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जेवर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा 15 जून 2026 को शुरू हो जाएगी। इस दौरान जेवर एयरपोर्ट की विशेषताओं को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इस दौरान जेवर एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी ने बताया है कि जेवर एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों का स्वागत जागृति के द्वारा किया जाएगा।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा 15 जून 2026 को शुरू हो जाएगी। इस दौरान जेवर एयरपोर्ट की विशेषताओं को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इस दौरान जेवर एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी ने बताया है कि जेवर एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों का स्वागत जागृति के द्वारा किया जाएगा। दरअसल जागृति कोई लडक़ी अथवा महिला नहीं है। जागृति जेवर एयरपोर्ट पर लगाई गई 100 फीट लम्बी एक ऐसी कलाकृति (पेंटिंग) है जिसको देखकर जेवर एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों को भरपूर आनंद मिलेगा। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट पर लगाई गई कलाकृति (पेंटिंग) भारत के प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री परेश मैती ने बनाई है। दिल्ली एयरपोर्ट पर लगाई गई 850 फीट लम्बी पेंटिंग ‘‘इंडिया ऑडेसी” के मुकाबले जेवर एयरपोर्ट पर लगाई गई जागृति कई मामलों में खास है। इस खास कलाकृति के विषय में खुद पदमश्री परेश मैती ने पत्रकारों को जानकारी दी है। मंगलवार को जेवर एयरपोर्ट पर पहुंचे पदमश्री परेश मैती ने जागृति की तमाम विशेषताओं को अपने शब्दों में बताया। Jewar Airport
पदमश्री परेश मैती ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट पर अनोखी कलाकृति लगानी थी। यह कलाकृति बनाने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई तो उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि पेंटिंग बनाने में उन्हें लगभग एक साल लग गया। 100 फीट की पेंटिंग में उन्होंने भारत के 6 अलग-अलग स्थानों को दर्शाया है। जेवर एयरपोर्ट आए पद्मश्री परेश मैती ने बताया कि उनकी पेंटिंग 'जागृति' के जरिये लोगों का स्वागत करने के लिए बेचैन हैं क्योंकि जेवर एयरपोर्ट दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में से एक है इसलिए उनकी उत्सुकता और भी ज्यादा है। Jewar Airport
पेंटिंग की खासियत : सबसे पहले काशी के घाट हैं जो शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश देते हैं। दूसरा सारनाथ के सांची स्तूप हैं जो ज्ञान का प्रतीक हैं। तीसरा आगरा का ताजमहल है जो दुनिया भर में प्रेम की विरासत के रूप में मशहूर है। चौथा मथुरा-वृंदावन और गोवर्धन पर्वत है। पांचवां सरयू नदी के किनारे बसी अयोध्या और अंतिम में देश दुनिया का केंद्र बनने वाले प्रयागराज के महाकुंभ को दर्शाया गया है जो मनुष्यों की जीवंत ऊर्जा का सबसे बड़ा प्रतीक है। इन सभी पेंटिंग में उगता हुआ सूरज सामान रूप से दिखाया गया है, जो हर दिन नई चेतना और ऊर्जा का संदेश देता है। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट के अंदर मैती की दूसरी कलाकृति 'मिस्टिक अबोड' है। जिसे लगभग पीतल की 8500 घंटियों से बनाया गया है। परेश मैती ने बताया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव भरे जीवन में उनकी यह कलाकृति लोगों को आत्मचिंतन और चेतना को जगाने का संदेश देगी क्योंकि घंटियों की ध्वनि सकारात्मक ऊर्जा से भरी होती है और नकारात्मकता को दूर करती है। यही करण है कि मंदिरों और पूजा घरों में घंटियां लगाई जाती हैं। इससे लोगों को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक संदेश मिलेगा। Jewar Airport
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