
आज का दौर तेज़ रफ्तार सूचना का दौर है, जहाँ हर इंसान चाहता है कि उसे दुनिया भर की अहम खबरें तुरंत और अपनी भाषा में मिलें। सोचिए, अगर सारी बड़ी और ताज़ा खबरें एक ही जगह पर उपलब्ध हों—तो इससे आसान क्या हो सकता है! चेतना मंच आपके लिए लेकर आया है विश्वभर की प्रमुख घटनाओं और नवीनतम अपडेट्स का संपूर्ण संग्रह, वो भी पूरी तरह हिंदी में। यहाँ हर खबर, हर पल की हलचल और हर महत्वपूर्ण जानकारी अब सिर्फ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर। World Hindi News
अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'एंटी-फासिस्ट' (एंटीफा) नामक आंदोलनकारी समूह को "प्रमुख आतंकवादी संगठन" घोषित कर दिया है। बुधवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के जरिये यह घोषणा की। World Hindi News
इससे पहले सोमवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने अवैध आव्रजन के खिलाफ की गई कार्रवाई का विरोध कर रहे एंटीफा कार्यकर्ताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें "पेशेवर अपराधी" बताया। राष्ट्रपति का कहना था कि “ये लोग प्रदर्शन नहीं बल्कि देश को अस्थिर करने का काम कर रहे हैं। इन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। World Hindi News
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने टर्निंग पॉइंट यूएसए के संस्थापक चार्ली किर्क की हत्या के मामले को भी एंटीफा से जोड़ा। कथित हत्यारे के पास से मिले गोलियों के खोल पर “अरे फासीवादी! पकड़ो!” और “बेला सियाओ” जैसे नारे दर्ज पाए गए, जो द्वितीय विश्व युद्ध में इतालवी प्रतिरोध से जुड़े रहे हैं।
राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि एंटीफा को फंड करने वालों पर भी कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने लिखा, “एंटीफा एक बीमार और खतरनाक विचारधारा है। यह देश के लिए आपदा बन चुका है। इसी वजह से इसे आतंकवादी संगठन घोषित करना आवश्यक है।” गौरतलब है कि मई 2020 में भी ट्रंप ने एंटीफा को आतंकी संगठन घोषित करने की मंशा जताई थी। इस बार उन्होंने इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया है।
सामरिक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केंद्र (CSIS) के अनुसार, एंटीफा किसी केंद्रीकृत संगठन की बजाय अति-वामपंथी कार्यकर्ताओं का नेटवर्क है। यह समूह फासीवादी, नस्लवादी और दक्षिणपंथी अतिवादी ताकतों का विरोध करता है। इसके प्रतीकों में 1917 की रूसी क्रांति का लाल झंडा और अराजकतावादियों का काला झंडा प्रमुख हैं। एंटीफा समर्थक अक्सर दक्षिणपंथी सभाओं और रैलियों को बाधित करते हैं तथा अपनी गतिविधियों को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड नेटवर्क के जरिए संचालित करते हैं। इनके सदस्य आम तौर पर काले कपड़े और मुखौटे पहनकर विरोध प्रदर्शन करते हैं।
लंदन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ब्रिटेन की राजकीय यात्रा पर मंगलवार को विंडसर कैसल पहुंचे, जहां शाही भोज के दौरान महाराजा चार्ल्स और शाही परिवार ने उनका भव्य स्वागत किया। भोज में वैश्विक राजनीति और तकनीकी जगत की कई हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिनमें एप्पल के सीईओ टिम कुक और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन प्रमुख थे। World Hindi News
150 अरब पाउंड निवेश का ऐलान
ब्रिटेन सरकार ने इस अवसर पर 150 अरब पाउंड के अमेरिकी निवेश की घोषणा की। आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, इस पूंजी प्रवाह से देशभर में 7,600 नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि यह निवेश ब्रिटेन की आर्थिक मजबूती और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का संकेत है। उन्होंने जोड़ा—“नौकरियां, विकास और अवसर यही हमारी प्राथमिकता है और यह साझेदारी उसी दिशा में कदम है।
निवेश करने वालों में ब्लैकस्टोन, प्रोलोगिस और पैलंटिर जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। ब्लैकस्टोन अकेले 90 अरब पाउंड अतिरिक्त निवेश करेगी, जबकि प्रोलोगिस ने 3.9 अरब पाउंड और पैलंटिर ने 1.5 अरब पाउंड निवेश का वादा किया है। ट्रंप और स्टारमर की बातचीत के दौरान एक नए “प्रौद्योगिकी समृद्धि समझौते” पर हस्ताक्षर की संभावना भी जताई गई है। World Hindi News
सड़कों पर विरोध का साया
जहां विंडसर कैसल में शाही आतिथ्य का जलवा था, वहीं लंदन की सड़कों पर हजारों लोग ट्रंप की यात्रा का विरोध कर रहे थे। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक, संसद भवन के पास हुए प्रदर्शन में करीब 5,000 लोग शामिल हुए। राजधानी के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध रैलियां हुईं।
पूर्व लेबर नेता जेरेमी कॉर्बिन ने उन कार्यकर्ताओं की सराहना की जिन्हें विंडसर कैसल की दीवारों पर ट्रंप और बदनाम अरबपति जेफरी एपस्टीन की तस्वीरें लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह घटना उस समय हुई जब ट्रंप पहले से ही एपस्टीन से जुड़े सवालों को लेकर आलोचना झेल रहे हैं।
महाराजा चार्ल्स और ट्रंप ने भोज से पहले औपचारिक संबोधन में एक-दूसरे की प्रशंसा की। चार्ल्स ने अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के समाधान के लिए ट्रंप के प्रयासों को सराहा, जबकि ट्रंप ने ब्रिटिश मेजबानी और इस ऐतिहासिक राजकीय दौरे के लिए आभार जताया। भव्य समारोह, भारी निवेश और सड़कों पर गूंजते विरोध—ट्रंप की यह दूसरी राजकीय यात्रा ब्रिटेन के लिए कूटनीतिक स्वागत और लोकतांत्रिक असहमति दोनों का अनोखा मिश्रण साबित हुई। World Hindi News
अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य स्थित जॉइंट बेस लुईस-मैककॉर्ड (JBLM) के पास एक सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद देर रात से ही राहत और खोज अभियान जारी है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, बुधवार देररात थर्स्टन काउंटी शेरिफ कार्यालय को समिट लेक क्षेत्र में अचानक हेलीकॉप्टर दुर्घटना की सूचना मिली। इसके बाद तुरंत सुरक्षाबलों को घटनास्थल पर भेजा गया। प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि दुर्घटना का स्थान चिन्हित कर लिया गया है। World Hindi News
शेरिफ कार्यालय ने बयान जारी कर कहा, “हमें बताया गया है कि सेना का एक हेलीकॉप्टर संपर्क से बाहर हो गया है। इस संबंध में हम जॉइंट बेस लुईस-मैककॉर्ड के साथ मिलकर सभी जरूरी संसाधन तैनात कर रहे हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान में कितने लोग सवार थे और उनकी स्थिति क्या है। अधिकारियों ने कहा कि सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति स्पष्ट होने में अभी कुछ समय लग सकता है। World Hindi News