
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। गृह मंत्रालय के अनुसार इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा किया गया है। International News
इस अवसर पर शाह NCB की वार्षिक रिपोर्ट 2024 जारी करेंगे और साथ ही ऑनलाइन ड्रग विनष्टिकरण अभियान की शुरुआत भी करेंगे। सम्मेलन में देश के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों के साथ विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तर के सरकारी विभागों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इस वर्ष सम्मेलन का थीम ‘संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी’ रखा गया है, जिसका लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के विजन को मजबूत करना और इसके लिए ठोस रणनीति तैयार करना है। International News
सम्मेलन के दौरान मादक पदार्थों की आपूर्ति, मांग और उनके दुष्प्रभावों को कम करने के उपायों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही, कानून प्रवर्तन को और अधिक सशक्त बनाने, अवैध प्रयोगशालाओं की निगरानी, भगोड़ों की तलाश, विदेशी अपराधियों के प्रबंधन और डार्क वेब एवं क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से हो रही तस्करी पर नियंत्रण जैसी चुनौतियों पर भी गंभीर विचार विमर्श किया जाएगा।
कार्यक्रम में कुल छह तकनीकी सत्र आयोजित होंगे। इनमें एक सत्र ‘नशामुक्त भारत @ 2047’ पर केंद्रित होगा, जबकि एक अन्य सत्र एकीकृत जांच के तरीकों पर जोर देगा, जिसमें टॉप-टू-बॉटम और बॉटम-टू-टॉप दृष्टिकोण पर विशेष चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। 2021 में अमित शाह ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को समर्पित एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया था। वहीं, अप्रैल 2023 में इन टास्क फोर्स प्रमुखों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन भी उन्होंने स्वयं किया था।
अमेरिका ने वेनेजुएला के ड्रग कार्टेल के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और सख्त कर दिया है। अमेरिकी सेना ने इस महीने दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक नाव पर हमला किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में वेनेजुएला से फेंटेनाइल की खेप को देश में पहुंचने नहीं देगा। International News
अमेरिका ने वेनेजुएला स्थित ड्रग कार्टेल के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। अमेरिकी सेना ने इस महीने दूसरी बार एक नाव पर हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला से फेंटेनाइल की खेप अमेरिका में किसी भी हाल में नहीं पहुंचेगी।
सोशल मीडिया पर ट्रंप ने लिखा कि यह हमला उनके आदेश पर अमेरिकी दक्षिणी कमान (साउथकॉम) के क्षेत्र में हुआ। उन्होंने कहा कि नाव अमेरिका की ओर बढ़ रही थी और मारे गए लोगों की पहचान कर ली गई है। साथ ही, ट्रंप ने 27 सेकंड का वीडियो भी साझा किया, जिसमें स्पीडबोट पर हवाई निगरानी के क्लिप और एक भीषण विस्फोट दिखाया गया। पेंटागन ने हमले को “विशेष अभियान” बताया और इससे संबंधित अन्य जानकारी साझा नहीं की। International News
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 2 सितंबर के हमले की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे नागरिकों पर सैन्य कार्रवाई और जघन्य अपराध बताया। मादुरो का कहना है कि अगर नाव पर ड्रग तस्कर थे तो उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए था, हत्या करना न्यायसंगत नहीं।
अमेरिकी नौसेना के आठ युद्धपोत कैरिबियन में तैनात हैं। पेंटागन ने प्यूर्टो रिको में एमक्यू-9 रीपर ड्रोन और एफ-35 लड़ाकू विमानों की तैनाती का आदेश दिया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने पिछले हफ्ते प्यूर्टो रिको का अघोषित दौरा किया। International News
कांग्रेस के डेमोक्रेट्स ने ट्रंप के आदेश की आलोचना की। रोड आइलैंड के सीनेटर जैक रीड ने कहा, "राष्ट्रपति का यह कदम कानून का उल्लंघन और संविधान पर हमला है। कोई भी राष्ट्रपति गुप्त रूप से युद्ध नहीं छेड़ सकता और अनुचित हत्याएं नहीं कर सकता। यह अधिनायकवाद है, लोकतंत्र नहीं।" International News
अमेरिकी विदेश विभाग ने फरवरी में वेनेजुएला के ‘ट्रेन डे अरागुआ’ गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे दुनिया के सबसे खतरनाक गिरोहों में से एक बताया और आरोप लगाया कि इसका नेतृत्व मादुरो स्वयं कर रहे हैं।
