
Israel Iran War : मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के बादलों के बीच अब अमेरिका ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। रविवार को अमेरिकी सेना द्वारा ईरान की तीन परमाणु इकाइयों पर किए गए हवाई हमलों के बाद इस विवाद ने वैश्विक स्तर पर गहरी चिंता पैदा कर दी है। अमेरिका की इस कार्रवाई पर अब ईरान की शक्तिशाली सैन्य शाखा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़ागरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका अब इस युद्ध का औपचारिक हिस्सा बन चुका है और उसने ईरान की "पवित्र भूमि" का सीधा उल्लंघन किया है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़ागरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तीखे शब्दों में ललकारते हुए कहा कि ट्रंप एक ‘जुआरी’ की तरह इस युद्ध को भले ही शुरू कर सकते हैं, लेकिन इसका अंजाम अब ईरान तय करेगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “यह संघर्ष अब हमारे हाथ में है, और हम इसे ऐसे अंजाम तक पहुंचाएंगे जिसकी अमेरिका ने कल्पना भी नहीं की होगी ।
IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका को अब “शक्तिशाली, लक्षित और अप्रत्याशित प्रतिक्रियाओं” के लिए तैयार रहना चाहिए। ज़ोलफ़ागरी ने संकेत दिया कि अमेरिका को अपने सप्ताहांत के हमलों की कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान ने इसे केवल प्रतिरोध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और संप्रभुता की रक्षा का मामला बताया है।
ईरानी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' ने जानकारी दी है कि IRGC ने इजरायल के कई शहरों पर एक संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमले को अंजाम दिया है। इस हमले में ठोस और तरल ईंधन वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि ईरान ने इजरायल की बहुस्तरीय वायु सुरक्षा प्रणाली को भेदने के लिए विशेष रणनीति अपनाई। अब तक सफ़द, तेल अवीव, अश्कलोन, अशदोद और बेइसन में रॉकेट गिराए जाने की पुष्टि की गई है।
हालांकि, इजरायली अधिकारियों की ओर से अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम में रूस और चीन ने भी हस्तक्षेप करते हुए अमेरिका के कदम की तीखी निंदा की है। दोनों देशों ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक बताया है और कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। Israel Iran War