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भारत और अमेरिका अपनी रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत कर रहे हैं। दोनों देश द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों के ज़रिए सैन्य स्तर पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

India-US Relations : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी अमेरिका की यात्रा पर हैं। यह सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों की अमेरिका की लगातार तीसरी हाई-प्रोफ़ाइल यात्रा है। नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके त्रिपाठी ने पिछले साल नवंबर में अमेरिका का दौरा किया था, जबकि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह ने पिछले महीने ही अमेरिका की यात्रा की थी।
इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मज़बूत बनाने के लिए 10 साल के रक्षा फ़्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते पर ASEAN रक्षा मंत्रियों की मीटिंग प्लस (ADMM-Plus) के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। यह बैठक मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित की गई थी।
भारत-अमेरिका के बीच उच्च-स्तरीय रक्षा बैठक
टाइम्स ऑफ इंडिाय की रिपोर्ट के मुताबिक वॉशिंगटन, डीसी स्थित भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया पर जनरल द्विवेदी के दौरे के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "यह दौरा, जो सीएनएस और सीएएस के हालिया दौरों के ठीक बाद हो रहा है, भारत और अमेरिका के बीच उच्च-स्तरीय सैन्य-से-सैन्य आदान-प्रदान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। उम्मीद है कि यह रक्षा संबंधों को और मज़बूत करेगा, जो एक स्वतंत्र, खुला और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने की दिशा में हमारी रणनीतिक साझेदारी का एक मुख्य आधार है।"
भारत और अमेरिका अपनी रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत कर रहे हैं। दोनों देश द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों के ज़रिए सैन्य स्तर पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। दोनों देश जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ 'क्वाड' समूह का भी हिस्सा हैं, साथ ही UAE और इज़रायल के साथ 'I2U2' समूह में भी शामिल हैं।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों के विचारों में समानता
दोनों देशों के इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर विचारों में काफी समानता है। नई दिल्ली और वॉशिंगटन डीसी, एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करते हैं जबकि चीन इस क्षेत्र में लगातार अपनी दखलअंदाज़ी बढ़ा रहा है।
भारत और चीन, दोनों ही संयुक्त राज्य अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) के दायित्व क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं; यह क्षेत्रफल के लिहाज़ से अमेरिका का सबसे बड़ा लड़ाकू कमांड है।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पैसिफिक कमांड के कमांडर, जनरल रोनाल्ड पी. क्लार्क से मुलाकात की। दोनों जनरलों ने रक्षा सहयोग को मज़बूत करने और इंडो-पैसिफिक के साझा विज़न को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
भारतीय सशस्त्र बल वर्तमान में US से हासिल किए गए कई तरह के रक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।
दोनों देशों ने सैन्य और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इनमें US-India COMPACT (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के अवसरों को बढ़ावा देना), Logistics Exchange Memorandum of Agreement (LEMOA), Communications Compatibility and Security Agreement (COMCASA), और Industrial Security Agreement (ISA) जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों की सेनाओं के बीच ये जुड़ाव दिखाते हैं कि कैसे दोनों देश, महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक उथल-पुथल के समय, व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।
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