ढाका। बांग्लादेश में नवरात्रि और दुर्गा पूजा से पहले एक हिन्दू मंदिर पर हुए हमले ने अल्पसंख्यक समुदाय में डर और चिंता पैदा कर दी है। रविवार रात कुश्तिया के मीरपुर उप-जिला स्थित स्वरूपदाह पालपारा के श्री श्री रक्खा काली मंदिर में अज्ञात बदमाशों ने दो मूर्तियों को तोड़ दिया। हमलावरों ने घटना के बाद मंदिर के सुरक्षा कैमरे और मेमोरी कार्ड को भी अपने साथ ले गए।
द डेली स्टार अखबार की खबर के अनुसार, मीरपुर थाना प्रभारी मोमिनुल इस्लाम ने बताया कि हमला रविवार रात 8:00 बजे से 8:30 बजे के बीच हुआ। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और किसी ने भी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। International News
मंदिर समिति के पूर्व सचिव बादल कुमार डे ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से यहां दुर्गा पूजा का आयोजन नियमित रूप से हो रहा है। दुर्गा पूजा से ठीक पहले हुई इस घटना ने सभी श्रद्धालुओं में भय पैदा कर दिया है। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने मंदिर के सुरक्षा उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर लिया। International News
अधिकारियों का दौरा और सुरक्षा व्यवस्था
कुश्तिया के उपायुक्त अबू हसनत मोहम्मद अराफिन ने सोमवार को मंदिर का दौरा किया और कहा कि मामले की जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंदिर में नए सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं और अंसार के सदस्य चौबीसों घंटे सुरक्षा में तैनात हैं। मंदिर समिति के सचिव श्रीभाष कुमार डे ने भी बताया कि उन्होंने इस घटना के संबंध में कुश्तिया के पुलिस अधीक्षक से चर्चा की है और जल्द ही सुरक्षा को और कड़ा किया जाएगा। International News
संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र जांच ने पहली बार यह निष्कर्ष पेश किया है कि इजराइल ने गाजा में फिलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ नरसंहार किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के तहत गठित आयोग ने मंगलवार को 72 पृष्ठों की रिपोर्ट जारी की, जिसमें यह दावा किया गया कि सात अक्टूबर, 2023 से अब तक इजराइल ने चार बार ऐसे घातक हमले किए। यह वही दिन था जब हमास ने इजराइल पर हमला कर सैकड़ों नागरिकों को बंधक बनाया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजा में फिलिस्तीनियों को जानबूझकर गंभीर शारीरिक और मानसिक क्षति पहुँचाई गई है और ऐसे हालात बनाए गए जो व्यापक भौतिक विनाश का कारण बने। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि सात अक्टूबर से अब तक लगभग 65,000 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह आंकड़े नागरिकों और हमास लड़ाकों का कोई अंतर नहीं करते।
इजराइली सरकार ने आयोग की रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने इसे “झूठी और विकृत” बताया और कहा कि गाजा में इजराइल की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा के दायरे में है। मंत्रालय ने आयोग के जांचकर्ताओं पर हमास के प्रतिनिधि होने का आरोप भी लगाया। International News
इजराइल लंबे समय से इस आयोग पर पूर्वाग्रह का आरोप लगाता रहा है। अमेरिकी राजनीतिक समर्थन के बीच, हाल ही में अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन और जेफ मर्कले ने भी आरोप लगाया कि इजराइल की सरकार गाजा में फिलिस्तीनियों के “सफाये” की योजना में लगी है। इसी महीने इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जेनोसाइड स्कॉलर्स ने भी इजराइल पर नरसंहार का आरोप दोहराया। जुलाई 2023 में दो प्रमुख इजराइली मानवाधिकार संगठनों ने भी यह दावा किया था। इसके अलावा, दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इजराइल पर नरसंहार का अभूतपूर्व मामला दायर किया था।
रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब इजराइल ने गाजा शहर पर बमबारी के बाद जमीनी अभियान शुरू कर दिया है। आयोग की स्थापना 2021 में हुई थी और इसका नेतृत्व नवी पिल्लै कर रही हैं, जो संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के पूर्व उच्चायुक्त और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रह चुकी हैं। International News