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जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई गांवों की तस्वीर बदल दी है। जहां कभी दोपहिया वाहन भी कम दिखते थे, वहां अब चार पहिया गाड़ियों की कतारें नजर आती हैं।

Jewar Airport News : जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई गांवों की तस्वीर बदल दी है। जहां कभी दोपहिया वाहन भी कम दिखते थे, वहां अब चार पहिया गाड़ियों की कतारें नजर आती हैं। दयानतपुर और रौनेरा जैसे गांवों में एक ही दिन में 21 स्कॉर्पियो का आना इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है। Jewar Airport News
दो चरणों में करीब 2,420 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के बदले लगभग 7,000 किसानों को 8,016 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला।
इसका असर साफ दिखता है:
* गांवों में महंगी गाड़ियां और स्मार्टफोन आम हो गए
* कई परिवारों ने नए घर, जमीन और बिजनेस में निवेश किया
* बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है। Jewar Airport News
जहां कई किसानों ने मुआवजे का पैसा समझदारी से लगाया है। उन्होंने जमीन खरीदी, छोटे उद्योग शुरू किए, बैंक में पैसा जमा किया।
वहीं कुछ जगहों पर फिजूलखर्ची और दिखावे की भी तस्वीर सामने आई है। जबकि मुआवजा मिलने के बावजूद रोजगार की समस्या जस की तस बनी हुई है। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथारिटी के अनुसार नौकरी या 5.5 लाख रुपये का विकल्प दिया गया था, लेकिन ज्यादातर नौकरियां 18-25 हजार सैलरी वाली हैं। युवा इन नौकरियों में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। नतीजा: पैसा है, लेकिन स्थायी आय का अभाव अभी भी बना हुआ है। Jewar Airport News
विस्थापितों के लिए बनाई गई आर&आर कॉलोनियां दिखने में आधुनिक हैं, लेकिन:
* जलभराव जैसी समस्याएं
* रोजगार के अवसरों की कमी
* सामाजिक बदलाव की चुनौतियां यहां के युवाओं में असंतोष साफ नजर आता है। Jewar Airport News
कई किसानों और नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि जमीन का सही मूल्य नहीं मिला, वादे के अनुसार रोजगार नहीं मिला और अधिग्रहण दर कम तय की गई है। इस वजह से कुछ किसान अब भी आंदोलन और विरोध की राह पर हैं। जेवर एयरपोर्ट ने गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत जरूर किया है, लेकिन यह भी सच है कि अचानक आई अमीरी ने स्थायी विकास की गारंटी नहीं दे सकता। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट अब भी बड़ी चुनौती है। Jewar Airport News
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