
दुबई का नाम पूरी दुनिया जानती है। दुबई को दुनिया का अमीर शहर माना जाता है। दुबई, दुनिया के नक्शे पर सिर्फ अपने महंगे शॉपिंग मॉल और लक्जरी होटल्स के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी चमकदार और हाईटेक सड़क व्यवस्था के लिए भी जाना जाता है। हाल ही में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान ने दुबई की सड़कों पर लोगों की दिलचस्पी को फिर से हवा दे दी। गडकरी ने बताया कि दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा था, “गडकरी जी को छह महीने के लिए दुबई भेज दीजिए। अब सभी की नजरें दुबई की सड़क व्यवस्था पर टिक गई हैं—क्या सच में यह सड़कें पैदल चलने वालों और ड्राइवरों के लिए किसी सपनों के शहर जैसी हैं? आइए, इस रहस्य की पड़ताल करते हैं। Dubai News
दुबई की सड़कें सिर्फ चौड़ी और हाईटेक नहीं हैं, बल्कि पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी बेहद सुरक्षित मानी जाती हैं। दुबई की रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) ने हाल ही में शेख राशिद स्ट्रीट और अल मीना स्ट्रीट पर दो नए पैदल यात्री पुल बनाए हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि दुबई सच में पैदल चलने वालों का “सपनों का शहर” बनता जा रहा है। इतना ही नहीं, छह और ब्रिज निर्माणाधीन हैं। इनमें से पांच इस साल के अंत तक खुल जाएंगे, जबकि छठा 2027 में तैयार होगा। RTA का कहना है कि 2030 तक दुबई में कुल 23 और पैदल पुल बनेंगे। इनका उद्देश्य सिर्फ़ सड़क सुरक्षा बढ़ाना ही नहीं, बल्कि दुबई को एक ऐसा शहर बनाना है, जहां पैदल चलना और साइकिल चलाना भी स्टाइलिश और मज़ेदार अनुभव बन जाए। Dubai News
दुबई में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए लगातार नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। 2006 में शहर में केवल 26 पैदल ब्रिज और अंडरपास थे, लेकिन 2024 तक यह संख्या बढ़कर 177 हो गई है—यानी 581% का जबरदस्त इजाफा! इन ब्रिजों ने रिहायशी इलाकों को शहर के बड़े आकर्षणों से जोड़ दिया है, ताकि लोग गाड़ियों में फंसने की बजाय पैदल चलें, साइकिल चलाएँ और सड़क का मज़ा लें। दुबई में पैदल चलना अब सिर्फ ज़रूरी नहीं, बल्कि स्टाइल और स्मार्टनेस का हिस्सा भी बन गया है। Dubai News
RTA के अनुसार, दुबई में पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए सुरक्षित रास्तों ने कमाल कर दिया है। 2007 में 100,000 लोगों पर सड़क हादसों में 9.5 मौतें होती थीं, लेकिन 2024 तक यह संख्या घटकर सिर्फ 0.3 रह गई—यानी 97% की जबरदस्त कमी! इतना ही नहीं, पैदल यात्रियों की संतुष्टि भी बढ़कर 88% तक पहुँच गई है। दुबई के लोग अब पैदल चलने और साइकिल चलाने में भी आनंद लेने लगे हैं। 2023 में शहर में 307 मिलियन पैदल यात्राएं हुईं, जो 2024 में बढ़कर 326 मिलियन तक पहुँच गईं। साफ़ है, दुबई ने साबित कर दिया कि पैदल चलना अब सिर्फ ज़रूरी नहीं, बल्कि सुरक्षित, स्मार्ट और स्टाइलिश भी है। Dubai News
दुबई के पैदल ब्रिज सिर्फ सुरक्षित ही नहीं, बल्कि देखने में भी भव्य और आकर्षक हैं। शेख जायेद रोड पर बना पैदल और साइकिल ब्रिज 528 मीटर लंबा है, जो शहर की शान बढ़ाता है। वहीं, अल खैल रोड पर 501 मीटर लंबा ब्रिज सूरज की किरणों से प्रेरित डिजाइन में तैयार किया गया है, जो देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देता है। अल मनारा स्ट्रीट पर 45 मीटर लंबा ब्रिज अल क्वोज क्रिएटिव जोन को पास के आकर्षणों से जोड़ता है। इन ब्रिजों में सिर्फ सुंदरता ही नहीं, बल्कि आधुनिक टेक्नोलॉजी भी भरी हुई है—लिफ्ट, सीढ़ियाँ, इलेक्ट्रोमैकेनिकल सिस्टम, फायर अलार्म और रिमोट मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएँ इसे पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहद स्मार्ट और आरामदायक बनाती हैं। दुबई में पैदल चलना अब सिर्फ सुरक्षित नहीं, बल्कि एक अनुभव और स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है।
दुबई का ट्रैफिक सेफ्टी मिशन बिलकुल साफ है – Zero Fatalities। यानी कोशिश यही है कि सड़क हादसों में किसी की भी जान न जाए। इसके लिए शहर में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित रास्ते, अलग ब्रिज और साइलेंट ज़ोन बनाए गए हैं। सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, दुबई ने पैदल और साइकिल यात्रा को स्टाइलिश और मज़ेदार अनुभव में बदल दिया है। साइकिलिंग और ई-स्कूटर कल्चर को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि लोग ट्रैफिक जाम में फंसे बिना भी शहर की सड़कों का आनंद ले सकें। दुबई में सड़क पर चलना अब सिर्फ जरुरत नहीं, बल्कि एडवेंचर और स्मार्टनेस का हिस्सा बन गया है।
दुबई की सड़कें दुनिया में अपनी स्मूदनेस के लिए मशहूर हैं, और इसका राज है AI और लेजर टेक्नोलॉजी से होने वाला हाईटेक मेंटेनेंस। Khaleej Times की खबर के मुताबिक, RTA सड़क की खामियों को पकड़ने के लिए खास Laser Crack Measurement System (LCMS) गाड़ियाँ इस्तेमाल करता है। इन गाड़ियों में कैमरे, लेजर और इन्फ्रारेड सेंसर लगे होते हैं, जो सड़क पर दरारें, गड्ढे और 14 अलग-अलग तरह की खामियों को तुरंत पहचान लेते हैं। सिर्फ़ इतना ही नहीं, दूसरी गाड़ियाँ 12 लेजर और 4 कैमरों के साथ सड़क की स्मूदनेस को International Roughness Index (IRI) से मापती हैं। दुबई का IRI स्कोर 0.9 है, यानी दुनिया की सबसे स्मूद सतहों में शामिल। मतलब, दुबई की सड़कें इतनी स्मूद हैं कि यहां ड्राइविंग भी एक तरह का लक्ज़री अनुभव बन जाती है। Dubai News
दुबई ने सफाई के मामले में भी खुद को साबित कर दिया है। Global Power City Index (GPCI) के अनुसार, यह लगातार पाँचवीं बार दुनिया का सबसे साफ शहर बना है। इसके पीछे 3,200 से ज्यादा क्लीनिंग इंजीनियर्स और सुपरवाइजर्स की दिन-रात मेहनत है। शहर की 2,400 किलोमीटर लंबी सड़कें, 1,419 वर्ग किलोमीटर इन्वेस्टमेंट जोन और 33.4 किलोमीटर लंबे वाटर कैनाल और क्रीक्स नियमित रूप से साफ किए जाते हैं। यानी दुबई में सड़कें सिर्फ स्मूद और सुरक्षित ही नहीं, बल्कि चमचमाती, कचरे से मुक्त और देखने में भी शानदार हैं। Dubai News