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जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। वर्षों की योजना, निर्माण और तैयारियों के बाद जेवर स्थित यह महत्वाकांक्षी परियोजना आज से यात्रियों की सेवा में उतर रही है। शुरुआती चरण में लखनऊ, बेंगलुरु, अमृतसर सहित कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ानों का संचालन शुरू होने जा रहा है।

Jewar Airport : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। वर्षों की योजना, निर्माण और तैयारियों के बाद जेवर स्थित यह महत्वाकांक्षी परियोजना आज से यात्रियों की सेवा में उतर रही है। शुरुआती चरण में लखनऊ, बेंगलुरु, अमृतसर सहित कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ानों का संचालन शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही करीब ढाई दशक पहले देखे गए एक बड़े सपने को साकार रूप मिल गया है। हालांकि अभी एयरपोर्ट का केवल पहला चरण शुरू हुआ है, लेकिन पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यह परियोजना एशिया के सबसे बड़े एविएशन हब्स में शामिल होगी। आधुनिक तकनीक, पर्यावरण-अनुकूल निर्माण और विश्वस्तरीय सुविधाओं के कारण यह एयरपोर्ट भारत के विमानन क्षेत्र में नई पहचान बनाने जा रहा है। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट को यात्रियों के लिए पूरी तरह स्मार्ट और डिजिटल अनुभव देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। यहां अत्याधुनिक सेल्फ चेक-इन कियोस्क लगाए गए हैं, जिनकी मदद से यात्री कुछ ही सेकंड में अपना बोर्डिंग पास प्राप्त कर सकेंगे। यात्रियों को काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी। वे स्वयं अपना चेक-इन, बैगेज टैगिंग और कई प्रक्रियाएं पूरी कर सकेंगे। एयरपोर्ट के विशाल टर्मिनल में 48 चेक-इन काउंटर, 20 सेल्फ बैगेज ड्रॉप यूनिट और 9 सुरक्षा जांच लेन स्थापित की गई हैं, जिससे यात्रियों की आवाजाही तेज और सुगम बनी रहेगी। Jewar Airport
एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए 10 आधुनिक एयरोब्रिज लगाए गए हैं। इसके जरिए एक समय में कई विमानों में यात्रियों का आवागमन संभव होगा, जिससे बोर्डिंग और डिबोर्डिंग प्रक्रिया तेज होगी।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ने पर भी संचालन प्रभावित नहीं होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कई मायनों में देश के अन्य एयरपोर्ट्स से अलग है। यहां एक अनूठा राजस्व साझेदारी मॉडल लागू किया गया है, जिसके तहत प्रति यात्री टिकट पर सरकार को निश्चित राशि प्राप्त होगी। योजना के अनुसार एयरपोर्ट संचालन के आठवें वर्ष से सरकार को प्रति यात्री टिकट पर लगभग 400.97 रुपये का राजस्व मिलेगा। एविएशन क्षेत्र में इसे एक नई आर्थिक पहल माना जा रहा है। Jewar Airport
एयरपोर्ट का पहला चरण करीब 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है। इसमें एक रनवे, आधुनिक टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, टैक्सीवे और पार्किंग बे जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
पहले चरण में एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। भविष्य में विस्तार के साथ यह क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। दूसरे चरण में नया रनवे और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) हब विकसित किया जाएगा। वहीं अंतिम चरण तक एयरपोर्ट में कुल पांच रनवे होंगे और इसकी यात्री क्षमता बढ़कर लगभग सात करोड़ वार्षिक यात्रियों तक पहुंच जाएगी। इसके साथ ही यहां कई एविएशन और एयरोस्पेस कंपनियों के आने की संभावना भी है। Jewar Airport
यात्री सेवाओं के साथ-साथ एयरपोर्ट को एक बड़े कार्गो केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। करीब 87 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले कार्गो टर्मिनल के पहले चरण में 30 एकड़ क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा। यहां हर वर्ष लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन माल की हैंडलिंग की क्षमता विकसित की जा रही है। कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं कृषि, डेयरी, फार्मा और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात को नई गति देंगी। एयरपोर्ट परिसर में 20 एकड़ क्षेत्र में ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर (GTC) विकसित किया गया है। यहां मल्टीलेवल पार्किंग, बस टर्मिनल, टैक्सी जोन और कैब सेवाओं की व्यवस्था होगी। भविष्य में नमो भारत रैपिड रेल, हाई-स्पीड ट्रेन और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को भी इसी केंद्र से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को निर्बाध यात्रा अनुभव मिलेगा। Jewar Airport
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सबसे बड़ी ताकत इसकी रणनीतिक लोकेशन है। यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा हुआ है। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के माध्यम से भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकेगा। यही वजह है कि यह एयरपोर्ट केवल एनसीआर ही नहीं बल्कि पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भी एक प्रमुख हवाई केंद्र बनने जा रहा है। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट के आसपास एक विशाल एयरोपोलिस विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। दिल्ली की एयरोसिटी की तर्ज पर यहां होटल, कॉर्पोरेट कार्यालय, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग हब विकसित किए जाएंगे। Jewar Airport
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए कई आधुनिक उपाय अपनाए गए हैं। परिसर में सोलर पावर प्लांट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली तकनीकों का उपयोग किया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन का लक्ष्य इसे भविष्य में पूर्ण रूप से कार्बन-न्यूट्रल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करना है। Jewar Airport
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