जेवर एयरपोर्ट टेकऑफ के करीब, जल्द शुरू हो सकती हैं उड़ानें

सके साथ ही जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते के आसपास जेवर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू हो सकता है, जो उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत और नई सुविधा लेकर आएगा।

जेवर एयरपोर्ट को मिली अहम मंजूरियां
जेवर एयरपोर्ट को मिली अहम मंजूरियां
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Mar 2026 10:34 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को लेकर बड़ी और बेहद अहम खबर सामने आई है, जिसने जेवर से लेकर पूरे एनसीआर तक उत्साह बढ़ा दिया है। लंबे समय से जिस शुरुआत का इंतजार किया जा रहा था, वह अब हकीकत के बेहद करीब नजर आ रही है। जेवर एयरपोर्ट को सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से एयरोड्रम लाइसेंस भी जारी हो चुका है। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते के आसपास जेवर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू हो सकता है, जो उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत और नई सुविधा लेकर आएगा।

जेवर एयरपोर्ट ने पार किया सबसे अहम पड़ाव

जेवर एयरपोर्ट के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि उसे ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी BCAS से सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिल गई। इसके बाद DGCA ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया, जिसे वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करने से पहले सबसे अहम नियामकीय मंजूरी माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अब जेवर एयरपोर्ट परिचालन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और एयरलाइंस के साथ समन्वय तेज किया जा रहा है। शुरुआती आकलन में 45 दिनों के भीतर उड़ान सेवा शुरू होने की बात कही गई थी। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन मार्च के आखिर तक हो सकता है, जबकि व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। इसी वजह से 20 अप्रैल तक उड़ान शुरू होने की चर्चा को अब अधिक मजबूत आधार मिलता दिखाई दे रहा है। फिलहाल जेवर एयरपोर्ट से पहले चरण में घरेलू यात्री और कार्गो उड़ानों के साथ संचालन शुरू होने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अभी कुछ और औपचारिकताएं तथा चरणबद्ध विस्तार बाकी है, इसलिए विदेशी रूट्स पर सेवाएं कुछ समय बाद शुरू होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट की कार्गो व्यवस्था भी तैयार बताई जा रही है, इसलिए जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ यात्री सुविधा नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी देखा जा रहा है।

जल्द खुल सकती है बुकिंग

सूत्रों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट पर शुरुआती दौर में उड़ानों का संचालन सीमित समय-सारिणी के साथ होगा। पहले चरण में दिन के समय उड़ानों पर जोर रहेगा और बाद में व्यवस्था को धीरे-धीरे विस्तारित किया जाएगा। यह मॉडल एयरपोर्ट संचालन को सुरक्षित, व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत को लेकर एयरलाइंस कंपनियों की हलचल भी तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और आकाशा एयर ने यहां से सेवाएं शुरू करने की योजना की पुष्टि की है। टिकट बुकिंग उड़ान शुरू होने से करीब 30 दिन पहले खुल सकती है, इसलिए माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए बुकिंग विंडो इसी महीने सक्रिय हो सकती है।

इन शहरों से जुड़ सकता है जेवर एयरपोर्ट

पहले चरण में जेवर एयरपोर्ट से देश के बड़े शहरों को जोड़ने की तैयारी है। शुरुआती कनेक्टिविटी में मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के नाम सामने आए हैं, जबकि पहले की चर्चाओं में चंडीगढ़, चेन्नई, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद और जयपुर जैसे शहरों को भी संभावित सूची में माना जाता रहा है। यानी जेवर एयरपोर्ट शुरू होते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के यात्रियों को बड़ा विकल्प मिल सकता है।

क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ एक नए एयरपोर्ट के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक धुरी माना जा रहा है। इससे दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, निवेश को गति मिलेगी और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र को नया आधार मिलेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने भी कहा है कि यह एयरपोर्ट पर्यटन, निवेश और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट पर रनवे, एटीसी टावर, टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं, सुरक्षा ढांचा और प्रमुख परिचालन व्यवस्थाएं लगभग तैयार हैं। एयरपोर्ट के लिए यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली लगभग 750 मीटर लंबी एक्सेस रोड भी पूरी हो चुकी है। सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF संभाल रही है और ग्राउंड स्टाफ से लेकर तकनीकी टीमों की तैनाती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट को मिली बड़ी मंजूरी, नवरात्र में उद्घाटन कर सकते हैं PM मोदी

माना जा रहा है कि आगामी नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं, जिससे उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar06 Mar 2026 08:10 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चर्चा में रहे जेवर एयरपोर्ट को अब बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। सुरक्षा क्लियरेंस मिलने के महज एक दिन बाद ही एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया गया है, जिसे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। इसके साथ ही एयरपोर्ट के औपचारिक उद्घाटन का रास्ता लगभग साफ हो गया है। माना जा रहा है कि आगामी नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं, जिससे उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा मंजूरी के बाद तेजी से पूरी हुई प्रक्रिया

जेवर एयरपोर्ट को गुरुवार को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सुरक्षा मंजूरी मिली थी। इसके बाद माना जा रहा था कि एयरोड्रम लाइसेंस मिलने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है, लेकिन प्रक्रिया अपेक्षा से कहीं तेज रही। शुक्रवार को ही DGCA ने औपचारिक रूप से एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया, जिससे एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में बड़ी बाधा दूर हो गई।

