अमेरिका में शराब से क्यों मुंह मोड़ रहे हैं लोग? वजह चौंकाने वाली
भारत
चेतना मंच
20 Aug 2025 11:58 AM
"ग़ालिब छूटी शराब पर अब भी कभी-कभी, पीता हूं रोज़-ए-अब्र ओ शब-ए-माहताब में..." ग़ालिब की ये पंक्तियां सिर्फ एक शायराना इजहार नहीं हैं, बल्कि उस मनोस्थिति को बयां करती हैं जब कोई इंसान शराब छोड़ने की कोशिश तो करता है लेकिन कभी-कभी उसकी ओर लौट भी आता है। लेकिन अमेरिका में अब जो बदलाव देखने को मिल रहा है वो ग़ालिब की सोच से थोड़ा अलग है लोग अब सचमुच शराब से दूरी बना रहे हैं और ये बदलाव अचानक नहीं बल्कि एक जागरूक सोच का नतीजा है। International News
अमेरिका में शराब पीने वालों की संख्या घटी
हाल ही में सामने आए गैलप सर्वे के मुताबिक, अमेरिका में अब सिर्फ 54% लोग ही शराब पीते हैं। ये आंकड़ा पिछले 90 सालों में सबसे कम है। 1939 से गैलप अमेरिका में शराब पीने के ट्रेंड्स पर नजर रख रहा है। तब 58% लोग शराब पीते थे। यह आंकड़ा 1981 में 71% तक पहुंच गया था। लेकिन 2023 में ये घटकर 62% हुआ और 2024 में 58%। अब 2025 में सिर्फ 54% लोग शराब पी रहे हैं।
सेहत बनी वजह
अमेरिकी आबादी अब हेल्थ को लेकर कहीं ज्यादा सजग हो गई है। एक बड़ा तबका मानता है कि थोड़ी सी शराब भी शरीर के लिए हानिकारक है। 2025 के गैलप सर्वे में 53% लोगों ने कहा कि मॉडरेट ड्रिंकिंग यानी दिन में 1-2 पैग शराब पीना भी सेहत के लिए नुकसानदेह है। 2018 में ऐसा मानने वालों की संख्या सिर्फ 28% थी। 2023 में ये बढ़कर 39% हुई, 2024 में 45% और अब 2025 में ये 53% हो गई है।इस सोच में सबसे ज्यादा बदलाव महिलाओं में देखा गया है 60% महिलाएं मानती हैं कि सीमित मात्रा में शराब भी हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 47% है।
महिलाएं और युवा बना रहे हैं दूरी
2023 के सर्वे में पता चला कि महिलाओं में शराब पीने का क्रेज पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा घटा है। महिलाओं में 11% की गिरावट दर्ज की गई जबकि पुरुषों में यह गिरावट सिर्फ 5% रही। इसी तरह युवा भी अब हेल्थ और फिटनेस को लेकर काफी गंभीर हो चुके हैं। 10 साल पहले से ही युवाओं में शराब पीने का चलन कम हो रहा था। 2023 में 59% युवा शराब पीते थे, 2025 में यह आंकड़ा गिरकर 50% हो गया है। यानी अब युवा पीढ़ी शराब से दूरी बनाकर हेल्दी लाइफस्टाइल को तवज्जो दे रही है।
शराब पीने की फ्रीक्वेंसी भी घटी
जो लोग अब भी शराब पी रहे हैं, उनके पीने के तरीके और मात्रा में भी बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। सिर्फ 24% लोग कहते हैं कि उन्होंने पिछले 24 घंटे में शराब पी है। 40% लोगों को शराब पिए एक हफ्ता हो गया है। पिछले 7 दिनों की औसत खपत सिर्फ 2.8 पैग रही है, जो 1996 के बाद सबसे कम है। 2003 में यह औसत खपत 5.1 पैग थी।
वाइन का क्रेज भी बरकरार
अमेरिका में अब भी बीयर सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। 39% लोग बीयर को अपनी पहली पसंद मानते हैं। 30% लिकर (व्हिस्की, वोडका आदि) को और 29% लोग वाइन को प्राथमिकता देते हैं। जेंडर के हिसाब से देखा जाए 52% पुरुष बीयर को पसंद करते हैं जबकि 44% महिलाएं वाइन को। युवा वाइन की ओर झुक रहे हैं जबकि मिडिल एज और बुजुर्ग बीयर को तवज्जो दे रहे हैं।
नहीं हुआ कोई बड़ा इजाफा
यह बदलाव किसी और नशे की तरफ रुझान की वजह से नहीं हुआ है। भले ही अमेरिका के कई राज्यों में मनोरंजन के लिए मारिजुआना (गांजा) लीगल हो चुका है, लेकिन 2021 से अब तक उसके इस्तेमाल में कोई बड़ा इजाफा नहीं हुआ है। CDC की 2024 रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में हर साल करीब 1,78,000 लोगों की मौत शराब से जुड़ी वजहों से होती है यानी हर दिन औसतन 490 मौतें। इनमें शामिल हैं लिवर की बीमारियां, हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा और अन्य दुर्घटनाएं।
पुरुषों में मौत का आंकड़ा ज्यादा
हर साल लगभग 1.19 लाख पुरुषों की मौत जबकि महिलाओं में यह संख्या 58,700 है। अगर बात करें भारत की तो भारत की कुल आबादी 140 करोड़ है जिनमें से करीब 30 करोड़ लोग शराब पीते हैं। इनमें से लगभग आधे लोग सस्ती या अनब्रांडेड शराब का सेवन करते हैं। सिर्फ अप्रैल-जून 2024 की तिमाही में शराब की बिक्री में बढ़त दर्ज की गई जो इस प्रकार है-व्हिस्की 7%, रम 9%, वोडका 14% यानी भारत में फिलहाल शराब की मांग बढ़ रही है जबकि अमेरिका में लोग इससे मुंह मोड़ रहे हैं।
अमेरिका में यह बदलाव धीरे-धीरे आया है लोगों ने पहले सीमित मात्रा में पीने की आदत को कम किया, फिर धीरे-धीरे पूरी तरह से शराब से तौबा की। आज वहां लोग यह मान चुके हैं कि थोड़ी सी भी शराब हेल्थ के लिए खतरनाक है। अब सवाल यह है कि क्या भारत भी इस सोच की ओर बढ़ेगा? क्या यहां भी शराब को लेकर समाज में उतनी ही गंभीरता आएगी जितनी अब अमेरिका में दिखाई दे रही है? शायद जवाब आने वाले सालों में ही मिलेगा। International News