दुबई में महिलाएं कर रही हैं बड़ा कमाल, हो रही हैं मालामाल
भारत
चेतना मंच
18 Aug 2025 01:10 PM
दुबई को रईस लोगों का शहर कहा जाता है। दुबई का आकर्षण ऐसा है कि दुनिया का हर रईस व्यक्ति दुबई जरूर देखना या बसना चाहता है। दुबई (UAE) का सबसे प्रसिद्ध शहर है। दुबई में इस्लामिक व्यवस्था लागू है। दुबई में इस्लामिक व्यवस्था होने के कारण यहां महिलाओं के लिए कम अवसर होने की बात मानी जाती है। वास्तविकता यह है कि दुबई में अवसरों की कमी बिल्कुल भी नहीं है। दुबई में महिलाएं एक से बढ़कर एक कमाल कर रही हैं। Dubai News
दुबई में टैक्सी चलाकर महिलाएं हो रही हैं मालामाल
दुबई के अन्य क्षेत्रों में काम करने के अलावा यहां महिलाएं बड़ी संख्या में टैक्सी ड्राइवर भी हैं। दुबई में टैक्सी चलाकर महिलाएं हर महीने लाखों रूपए की कमाई में टैक्सी चलाने वाली महिलाओं में एशिया के देश भारत तथा पाकिस्तान की महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर में आपको दिन तथा रात में महिलाएं टैक्सी चलाती हुई नजर आ जाएंगी। दुबई में महिला ड्राइवरों के लिए अलग से पिंक टैक्सी चलाने की व्यवस्था बनाई गई है। दुबई में तैनात चेतना मंच के संवाददाता राकेश सूद ने दुबई से महिलाओं द्वारा टैक्सी चलाने के कारोबार पर बेहतरीन जानकारी भेजी है। यहां पर राकेश सूद द्वारा भेजी गई रिपोर्ट प्रकाशित की जा रही है।
संयुक्त अरब अमीरात की महिला टैक्सी ड्राइवर
टैक्सी उद्योग या निजी कार सेवा लम्बे समय से पुरुष प्रधान क्षेत्र रहा है लेकिन बदलते समय के साथ संयुक्त अरब अमीरात में, महिलाओं ने भी अपनी जगह बना ली है। पिंक टैक्सी सर्विस इसका जीता जागता प्रमाण है। एमिरेट्स प्रशासन द्वारा इस सेवा की शुरुआत, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़ी पहल सिद्ध हुई है और कम पढ़ी लिखीं महिलाओं के लिए बहुत लाभदायक बन चुकी है। इसके अलावा महिलाओं के इस क्षेत्र में आने से रात बिरात महिला और बच्चों में विश्वास और सुरक्षा का एहसास भी पैदा होता है क्योंकि महिला चालक शीघ्र ही सहज हो जाती हैं
UAE के दुबई शहर में महिला ड्राइवर द्वारा चलाई जाने वाली टैक्सी
इस सेवा के चालू होने से महिलाओं में वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होने का मौका मिलता है बल्कि यात्रियों में रात और सुनसान रास्ते सुरक्षित और सहज होने की भावना उत्पन्न होती हैं। ऐसे ही हमारी मुलाकात इशरत नामक टैक्सी ड्राइवर से हुई जब हम दिल्ली से अपने घर दुबई आए। जब हम एयरपोर्ट से निकले तो अर्द्ध रात्रि रात का समय और हमने पिंक टैक्सी दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुक की। ये हमारा पहला मौका था जब महिला टैक्सी ड्राइवर को रात में टैक्सी चलाते देखा। लड़की का नाम इशरत जो अपनी विधवा और तलाक शुदा बहन और उसके बच्चों की जिंदगी की उम्मीद और हिम्मत बन चुकी है।
दुबई की महिला टैक्सी ड्राइवर ने बताई टैक्सी चलाने की हकीकत
टैक्सी चलते ही हमारी पत्नी ने बात करना शुरु किया तो 23 वर्षीय इशरत ने बताया कि वह अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट है पाकिस्तान के कराची शहर से तीन साल पहले दुबई रोजगार की तलाश में आई थी। पिता का देहांत हो गया था और उसकी बड़ी तलाकशुदा बहन अपने दो बेटों के साथ दुबई में फल और सब्जी की दुकान करती हैं। उसकी मां कराची में रहती है। मैने पूछा कि आप इतना पढ़ी लिखीं हो तो फिर पाकिस्तान में टीचर की नौकरी क्यों नहीं की। "वहां पर औरतों के लिए रोजगार और माहौल ठीक नहीं है, इशरत बोली।" मैने पूछा तो यहां टीचर की जॉब क्यों नहीं की तो उसने बताया कि एक तो इस जॉब के लिए रेफरेंस चाहिए और ड्राइवर के लिए वीजा भी आसानी से मिल जाता है।
मेरे पूछने पर बताया कि आपको यह काम अच्छा लगता और कोई समस्या तो नहीं वो बोली दुबई मेंं कानून व्यवस्था तो पाकिस्तान से बहुत अच्छी है लेकिन कई बार रात बिरात कोई सवारी असहज करने वाली मिल जाती है और काम के घंटे कई बार लम्बे चलते हैं। तीन साल काम करते हो गए हैं और उसके हाथों में मेहनत की लकीरों में संघर्ष और आत्मसम्मान दोनों साफ नजर आते हैं।
मैं सुबह पांच बजे उठ जाती हूं और 6 बजे घर से निकल जाती हूं और 8 बजे तक कोशिश करती हूं कि घर आ जाऊं लेकिन अगर मेरा 500 दिर्हाम का टार्गेट रहता है लेकिन अगर नहीं तो 10-11 भी बज जाते हैं। इसी सोच के साथ वो हर दिन अपनी थकान, अपने सपनों और अपनी तकलीफ को पीछे छोड़ देती है और मुस्कान ओढ़ लेती है।
पाकिस्तान और भारत से दुबई आए यात्री कभी कभी हैरानी से पूछते है- लड़कियां भी टैक्सी चलाती हैं? तो वह हल्के से मुस्कुरा देती है। वह जानती है कि मेहनत का कोई धर्म, जात या लिंग नहीं होता। इस तरह मैं 3000 दिर्हाम हर महीने तक कमा लेती हूं और अपने घर आ जाती हूं, उसने बताया। Dubai News