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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और उनके सहयोगियों पर आरोप लगाया है कि वे हाल ही में हुई चार्ली किर्क की हत्या का राजनीतिक लाभ उठाकर देश में सामाजिक और राजनीतिक विभाजन बढ़ा रहे हैं। ओबामा का कहना है कि ट्रंप और उनके रूढ़िवादी सहयोगी किर्क के विचारों पर खुली बहस नहीं चाहते। International News
यह टिप्पणी ओबामा ने मंगलवार को पेंसिल्वेनिया के एरी में आयोजित जेफरसन एजुकेशनल सोसाइटी के 17वें वार्षिक वैश्विक शिखर सम्मेलन में दी। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओबामा ने कहा कि हाल के दिनों में ट्रंप द्वारा अपने राजनीतिक विरोधियों पर किए गए हमलों और किर्क की हत्या के बाद उनके विरोधियों को दबाने के लिए दिए गए कठोर संकेतों ने देश में तनाव को और बढ़ा दिया है।
ओबामा ने कहा, “जब मैं वर्तमान राष्ट्रपति और उनके सहयोगियों की बातें सुनता हूं, तो यह स्पष्ट होता है कि वे अपने राजनीतिक विरोधियों को नीचा दिखाने से पीछे नहीं हटते। यह सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है। International News
पिछले हफ्ते यूटा में एक विश्वविद्यालय कार्यक्रम के दौरान किर्क को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ओबामा ने इसे “भयावह और अत्यंत दुखद” घटना बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी अमेरिकियों को किर्क के विचारों पर खुली बहस करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा, “चाहे हम डेमोक्रेट हों, रिपब्लिकन हों या स्वतंत्र मतदाता, हमें यह स्वीकार करना होगा कि दोनों पक्षों में ऐसे लोग हैं जो अतिवादी विचार रखते हैं और जो अमेरिका के मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। International News
ओबामा ने डेमोक्रेट्स के प्रयासों की भी सराहना की जो ट्रंप प्रशासन के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने टेक्सास के डेमोक्रेटिक विधायकों का उत्साहवर्धन किया और कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम द्वारा रिपब्लिकनों के मानचित्र पुनःनिर्धारण के प्रयासों का भी समर्थन किया।
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके परिवार के नौ सदस्य अगले साल फरवरी में होने वाले संसदीय चुनाव में मतदान करने में असमर्थ होंगे। निर्वाचन आयोग ने सभी के राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईडी) को ब्लॉक कर दिया है।
तुर्की के सार्वजनिक प्रसारक टीआरटी वर्ल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि आगामी संसदीय चुनाव में देश के भीतर और विदेशों में मतदाता पहली बार ऑनलाइन पंजीकरण कराएंगे और डाक के माध्यम से मतदान करेंगे। International News
आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के एनआईडी ब्लॉक किए गए हैं, वे विदेश से भी मतदान नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि विदेश से वोट देने के लिए केवल पासपोर्ट पर्याप्त नहीं है, एनआईडी नंबर के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करना अनिवार्य है। केवल एनआईडी के साथ पंजीकरण कराने वालों को ही मतदान का अधिकार मिलेगा।अप्रैल में अंतरिम सरकार के निर्देश पर हसीना और उनके परिवार के एनआईडी अवरुद्ध कर दिए गए थे। पांच अगस्त, 2024 को हुए जन विद्रोह के बाद हसीना भारत में निर्वासन में हैं, जबकि उनके परिवार के सदस्य अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों में रह रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार इस विद्रोह में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई। हसीना बांग्लादेश में कई मामलों का सामना कर रही हैं, जिनमें सामूहिक हत्या के आरोप भी शामिल हैं। आयोग की इस कार्रवाई के बाद, हसीना और उनके परिवार को आगामी चुनाव में मतदान का कोई अधिकार नहीं होगा। International News