सुनील कुमार जैन द्वारा जेवर थाने में दर्ज कराई गई FIR में कहा गया है कि उनको और दीपक जैन को कुछ लोगों ने जेवर के गांव मोहबलीपुर में 0.9680 हेक्टेयर भूमि दिखाई थी और आरोपितों ने उनको बताया कि ये जमीन रतन सिंह निवासी गांव मोहबलीपुर के नाम है।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के आस-पास फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी तथा अवैध कब्जे रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट के नाम पर बड़े-बड़े सपने दिखाकर फर्जीवाड़ा करने वाले अलग-अलग गिरोह जेवर एयरपोर्ट के आस-पास सक्रिय हैं। इसी कड़ी में जेवर एयरपोर्ट के पास की जमीन के नाम पर एक और बड़ा फर्जीवाड़ा हो गया है। जेवर एयरपोर्ट के पास जमीन के नाम पर हुए फर्जीवाड़े की जांच जेवर थाने की पुलिस कर रही है।
जेवर एयरपोर्ट के पास फर्जीवाड़े का ताजा मामला सामने आया है। जेवर थाने में इस फर्जीवाड़े की एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। यह FIR दिल्ली के लाजपतनगर में रहने वाले सुनील कुमार जैन ने दर्ज कराई है। सुनील कुमार जैन द्वारा जेवर थाने में दर्ज कराई गई FIR में कहा गया है कि उनको और दीपक जैन को कुछ लोगों ने जेवर के गांव मोहबलीपुर में 0.9680 हेक्टेयर भूमि दिखाई थी और आरोपितों ने उनको बताया कि ये जमीन रतन सिंह निवासी गांव मोहबलीपुर के नाम है। जिसके बाद आरोपितों ने फर्जी कागजात तैयार कर 17 जनवरी को उनको दिखाए। FIR में आगे कहा गया है कि आरोपियों ने सरकारी पोर्टल पर भी उनको वह कागजात दिखाए और पीडि़तों को जमीन लेने के लिए तैयार कर लिया । जिसके बाद आरोपितों ने उनसे 87.66 लाख रुपये बैंकिंग चैनल के माध्यम से ले लिए। इसके बाद पीडि़तों को पता चला कि यह जमीन उन लोगों की है ही नहीं जिन्होंने इस जमीन का सौदा किया है। जेवर पुलिस ने पीडि़तों की तहरीर के आधार पर रतन सिंह, विनय खुर्जा, कुलवीर, सत्यवीर सिंह, कल्पना परमार, राकेश, राज कुमार, प्रेम फौजी व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट बनने के कारण जेवर क्षेत्र में जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट का प्रथम चरण बनकर पूरी तरह से तैयार हो चुका है। जल्दी ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख बहुत जल्दी तय होने वाली है। जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन होते ही पूरे जेवर क्षेत्र का पूरा नक्शा बदल जाएगा। जेवर एयरपोर्ट का असर अब सिर्फ एक परियोजना तक सीमित नहीं है यह पूरे क्षेत्र की दिशा बदलता दिख रहा है। लगभग 3000 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में इकोनॉमिक बूम का बड़ा कारण बन रहा है। रियल एस्टेट में मांग बढऩे के साथ कीमतों में कई गुना उछाल देखा जा रहा है और इसका प्रभाव आगरा तक महसूस किया जा रहा है। इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रोजगार से जुड़े निवेश भी तेजी से बढ़े हैं। वहीं कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सडक़, एक्सप्रेसवे और अन्य लिंक परियोजनाओं पर भी फोकस बढ़ा है, जिससे जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर को प्रीमियम ग्रोथ बेल्ट के रूप में देखा जा रहा है। Jewar Airport