
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दौरे पर हैं। उनका पहला पड़ाव वाराणसी होगा, जहां वे मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की मेजबानी करेंगे। वाराणसी के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री देहरादून पहुंचेंगे और वहां से उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। सर्वेक्षण के उपरांत वे अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि वाराणसी शिखर सम्मेलन भारत और मॉरीशस के बीच पारस्परिक समृद्धि, सतत विकास और सुरक्षित व समावेशी भविष्य की दिशा में साझा प्रयासों का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। डॉ. रामगुलाम 9 से 16 सितंबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। इस दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और उनके मॉरीशस समकक्ष की यह बातचीत मार्च में मॉरीशस में हुई मोदी की राजकीय यात्रा से उत्पन्न सकारात्मक गति को और आगे बढ़ाएगी। International News
नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों और प्रधानमंत्री खड्ग प्रसाद ओली के इस्तीफे के बाद देश में राजनीतिक शून्यता गहराती जा रही है। ओली के इस्तीफा देने के बाद सत्ता रिक्त हुई है और इस खाली स्थान को भरने के लिए संभावित अंतरिम सरकार के गठन पर बातचीत शुरू हो गई है।
देश में युवा नेतृत्व वाले 'जेन जी' समूह के प्रतिनिधियों ने आंदोलन के दौरान भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ व्यापक आक्रोश व्यक्त किया। हिंसक प्रदर्शन और अराजकता के चलते नेपाली सेना को मंगलवार शाम देश की स्थिति संभालने के लिए कदम उठाना पड़ा। फिलहाल अंतरिम सरकार की अगुवाई उच्चतम न्यायालय की पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की कर सकती हैं, जिनके नाम पर व्यापक सहमति बनती दिख रही है।
'जेन जी' समूह के अधिकांश नेताओं ने सेना अधिकारियों से कार्की के नाम पर सहमति जताई। काठमांडू के महापौर बालेंद्र शाह भी नाम पर चर्चा में थे, लेकिन उन्होंने पीछे हटकर कार्की का समर्थन किया। पूर्व मंत्री सुमना श्रेष्ठ ने इस पद के लिए अपना नाम नहीं रखा, जबकि कुलमन घीसिंग के नाम पर भी कुछ आंदोलनकारी विचार कर रहे थे। बुधवार देर रात तक अंतरिम सरकार की अगुवाई के लिए विचार-विमर्श जारी रहा। इस विषय में नेपाली टाइम्स, द राइजिंग नेपाल और द हिमालयन टाइम्स ने भी रिपोर्ट प्रकाशित की। International News
पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की भारत की बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने 1972 में महेन्द्र मोरंग कैंपस, बिराटनगर से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 1975 में बीएचयू से राजनीति शास्त्र में एमए किया। इसके बाद 1978 में त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल से कानून की पढ़ाई पूरी की। बनारस में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने नेपाली कांग्रेस के युवा नेता दुर्गा प्रसाद सुबेदी से विवाह किया। International News
काठमांडू स्थित सेना मुख्यालय में प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों ने सेना अधिकारियों से मुलाकात कर संभावित अंतरिम सरकार के नेतृत्व पर चर्चा की। 'जेन जी' समूह के प्रतिनिधि रेहान राज दंगल ने बताया कि उनके समूह ने सेना के सामने सुशीला कार्की को नेतृत्व के लिए प्रस्तावित किया। हालांकि, सेना मुख्यालय के बाहर जमा भीड़ में कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस नाम का विरोध किया, जिन्हें गुरुवार को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा।
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान देशभर की विभिन्न जेलों से 7,000 से अधिक कैदी फरार हो गए। बांके, चितवन, नक्खू, सुनसरी, कंचनपुर, कैलाली, जलेश्वर, कास्की, डांग, जुमला, सोलुखुम्बु, गौर और बजहांग समेत कई जिलों में जेलों से भागने और झड़पों की घटनाएँ सामने आईं। इन झड़पों में पांच किशोर बंदियों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। International News
