जेवर एयरपोर्ट के 10 किमी दायरे में मीट बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

विमानन सुरक्षा नियमों के तहत जेवर एयरपोर्ट की 10 किलोमीटर परिधि में मांस-मछली की बिक्री, पशु वध और खुले में कचरा फेंकने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar31 Jan 2026 10:28 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को लेकर एक बड़ी और बेहद अहम अपडेट सामने आई है। निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुके जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ अब सुरक्षा मानकों को टॉप प्रायोरिटी पर रखकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत जेवर एयरपोर्ट की 10 किलोमीटर परिधि में मांस-मछली की बिक्री, पशु वध और खुले में कचरा फेंकने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।।

क्यों लिया गया ये सख्त फैसला?

प्रशासन के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट के आसपास खुले में अपशिष्ट, पशु अवशेष या मांस-मछली की दुकानों से पक्षियों के जुटने की आशंका बढ़ जाती है। यही पक्षी उड़ान के दौरान विमान से टकरा सकते हैं, जिसे बर्ड हिट कहा जाता है। विमानन क्षेत्र में इसे एक बड़ा सुरक्षा जोखिम माना जाता है। इसी खतरे को न्यूनतम करने के लिए एयरपोर्ट के चारों तरफ 10 किमी की परिधि में यह कड़ा प्रतिबंध लागू किया गया है।

लाइसेंसी दुकानें भी होंगी बंद

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल अवैध दुकानों के खिलाफ नहीं होगा। जेवर एयरपोर्ट की 10 किलोमीटर सीमा के भीतर आने वाली लाइसेंसधारी दुकानों पर भी मांस-मछली की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। साथ ही क्षेत्र में किसी भी तरह का कचरा या अपशिष्ट खुले में फेंकना सख्त तौर पर वर्जित कर दिया गया है। प्रशासन ने इस फैसले पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है, नियम तोड़ने पर ₹1 करोड़ तक जुर्माना और 3 साल तक जेल की कार्रवाई हो सकती है।

जेवर एयरपोर्ट के लिए निगरानी बढ़ी

जैसे-जैसे जेवर एयरपोर्ट के संचालन की तैयारियां तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे आसपास के इलाकों में निगरानी भी बढ़ाई जा रही है। संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करें। प्रशासन की ओर से गांवों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सार्वजनिक सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को प्रतिबंधों की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सके। निरीक्षण टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है, जो तय दायरे में नियमित दौरा करेंगी। Jewar Airport

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योगी सरकार की बड़ी सौगात, जेवर एयरपोर्ट के लिए बढ़ा मुआवजा

इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है।

जेवर एयरपोर्ट अपडेट
जेवर एयरपोर्ट अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar30 Jan 2026 09:58 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण को तेज रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले जेवर क्षेत्र के सात गांवों के प्रभावित किसानों का मुआवजा सीधे 3100 से बढ़ाकर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से जमीन उपलब्ध कराने की राह आसान होगी और परियोजना के अगले चरण की तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ेंगी।

किन गांवों के किसानों को मिलेगा बढ़ा मुआवजा?

जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण में प्रस्तावित पुनर्वास टाउनशिप के लिए जिन गांवों के किसान जमीन उपलब्ध करा रहे हैं, उनमें जेवर बांगर, मदापुर, फलैदा बांगर, करौली बांगर, तीर्थली, धनपुरा और मेहंदीपुर प्रमुख हैं। इन सात गांवों के प्रभावित किसानों को अब 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। कैबिनेट के फैसले में यह भी साफ किया गया है कि SIA (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) नोटिफिकेशन की तारीख से लेकर अवॉर्ड की घोषणा तक किसानों को मूल मुआवजे पर बैंक ब्याज का लाभ भी मिलेगा। यानी जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वालों को सिर्फ बढ़ी हुई कीमत ही नहीं, बल्कि समय के साथ जुड़ा ब्याज भी मिलेगा।

क्यों बढ़ानी पड़ी दर?

