
नेपाल इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल का सामना कर रहा है। देश के युवा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं, उनकी नाराजगी के कई कारण हैं—भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध और भारत से दूरी जैसे मुद्दे। इस बीच, भारत भी इस पर लगातार नजर रखे हुए है। नेपाल भारत के लिए न केवल पड़ोसी है, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। नेपाल में केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के राजनीतिक संबंध कुछ तनावपूर्ण रहे हैं। नेपाल चीन के करीब होता दिखाई दिया, जो भारतीय रणनीति के लिए यह चिंता का विषय है। युवा वर्ग की यह सक्रियता भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ जिले नेपाल की सीमाओं से सटे हैं। India-Nepal Relations
नेपाल भारत का 14वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत नेपाल को 7 बिलियन डॉलर से अधिक का माल निर्यात करता है, वहीं नेपाल से लगभग 1 बिलियन डॉलर का आयात करता है। इस प्रकार, दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 8 बिलियन डॉलर का है। 10 साल पहले यह आंकड़ा काफी कम था—नेपाल उस समय भारत का 28वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने नेपाल को 7,334.87 मिलियन डॉलर का माल निर्यात किया, जबकि नेपाल से 1,201.48 मिलियन डॉलर का माल आयात किया। इस तरह भारत को नेपाल के साथ व्यापार में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस रहा।
| वर्ष | भारत का निर्यात (मिलियन डॉलर) | भारत का आयात (मिलियन डॉलर) | कुल व्यापार (मिलियन डॉलर) |
|---|---|---|---|
| 2020-21 | 6,838.46 | 673.16 | 7,511.62 |
| 2021-22 | 9,645.74 | 1,371.04 | 11,016.79 |
| 2022-23 | 8,015.99 | 839.62 | 8,855.61 |
| 2023-24 | 7,040.98 | 831.11 | 7,872.09 |
| 2024-25 | 7,334.87 | 1,201.48 | 8,536.35 |
बीते पांच वर्षों का आंकड़ा बताता है कि व्यापार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2021 में निर्यात और आयात के बीच अंतर लगभग 10 गुना था। वहीं 2021-22 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 11 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो कि बाद के वर्षों के मुकाबले अधिक था।
भारत नेपाल को कई आवश्यक वस्तुएं निर्यात करता है, जिनमें पेट्रोलियम उत्पाद, बिजली, लोहा, स्टील, ऑटो पार्ट्स और दवाइयाँ प्रमुख हैं। नेपाल में भारतीय तेल कंपनियों का बड़ा नेटवर्क है, और रियायती दरों पर बिजली की आपूर्ति भी भारत से ही होती है।
भारत नेपाल से जूट उत्पाद, चाय, कॉफी, मसाले, फाइबर, लकड़ी, वनस्पति तेल, वसा, टेक्सटाइल, नमक और स्टोन जैसे महत्वपूर्ण सामान आयात करता है। ये वस्तुएं भारत के लिए जरूरी हैं और नेपाल पर आर्थिक रूप से निर्भरता भी दर्शाती हैं। संक्षेप में, नेपाल भारत के लिए केवल पड़ोसी नहीं बल्कि एक रणनीतिक और आर्थिक महत्व का देश है। दोनों देशों के बीच व्यापार और राजनीतिक संबंधों की स्थिति आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग की दिशा तय करेगी। India-Nepal Relations