45 दिनों में शुरू हो सकती हैं यात्री उड़ानें

नियमों के अनुसार एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के लगभग 45 दिनों के भीतर एयरपोर्ट से नियमित उड़ान संचालन शुरू किया जा सकता है। इसी समयसीमा के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 20 अप्रैल के बाद जेवर एयरपोर्ट से देश के प्रमुख शहरों के लिए यात्री उड़ानें शुरू हो सकती हैं। शुरुआती चरण में इंडिगो, आकाश एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख एयरलाइंस यहां से अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। इन उड़ानों के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यात्रा का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों को मिलेगा फायदा

जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से न केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर को राहत मिलेगी। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लाखों यात्रियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली के मौजूदा हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री योगी ने पहले ही दिया था संकेत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने सिंगापुर दौरे के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जल्द उद्घाटन का संकेत दिया था। इसके बाद परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया गया। अब एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद उद्घाटन की तैयारियां भी तेज हो गई हैं और प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम की रूपरेखा पर काम शुरू कर दिया गया है।

अधिकारियों ने दी जानकारी

जेवर एयरपोर्ट लिमिटेड के नोडल अधिकारी और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, DGCA ने शुक्रवार को जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस मंजूरी के बाद एयरपोर्ट के उद्घाटन और संचालन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। तय समयसीमा के अनुसार 45 दिनों के भीतर एयरपोर्ट पूरी तरह ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाएगा। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट ने पार किया अहम पड़ाव, जल्द शुरू होंगी उड़ानें

जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सशर्त मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रम लाइसेंस का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। अब सबकी निगाहें डीजीसीए के अंतिम निरीक्षण पर टिकी हैं।

जेवर एयरपोर्ट को मिली BCAS से मंजूरी
जेवर एयरपोर्ट को मिली BCAS से मंजूरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar06 Mar 2026 09:30 AM
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Jewar Airport : दिल्ली-एनसीआर के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल जेवर एयरपोर्ट अब संचालन के एक और अहम पड़ाव के करीब पहुंच गया है। जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सशर्त मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रम लाइसेंस का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। अब सबकी निगाहें डीजीसीए के अंतिम निरीक्षण पर टिकी हैं।

सुरक्षा मंजूरी ने बढ़ाई जेवर एयरपोर्ट की रफ्तार

अधिकारियों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट पर विकसित सुरक्षा ढांचे को तय मानकों के अनुरूप पाया गया है। लंबे समय से यहां सुरक्षा उपकरणों की स्थापना, परीक्षण और उनकी प्रभावशीलता की जांच चल रही थी। अब BCAS की सशर्त मंजूरी मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट के परिचालन की दिशा में बड़ा प्रशासनिक अवरोध दूर हो गया है। जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एंटी-हाइजैक कंटीजेंसी प्लान को माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि इस आपातकालीन सुरक्षा योजना को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी। यह प्लान किसी विमान के अपहरण, बम की सूचना या अन्य गंभीर सुरक्षा खतरे की स्थिति में लागू होता है। इस व्यवस्था में विमानन कंपनियां, एयरपोर्ट प्रबंधन, सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन तंत्र और सरकार मिलकर समन्वित कार्रवाई करते हैं। यही वजह है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए इस मंजूरी को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट पर जरूरी सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की लंबे समय से पड़ताल की जा रही थी। संबंधित संसाधनों की स्थापना के बाद उनकी क्षमता और आपात स्थितियों में उपयोगिता की जांच की गई। परीक्षण के दौरान सुरक्षा इंतजाम संतोषजनक पाए गए, जिसके बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को समग्र सुरक्षा मंजूरी का रास्ता मिला। BCAS से हरी झंडी मिलने के बाद अब जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम करेगी। यही निरीक्षण तय करेगा कि एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस कब जारी किया जाएगा। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों की औपचारिक शुरुआत संभव होगी।

लाइसेंस मिलते ही एयरलाइंस तैयार करेंगी उड़ान शेड्यूल

अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिलेगा, एयरलाइंस कंपनियां अपनी टिकट बुकिंग और उड़ानों का शेड्यूल जारी करने की प्रक्रिया तेज कर देंगी। इसका सीधा मतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब जमीन पर बने ढांचे से आगे बढ़कर वास्तविक परिचालन की दहलीज पर खड़ा है। सुरक्षा मानकों पर मुहर लगने के बाद जेवर एयरपोर्ट के मार्च में शुभारंभ की संभावना और मजबूत मानी जा रही है। हालांकि उद्घाटन और कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन एक साथ शुरू होने की उम्मीद नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, औपचारिक उद्घाटन के बाद नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने में करीब 45 दिन का समय लग सकता है।

दिल्ली-एनसीआर के लिए गेमचेंजर बन सकता है जेवर एयरपोर्ट

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक नया एयरपोर्ट नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ा एविएशन, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र बन सकता है। जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र और आसपास के जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे यात्रियों को वैकल्पिक हवाई सुविधा, कारोबारी गतिविधियों को रफ्तार और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। Jewar Airport

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