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Jewar Airport: जेवर एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का विस्तार लगातार बढ़ता जा रहा है। इंडिगो एयरलाइंस के बाद अब अकासा एयर ने भी यहां से अपनी नियमित उड़ानों की शुरुआत कर दी है।

जेवर एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का विस्तार लगातार बढ़ता जा रहा है। इंडिगो एयरलाइंस के बाद अब अकासा एयर ने भी यहां से अपनी नियमित उड़ानों की शुरुआत कर दी है। इससे दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को नया विकल्प मिल गया है। खास बात यह है कि अकासा एयर फिलहाल नोएडा एयरपोर्ट से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए सीधी उड़ानें संचालित कर रही है।
मंगलवार को अकासा एयर की पहली उड़ान नवी मुंबई एयरपोर्ट से सुबह 7:25 बजे रवाना हुई और करीब 9:35 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची। इसके बाद यही विमान सुबह 10:15 बजे नोएडा से वापस नवी मुंबई के लिए रवाना हुआ और दोपहर 12:30 बजे अपने गंतव्य पर पहुंच गया। पहली उड़ान से यात्रा करने वाले यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला। यात्रियों ने एयरपोर्ट की आधुनिक सुविधाओं, साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की। कई यात्रियों का कहना था कि दिल्ली के मुकाबले यहां पहुंचना फिलहाल ज्यादा आसान है क्योंकि आसपास ट्रैफिक जाम की समस्या अपेक्षाकृत कम है।
अकासा एयर ने नोएडा एयरपोर्ट से अपनी सेवाएं नियमित रूप से शुरू कर दी हैं। एयरलाइन रोजाना बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए उड़ानें संचालित करेगी। इससे बिजनेस यात्रियों, आईटी प्रोफेशनल्स और आम यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। नवी मुंबई से आने वाली फ्लाइट सुबह 7:25 बजे उड़ान भरती है और 9:35 बजे नोएडा पहुंचती है। वहीं नोएडा से यह फ्लाइट सुबह 10:15 बजे रवाना होकर दोपहर 12:30 बजे नवी मुंबई पहुंचती है। दूसरी ओर बेंगलुरु से फ्लाइट शाम 4:25 बजे उड़ान भरती है और शाम 7:15 बजे नोएडा एयरपोर्ट पर लैंड करती है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस पहले ही कई महत्वपूर्ण शहरों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। हैदराबाद, अमृतसर, जम्मू और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए नियमित फ्लाइट सेवा उपलब्ध है। इंडिगो और अकासा एयर के संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों के पास अब अधिक विकल्प मौजूद हैं।
यात्री सेवाओं के साथ-साथ अब नोएडा एयरपोर्ट कार्गो संचालन की दिशा में भी बड़ा कदम उठाने जा रहा है। 17 जून को यहां से पहली मालवाहक उड़ान रवाना होगी। शुरुआती चरण में घरेलू कार्गो सेवाएं शुरू की जाएंगी, जबकि 1 जुलाई से नियमित संचालन शुरू करने की तैयारी है। इस सुविधा का सबसे अधिक फायदा उत्तर प्रदेश के किसानों, निर्यातकों और कारोबारियों को मिलने की उम्मीद है। अब कृषि उत्पाद, फल-सब्जियां, डेयरी उत्पाद और औद्योगिक सामान तेजी से देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाए जा सकेंगे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में एयर इंडिया SATS एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 87 एकड़ क्षेत्र में मल्टी मॉडल कार्गो हब एंड कार्गो टर्मिनल विकसित किया गया है। पहले चरण में करीब 30 एकड़ क्षेत्र में घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और एक्सप्रेस कोरियर टर्मिनल तैयार किए गए हैं। इस कार्गो हब की शुरुआती क्षमता सालाना 1.2 मिलियन मीट्रिक टन माल संभालने की है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 2.5 मिलियन मीट्रिक टन तक किया जाएगा। इससे नोएडा एयरपोर्ट सिर्फ यात्री परिवहन ही नहीं बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
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