
आज की दुनिया तेज़ी से बदल रही है और इसे सही मायनों में सूचना का युग कहा जा सकता है। खबर अब अखबारों के अगले दिन छपने का इंतज़ार नहीं करती, बल्कि आपकी स्क्रीन पर उसी पल पहुंच जाती है। पहले जहां लोग अंतरराष्ट्रीय समाचारों के लिए बड़े विदेशी अखबारों जैसे वाशिंगटन पोस्ट पर निर्भर रहते थे, वहीं अब चेतना मंच ने यह दूरी खत्म कर दी है। यहां आपको एक ही जगह पर पूरी दुनिया की हलचल मिलती है—चाहे राजनीति की बड़ी उठापटक हो, अर्थव्यवस्था के नए रुझान, समाज की धड़कन या फिर कोई वैश्विक संकट। और सबसे बड़ी बात, ये सब कुछ शुद्ध हिंदी में, रियल-टाइम अपडेट्स के साथ। International News
अमेरिकी राजनीति के सबसे हाई-प्रोफाइल कानूनी विवादों में से एक में नया मोड़ आया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने फुल्टन काउंटी की जिला अटॉर्नी फानी विलिस का यात्रा संबंधी रिकॉर्ड तलब किया है। विलिस वही अटॉर्नी हैं जिन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ चुनावी हस्तक्षेप का आपराधिक मामला दर्ज किया था। International News
संघीय ग्रैंड जूरी द्वारा जारी समन यह संकेत देता है कि ट्रंप के कार्यकाल में न्याय विभाग अब विलिस जैसे उनके प्रमुख आलोचकों पर भी नजर गड़ाए हुए है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि फानी विलिस खुद इस जांच के केंद्र में हैं या उनके खिलाफ कोई औपचारिक आरोप तय हो सकते हैं। International News
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय जांचकर्ता विलिस की 2024 में हुई संभावित अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की जानकारी जुटा रहे हैं। इस जांच का नेतृत्व जॉर्जिया के उत्तरी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी थियोडोर हर्ट्जबर्ग कर रहे हैं।
फुल्टन काउंटी की अदालत पहले ही ट्रंप और उनके सहयोगियों पर 2020 के चुनाव परिणाम पलटने की साजिश रचने का मामला चला रही है। International News
विवाद उस समय गहराया जब अदालत ने पाया कि विलिस का विशेष अभियोजक नाथन वेड से निजी रिश्ता था। बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि ट्रंप से जुड़े मामलों की जांच के दौरान हुई कुछ यात्राओं में विलिस ने वित्तीय लाभ उठाया। ये यात्राएं 2022 और 2023 में हुई थीं। हाल ही में जॉर्जिया के उच्चतम न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले की समीक्षा से इनकार कर दिया था जिसमें विलिस को इस केस से अयोग्य ठहराया गया था। सुप्रीम कोर्ट ऑफ जॉर्जिया के फैसले के बाद ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह "जॉर्जिया में कानून और न्याय की बड़ी जीत" है। हालांकि ट्रंप अभी भी राज्य स्तर पर लगे आपराधिक आरोपों से मुक्त नहीं हुए हैं।
डेमोक्रेट पार्टी से दोबारा चुनी गईं फानी विलिस ने सभी आरोपों को खारिज किया और कहा कि उन्होंने अपने यात्रा खर्च का हिस्सा खुद वहन किया। विलिस ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति के बावजूद वह कानूनी प्रक्रिया और न्यायालयों का सम्मान करती हैं। उनके मुताबिक, "मुझे उम्मीद है कि जिसे भी यह केस सौंपा जाएगा, वह सबूतों और कानून के आधार पर फैसले लेगा। विलिस ने ट्रंप और उनके 12 से अधिक सहयोगियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने महीनों तक गैरकानूनी साजिश रचकर जो बाइडेन की 2020 की जीत को पलटने का प्रयास किया। हालांकि ट्रंप और ज्यादातर प्रतिवादियों ने खुद को निर्दोष बताया है। International News
अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों की बढ़ती सक्रियता को लेकर पाकिस्तान, चीन, ईरान और रूस ने गंभीर चिंता जाहिर की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान रूस की अगुवाई में आयोजित अफगानिस्तान पर चौथी चतुर्पक्षीय बैठक के बाद जारी बयान में चारों देशों ने साफ कहा कि अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे संगठन न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी बड़ा खतरा हैं। पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के बाद जारी इस बयान में अफगान शासकों से आग्रह किया गया कि वे आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करें और उनके प्रशिक्षण शिविरों को पूरी तरह ध्वस्त करें।
गौरतलब है कि पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि 2021 में तालिबान शासन की वापसी के बाद सीमा पार से आतंकी घटनाओं में तेजी आई है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की लगभग 2,500 किलोमीटर लंबी सीमा पर कई क्रॉसिंग पॉइंट हैं, जिनसे अक्सर आतंकियों की आवाजाही होती है। संयुक्त बयान में यह भी दोहराया गया कि चारों देश अफगानिस्तान को "स्वतंत्र, एकजुट और शांतिपूर्ण राज्य, जो आतंकवाद, युद्ध और नशीली दवाओं से मुक्त हो" के रूप में देखना चाहते हैं। इसके साथ ही अफीम की खेती घटाने के लिए काबुल के प्रयासों का स्वागत किया गया, लेकिन मेथामफेटामाइन जैसी सिंथेटिक दवाओं के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। International News
