उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले स्तिथ दनकौर के 103वें श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेले में भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ। ₹1.51 लाख की सबसे बड़ी कुश्ती समेत कई इनामी मुकाबलों में देशभर के पहलवानों ने दमखम दिखाया। सांसद डॉ. महेश शर्मा और विधायक धीरेन्द्र सिंह ने दंगल का शुभारंभ किया।

Jewar News : उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के दनकौर नगर में चल रहे ऐतिहासिक 103वें श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेले में मंगलवार को पारंपरिक भारतीय कुश्ती का रोमांच चरम पर दिखाई दिया। श्री द्रोण गौशाला समिति (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित विशाल कुश्ती दंगल में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नामचीन पहलवानों ने अखाड़े में अपने दमखम, फुर्ती और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। दंगल देखने के लिए दनकौर ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों और जेवर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में जब पहलवानों ने अखाड़े में एक-दूसरे को चुनौती दी तो पूरा दंगल स्थल तालियों, जयकारों और पहलवानों के उत्साहवर्धन से गूंज उठा। Jewar News
मंगलवार के दंगल में ₹1,51,000 की सबसे बड़ी कुश्ती विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा ₹71,000, ₹51,000, ₹31,000, ₹21,000, ₹11,000 और ₹5,100 की इनामी कुश्तियां भी आयोजित की गईं। बड़े इनाम वाली कुश्तियों को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। जैसे ही पहलवान अखाड़े में उतरते, दर्शक अपनी-अपनी पसंद के पहलवान का उत्साह बढ़ाने के लिए जोरदार तालियां बजाते और जयकारे लगाते नजर आए। दनकौर के इस दंगल की खासियत यह रही कि यहां कुश्ती केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि ग्रामीण खेल संस्कृति और पारंपरिक अखाड़ा परंपरा का जीवंत प्रदर्शन भी दिखाई दी। Jewar News

भव्य कुश्ती दंगल का शुभारंभ गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा, कोकिला वन शनिदेव मंदिर के उत्तराधिकारी श्री श्री जानकीदास महाराज तथा जेवर विधानसभा क्षेत्र के विधायक ठाकुर धीरेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि दनकौर का ऐतिहासिक श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों के आयोजन से ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और युवाओं में खेलों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है। विधायक ठाकुर धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि दनकौर का श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला क्षेत्र की गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ है। 103 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में कुश्ती दंगल का आयोजन भारतीय ग्रामीण खेल संस्कृति को जीवंत रखने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय और ग्रामीण प्रतिभाओं को बड़े मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। Jewar News
दनकौर का श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है। यह क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष यह मेला 3 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ कुश्ती दंगल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रागिनी, नाटक और अन्य आयोजन भी रखे गए हैं। दनकौर के द्रोणाचार्य मंदिर और मेले को स्थानीय परंपराओं में महाभारत कालीन गुरु द्रोणाचार्य से जोड़ा जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार दनकौर को प्राचीन द्रोण नगरी से भी जोड़ा जाता है। हालांकि इन महाभारतकालीन दावों को स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यता के रूप में देखा जाना चाहिए। Jewar News
दनकौर का द्रोणाचार्य मंदिर और उससे जुड़ा प्राचीन द्रोण तालाब इस पूरे आयोजन को अलग पहचान देता है। दनकौर के मेले में कुश्ती का आयोजन लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है और इसे गुरु द्रोणाचार्य की शस्त्र एवं युद्धकला की परंपरा से जोड़कर भी देखा जाता है। इसी वजह से मेले में होने वाला दंगल केवल सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं माना जाता। यहां अखाड़े में उतरने वाले पहलवानों को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।विभिन्न रिपोर्टों में इस वर्ष के दंगल में देशभर के पहलवानों के साथ ईरानी पहलवानों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई थी, जिससे इस बार के दंगल को लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई थी। Jewar News
दनकौर का यह आयोजन खास इसलिए भी है क्योंकि यहां एक ही स्थान पर धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति, मनोरंजन और पारंपरिक खेलों का संगम देखने को मिलता है। बुजुर्ग जहां मेले की पुरानी यादों को लेकर पहुंचते हैं, वहीं नई पीढ़ी के बच्चे और युवा कुश्ती, झूलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों का आनंद लेते हैं।इस लिहाज से दनकौर का श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला केवल एक वार्षिक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। Jewar News
कुश्ती दंगल के दौरान श्री द्रोण गौशाला समिति (रजि.) के अध्यक्ष राकेश कुमार गर्ग, प्रबंधक रजनीकान्त अग्रवाल, उप प्रबंधक संजीव कुमार गुप्ता, मोहित कुमार गर्ग, सुशील कुमार मांगलिक, संजय कुमार गोयल, पंकज गर्ग, मनोज त्यागी, सांसद प्रतिनिधि सोनू वर्मा, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सत्यवीर नागर, भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना, ओमवीर सिंह भाटी, डॉ. गिरीश कुमार वत्स, चंद्रपाल सिंह नागर और ध्रुव गोयल सहित समिति के पदाधिकारी, सदस्य तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। Jewar News
श्री द्रोण गौशाला समिति के प्रबंधक रजनीकान्त अग्रवाल ने कहा कि दनकौर का श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला 103 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कुश्ती दंगल इस मेले की प्रमुख परंपराओं में शामिल है और इसके माध्यम से भारतीय पारंपरिक कुश्ती तथा ग्रामीण खेल संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। समिति की ओर से सांसद डॉ. महेश शर्मा, श्री श्री जानकीदास महाराज, विधायक ठाकुर धीरेन्द्र सिंह, सभी पहलवानों, आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों और बड़ी संख्या में पहुंचे कुश्ती प्रेमियों का आभार व्यक्त किया गया। Jewar News
दनकौर का 103वां श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक दौर में भी परंपरागत आयोजन अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। धार्मिक आस्था से शुरू होने वाला यह आयोजन जब अखाड़े में पहलवानों के दांव-पेच, दर्शकों की तालियों और हजारों लोगों की भागीदारी से जीवंत होता है तो दनकौर की पुरानी सांस्कृतिक पहचान एक बार फिर सामने आ जाती है। जेवर विधानसभा क्षेत्र के लिए दनकौर का यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता, ग्रामीण खेल प्रतिभा और स्थानीय संस्कृति का भी बड़ा मंच बनकर उभर रहा है। Jewar News
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