल संगठन और सरकार में तालमेल बैठाना जरूरी है, बल्कि सहयोगी दलों के साथ भी संतुलन बनाकर चलना होगा। दिल्ली की इन मुलाकातों के तुरंत बाद योगी और दोनों डिप्टी सीएम की पश्चिमी यूपी में साझा उपस्थिति को इसी रणनीतिक संतुलन की कड़ी माना जा रहा है।