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को राहत देते हुए कांग्रेस से आवंटित चार अरब डॉलर की विदेशी सहायता राशि रोकने की अनुमति दे दी। यह फैसला उस संघीय न्यायाधीश के आदेश पर रोक है, जिसमें कहा गया था कि प्रशासन को महीने के अंत तक यह राशि खर्च करनी होगी। अदालत के इस हस्तक्षेप ने बहस को और तेज कर दिया है।
एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पब्लिक सिटीजन लिटिगेशन ग्रुप के वकील निकोलस सैंसोम ने फैसले को ‘‘शक्तियों के पृथक्करण’’ के सिद्धांत पर चोट बताया। उन्होंने चेताया कि इससे गंभीर मानवीय संकट खड़ा हो सकता है। अदालत ने अपने संक्षिप्त आदेश में कहा कि सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वादी पक्ष इम्पाउंडमेंट कंट्रोल एक्ट के तहत इस मामले में मुकदमा दायर नहीं कर सकता। International News
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत (जनवरी) के बाद से सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन के 20 आपातकालीन आवेदन स्वीकार किए हैं—यह संख्या और उनकी स्वीकृति दर अमेरिकी इतिहास में अभूतपूर्व है। निचली अदालत के न्यायाधीशों और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेजी से फैसले देना न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है।
अदालत में तीन उदारवादी जजों ने फैसले पर असहमति जताई। न्यायमूर्ति एलेना कगन ने कहा कि यह मुद्दा पहले कभी न्यायालय में नहीं आया था और अदालत ‘‘अज्ञात क्षेत्र’’ में प्रवेश कर रही है। उनके अनुसार, बिना मौखिक दलील सुने या तर्कसंगत चर्चा किए आपातकालीन आवेदन मंजूर करना उचित नहीं था। कगन का मानना था कि निचली अदालत को ही मामले पर आगे बढ़ने देना चाहिए था। ट्रंप प्रशासन पहले ही अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) को खत्म करने की प्रक्रिया तेज कर चुका है। यह वही संस्था है जो दुनिया भर में जल आपूर्ति, रोग निवारण और विकास परियोजनाओं पर अरबों डॉलर खर्च करती है। अदालत का फैसला इस दिशा में प्रशासन की रणनीति को और मजबूत करता है। International News
यह धनराशि मौजूदा वित्तीय वर्ष (30 सितंबर तक) के लिए आवंटित की गई थी। ट्रंप प्रशासन ने दावा किया कि वह ‘‘निरसन’’ प्रक्रिया के तहत कांग्रेस को सूचित कर रकम रोक सकता है। आलोचकों का कहना है कि यह ‘‘पॉकेट रिसीशन’’ नामक रणनीति है, जिसका इस्तेमाल लगभग 50 साल से नहीं हुआ और यह कानूनी रूप से बेहद संदिग्ध है।
इससे पहले, वाशिंगटन के जिला न्यायाधीश आमिर अली ने 3 सितंबर को आदेश दिया था कि प्रशासन को यह धनराशि खर्च करनी होगी जब तक कि कांग्रेस इसे वापस लेने का निर्णय न ले। लेकिन सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉयर ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि अली का आदेश राष्ट्रपति की शक्तियों पर ‘‘अस्वीकार्य रोक’’ है और इससे विदेशों के साथ कूटनीतिक बातचीत भी प्रभावित हो रही है। ट्रंप के आदेश को चुनौती देने वाला मुकदमा ग्लोबल हेल्थ काउंसिल और उससे जुड़े गैर-लाभकारी समूहों ने दायर किया था। इनका कहना है कि विदेशी सहायता रोकने से दुनिया भर में स्वास्थ्य और मानवीय योजनाओं को गहरा नुकसान होगा। International News
ढाका। दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) की लगभग 430 टुकड़ियां देशभर के 2,857 पूजा मंडपों में तैनात की गई हैं। बीजीबी ने जानकारी दी कि सीमावर्ती इलाकों सहित संवेदनशील स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 अस्थायी आधार शिविर भी स्थापित किए गए हैं।
बीजीबी के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 2,857 मंडपों में से 1,411 सीमावर्ती जिलों में और 1,446 मंडप अन्य हिस्सों में स्थित हैं। इस बीच ढाका ट्रिब्यून और डेली स्टार की रिपोर्टों में बताया गया है कि पूजा की तैयारियों के बीच 13 जिलों में मंदिरों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे हिन्दू समुदाय में चिंता का माहौल है।
मोहननगर सर्वजनिन पूजा समिति के अध्यक्ष जयंत कुमार देब ने ढाका के ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, अगर हमें भेदभाव-मुक्त बांग्लादेश चाहिए, तो केवल पूजा के पांच दिनों पर नहीं, बल्कि पूरे साल सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।" उन्होंने पूजा से पहले धार्मिक अल्पसंख्यकों पर दर्ज किए गए कथित झूठे मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग भी की।
बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद के अध्यक्ष बासुदेव धर ने कहा कि हिन्दू समुदाय के कई निर्दोष लोग इन मनगढ़ंत मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उन्हें पूजा में पूरी तरह भाग लेने दिया जाए। परिषद के सलाहकार सुब्रत चौधरी ने कहा कि मंदिरों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए। International News
नेताओं ने यह भी अनुरोध किया कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेट्रो रेल सेवाएं रात 11 बजे तक चालू रखी जाएं। पूजा उद्जापन परिषद के अनुसार, इस वर्ष देशभर में 33,355 दुर्गा पूजा मंडप स्थापित किए गए हैं। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 1,894 अधिक है, जो त्योहार की व्यापकता और बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। International News