दरअसल, जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होते ही आसपास के किसानों की सहमति के आधार पर वहां मुआवजा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय कर दिया गया था। जब यही दर जब दूसरे चरण की रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए प्रभावित सात गांवों में 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई, तो किसानों ने इसे असमानता मानते हुए एक जैसी दर की मांग तेज कर दी नतीजा यह हुआ कि अधिग्रहण की रफ्तार धीमी पड़ गई। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने दोनों चरणों में मुआवजे की दर बराबर करके साफ संकेत दे दिया है कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना में किसानों के हित और भरोसे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और इसी भरोसे के साथ आगे की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

कितनी जमीन और कहां बनेंगी टाउनशिप?

जानकारी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए छह गांवों से अब तक 1181 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। अगला फोकस उन किसानों के पुनर्वास पर है, जिनके लिए मदापुर और फलैदा कट के आसपास दो आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए सात गांवों से कुल 189.76 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (भूमि अधिग्रहण) बच्चू सिंह के मुताबिक, जिला प्रशासन पहले ही 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेज चुका था, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। उनका कहना है कि सरकारी आदेश (GO) जारी होते ही जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी पुनर्वास टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और आगे की तैयारियां बिना रुकावट आगे बढ़ेंगी। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट के पास किसानों को मिलेगा बड़ा तोहफा

जेवर एयरपोर्ट के पास एक खास प्रकार का फूड पार्क भी स्थापित किया जाएगा। इस फूड पार्क से आस-पास के किसानों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट के पास स्थापित होने वाला फूड पार्क उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।

जेवर एयरपोर्ट
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locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Jan 2026 03:20 PM
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Jewar Airport : ग्रेटर नोएडा शहर के पास जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है। बार-बार बताया जा चुका है कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए ग्रोथ इंजन का काम करेगा। जेवर एयरपोर्ट के पास एक खास प्रकार का फूड पार्क भी स्थापित किया जाएगा। इस फूड पार्क से आस-पास के किसानों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट के पास स्थापित होने वाला फूड पार्क उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।

क्या है जेवर एयरपोर्ट के पास फूड पार्क की योजना

आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट के पास एक बड़ा फूड पार्क स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाया  गया है। जेवर क्षेत्र में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यह फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा सेक्टर-24 में 30 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के पास यह फूड पार्क एग्रो हब (कृषि निर्यात केंद्र) के तहत स्थापित होगा, जो कर्नाटक के कोलार स्थित इनोवा फूड पार्क द्वारा विकसित किया जाएगा। जेवर एयरपोर्ट के पास स्थापित होने वाला यह बड़ा फूड पार्क कृषि और बागवानी उत्पादों की जांच, ग्रेडिंग और पैकेजिंग की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा, और इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया जाएगा. एग्रो हब के कार्गो टर्मिनल से इसकी दूरी लगभग 10 किलोमीटर होगी, जिससे माल का परिवहन सस्ता और तेज होगा। इससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे. यहां स्थानीय कृषि उत्पादों जैसे अमरूद, बेल, आम, आंवला का भी निर्यात किया जाएगा, साथ ही डेयरी प्लांट और अन्य औद्योगिक इकाइयों का भी विकास होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव ने देखा फूड पार्क का स्थल

यीडा के जिस क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के पास फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। उस क्षेत्र पर उत्तर प्रदेश सरकार का पूरा फोकस है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव रविंद्र कुमार ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-24 में स्थित इस परियोजना स्थल का दौरा किया और कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात भी की।  इस दौरान कंपनियों के पदाधिकारियों ने फूड पार्क परियोजना का प्रेजेंटेशन भी दिया। यीडा प्राधिकरण ने फूड पार्क के लिए जमीन आवंटित करने के लिए एलओआई जारी करने की तैयारी कर ली है। जल्द ही कंपनी को भूमि मिल सकती है। Jewar Airport

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