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करीब 25 वर्षों से जिस महत्वाकांक्षी परियोजना का सपना दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोग देख रहे थे, वह आखिरकार साकार हो गया। सोमवार को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत के साथ क्षेत्र ने विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के एक नए दौर में प्रवेश कर लिया है।

Jewar Airport : करीब 25 वर्षों से जिस महत्वाकांक्षी परियोजना का सपना दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोग देख रहे थे, वह आखिरकार साकार हो गया। सोमवार को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत के साथ क्षेत्र ने विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के एक नए दौर में प्रवेश कर लिया है। ऐसे में यदि आप भी इस एयरपोर्ट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो टिकट बुकिंग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी पहले ही जान लेना आपके लिए फायदेमंद होगा। प्रोत्साहित, इस एयरपोर्ट की आधिकारिक पहचान के लिए DXN को IATA (इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएशन) कोड के रूप में मंजूरी दी गई है। अगर आप आने वाले समय में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने की योजना बना रहे हैं, तो टिकट बुक करते समय एक छोटी-सी लेकिन बहुत महत्वपूर्ण जानकारी आपके काम आने वाली है। प्रोत्साहित, जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आधिकारिक IATA कोड अब DXN होगा। यानी एयरलाइन की वेबसाइट हो, ट्रैवल पोर्टल या फिर मोबाइल ऐप, हर जगह यह एयरपोर्ट DXN नाम से दिखाई देगा। Jewar Airport
एयरपोर्ट के संचालन शुरू होते ही एयरलाइन कंपनियों, ट्रैवल वेबसाइट्स और ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट DXN कोड के नाम से दिखाई देगा। यदि कोई यात्री मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता या देश-विदेश के किसी अन्य शहर से जेवर एयरपोर्ट के लिए टिकट बुक करता है, तो उसे गंतव्य एयरपोर्ट के रूप में DXN का चयन करना होगा। आने वाले समय में यह कोड उसी तरह यात्रियों की यात्रा का हिस्सा बन जाएगा, जैसे दिल्ली के लिए DEL और मुंबई के लिए BOM कोड का उपयोग किया जाता है। Jewar Airport
विमानन क्षेत्र में किसी एयरपोर्ट की पहचान उसके नाम से कम और उसके IATA कोड से ज्यादा होती है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) दुनिया के हर प्रमुख एयरपोर्ट को तीन अक्षरों वाला एक विशिष्ट कोड प्रदान करती है। यही कोड टिकट बुकिंग, बोर्डिंग पास, बैगेज टैगिंग, फ्लाइट शेड्यूल, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और एयरलाइंस के बीच संचार जैसी तमाम प्रक्रियाओं का आधार होता है। सरल शब्दों में कहें तो यह किसी एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय पहचान का आधिकारिक संकेतक होता है। Jewar Airport
DXN कोड घोषित होने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठा कि नोएडा एयरपोर्ट का कोड NOI या NIA क्यों नहीं रखा गया। दरअसल, किसी एयरपोर्ट का IATA कोड स्थानीय पसंद या नाम के आधार पर तय नहीं किया जाता। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित तकनीकी और प्रशासनिक मानकों का पालन किया जाता है। IATA यह सुनिश्चित करती है कि नया कोड दुनिया में पहले से मौजूद किसी अन्य एयरपोर्ट या स्थान से मेल न खाए, वैश्विक विमानन प्रणाली में उसकी अलग पहचान हो और टिकटिंग, बैगेज प्रबंधन या एयर ट्रैफिक संचालन में किसी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा न हो। इन्हीं मानकों के अनुरूप नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को DXN कोड प्रदान किया गया है। Jewar Airport
भारत के बड़े एयरपोर्ट्स भी अपनी पहचान उनके IATA कोड से रखते हैं। दिल्ली का DEL, मुंबई का BOM, बेंगलुरु का BLR, हैदराबाद का HYD, चेन्नई का MAA, कोलकाता का CCU और लखनऊ का LKO कोड दुनिया भर में उपयोग किए जाते हैं। अब इसी सूची में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का DXN कोड भी शामिल हो गया है। Jewar Airport
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद लाखों यात्रियों को टिकट बुकिंग, फ्लाइट ट्रैकिंग, ऑनलाइन चेक-इन और अन्य यात्रा सेवाओं के दौरान DXN कोड दिखाई देगा। ऐसे में यात्रियों के लिए इस कोड को पहचानना बेहद जरूरी होगा। यह कोड न केवल एयरपोर्ट की आधिकारिक पहचान बनेगा, बल्कि वैश्विक विमानन नेटवर्क में उसकी मौजूदगी का भी प्रतीक होगा। Jewar Airport
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एयरपोर्ट प्रबंधन के हवाले से DXN कोड के प्रतीकात्मक अर्थ का भी उल्लेख किया गया है। बताया जाता है कि D राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी दिल्ली-एनसीआर से जुड़ाव को दर्शाता है, N नोएडा का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि X को भारत और दुनिया के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि IATA कोड मुख्य रूप से किसी एयरपोर्ट को एक विशिष्ट और वैश्विक पहचान देने के उद्देश्य से आवंटित किए जाते हैं। इसलिए DXN का चयन भी IATA की अंतरराष्ट्रीय कोड आवंटन प्रक्रिया के तहत ही किया गया है। Jewar Airport
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