आखिर भारत से मुंह क्यों फुलाए हैं Trump, ले बैठे एक और बड़ा फैसला
Donald Trump
भारत
चेतना मंच
31 Jul 2025 04:19 PM
भारत को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एक और आर्थिक झटका लगा है। सात अमेरिकी कार्यकारी आदेश (E.O. 13846) के तहत छह भारतीय कंपनियों को ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग से जुड़े कारोबारी लेन-देन के आरोप में प्रतिबंधित किया गया है। इस कदम के ठीक एक दिन पहले ट्रंप ने भारत से आयात पर 24 फीसद टैरिफ और रूस से ऊर्जा व सैन्य खरीद पर अस्पष्ट पेनेल्टी की घोषणा की थी जो 01 अगस्त 2025 से लागू होगी। Donald Trump
छह प्रतिबंधित भारतीय कंपनियां
कंचन पॉलिमर्स: तानाइस ट्रेडिंग से पॉलीइथिलीन सहित लगभग 1.3 मिलियन डॉलर मूल्य के ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद के लिए प्रतिबंधित।
अलकेमिकल सॉल्यूशंस प्रा.लि. : जनवरी-दिसंबर 2024 के दौरान 84 मिलियन डॉलर से अधिक का आयात।
रामनीकलाल एस. गोसालिय & कंपनी: जनवरी 2024-जनवरी 2025 में मेथनॉल, टोल्यून सहित 22 मिलियन डॉलर मूल्य के ईरानी उत्पाद।
जुपिटर डाई केम प्रा.लि. : 49 मिलियन डॉलर से अधिक टोल्यून आदि का व्यापार।
ग्लोबल इंडस्ट्रियल केमिकल्स लिमिटेड: जुलाई 2024-जनवरी 2025 में 51 मिलियन डॉलर से अधिक के पतिरोकेमिकल आयात के आरोप में।
पर्सिस्टेंट पेट्रोकेम प्रा.लि. : बाब अल बरशा सहित स्रोतों से 14 मिलियन डॉलर मूल्य के उत्पादों की शिपिंग अक्टूबर-दिसंबर 2024 में हुई।
ट्रंप का व्यापक व्यापार असमंजस्य
ट्रंप ने कहा कि भारत के टैरिफ सिस्टम अत्यधिक ऊंचे और व्यापार में बाधक हैं और साथ ही रूस से ऊर्जा व हथियार खरीदने की प्रवृत्ति अस्वीकार्य है। इसीलिए वह अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाए जाने के संकेत दे रहे हैं। अमेरिकी सलाहकार केविन हैसेट ने संकेत दिए हैं कि व्यापक पेनल्टी से संबंधित विवरण जल्द ही जारी किए जाएंगे। इस घोषणा के ठीक पहले अमेरिका ने यूरोपीय संघ, जापान, UK, इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ व्यापार समझौते तय किए हैं।
भारत के लिए खतरे और चुनौतियां
विशेषकर ऑटो, फार्मा, स्टील, एल्युमीनियम, स्मार्टफोन, सोलर मॉड्यूल, आभूषण, कृषि उत्पाद जैसे निर्यात-निर्भर सेक्टर 25% टैरिफ से प्रभावित हो सकते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था और जीडीपी पर इस फैसले के गंभीर दुष्प्रभाव रहने की चेतावनी दी जा रही है, खासतौर पर निर्यात-आधारित क्षेत्रों में। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस स्थिति से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) में बेचैनी बढ़ सकती है और कुछ सेक्टरों पर दबाव बन सकता है।
भारत सरकार ने इस घोषणा को बारीकी से देखा है और यह स्पष्ट किया है कि यह हर संभव कदम उठाएगी ताकि किसानों, उद्योगों, MSMEs का हित सुरक्षित रहे। हालांकि व्यापार वार्ता अभी भी जारी हैं, लेकिन अमेरिका की सख्ती और गैर विस्तार की घोषणा ने व्यापार समझौते की राह को अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। Donald Trump