उच्चतम न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों द्वारा आगजनी के बाद मामलों की सुनवाई अगले आदेश तक स्थगित कर दी है। मुख्य रजिस्ट्रार बिमल पौडेल ने कहा कि नौ सितंबर को फाइलें और सर्वर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, इसलिए निर्धारित मामलों की सुनवाई स्थगित की जाती है।
नेपाली सेना ने काठमांडू घाटी में निषेधाज्ञा और कर्फ्यू लागू कर दिया है। गुरुवार सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक और शुक्रवार शाम 7:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। आवश्यक सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, सुरक्षा, मीडिया और आपूर्ति के लिए सीमित छूट दी गई है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंगलवार से बंद था, लेकिन बुधवार शाम से पुनः खुल गया। महाप्रबंधक हंसराज पांडे ने यात्रियों से केवल अधिकृत एजेंसी या एयरलाइन से संपर्क करने की अपील की। स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय के अनुसार देशभर में 30 लोग मारे गए और 1,061 घायल हुए। इनमें काठमांडू और अन्य प्रमुख अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
पूर्व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयुक्त मोहना अंसारी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 273 के तहत राष्ट्रपति आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने सुशीला कार्की को देश की वर्तमान परिस्थितियों से निपटने के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प बताया। International News
अमेरिका में दक्षिणपंथी युवा नेता और राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के करीबी चार्ली किर्क की हत्या ने पूरे देश को हिला दिया। बुधवार दोपहर यूटा वैली विश्वविद्यालय में टर्निंग पॉइंट यूएसए कार्यक्रम के दौरान अज्ञात हमलावर ने किर्क को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल किर्क अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ बैठे।
द न्यूयॉर्क टाइम्स और एनबीसी न्यूज के अनुसार, किर्क की मौत की सूचना मिलते ही राष्ट्रपति ट्रंप सदमे में रह गए। बाद में ट्रुथ सोशल पर उन्होंने चार्ली किर्क को महान बताते हुए लिखा कि अमेरिका के युवा उनके दिल को बेहतर कोई नहीं समझ सकता था। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और किर्क की मृत्यु की पुष्टि की। उसके बाद व्हाइट हाउस में झंडे आधा झुका दिए गए। राष्ट्रपति के बेटे एरिक ट्रंप ने भी कहा कि सभी संपत्तियों पर झंडे आधे झुके रहेंगे। International News
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि किर्क कार्यक्रम के दौरान बाहरी हिंसा पर चर्चा कर रहे थे कि तभी अज्ञात बंदूकधारी ने उन्हें निशाना बनाया। गोली उनकी गर्दन से लगी और कई लोगों ने इसे मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देखने के बाद लोगों की आंखें नम हो गईं।
ट्रंप के आलोचक और कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने घटना की कड़ी निंदा की और कहा, “अमेरिका में राजनीतिक हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।” उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रार्थना पोस्ट की और चार्ली किर्क की खुले और ईमानदार संवाद क्षमता की सराहना की। डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने चार्ली किर्क को छोटे भाई के समान बताते हुए उनके निधन पर भावपूर्ण संदेश साझा किया। पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका में राजनीतिक हिंसा की सख्त निंदा करती है।
ट्रंप प्रशासन के पूर्व अधिकारी और ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने चार्ली किर्क की मौत पर वामपंथ पर कटाक्ष किया। कई डेमोक्रेट्स ने बंदूक नियंत्रण के कड़े नियम लागू करने की मांग की। एरिज़ोना की गवर्नर केटी हॉब्स ने कहा, “यह त्रासदी किसी राजनीतिक मतभेद की नहीं बल्कि एक पिता, पड़ोसी और समाज के सदस्य की विनाशकारी क्षति है। हमें हिंसा को अस्वीकार करना होगा और लोकतंत्र की मूल मान्यताओं को अपनाना होगा। International News