जेवर एयरपोर्ट और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों के लिए विधानसभा चुनाव 2027 से पहले का समय अहम हो सकता है। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर सुधीर चौहान ने किसानों से एकजुट होकर अपनी लंबित मांगें उठाने की अपील की है।

Greater Noida News : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच जेवर एयरपोर्ट, यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और नोएडा प्राधिकरण से प्रभावित किसानों की लंबित समस्याएं एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ सकती हैं। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर सुधीर चौहान ने क्षेत्र के किसान परिवारों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने और आने वाले किसान आंदोलन, धरना-प्रदर्शन तथा पंचायतों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। उनका कहना है कि किसानों के लिए आने वाले दो-तीन महीने अपनी समस्याओं को संगठित तरीके से उठाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। ठाकुर सुधीर चौहान ने एक ताजा प्रेस नोट जारी कर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों से जाति, बिरादरी, गांव, राजनीतिक विचारधारा और संगठन संबंधी मतभेदों से ऊपर उठकर किसान हितों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। उनके बयान का प्रमुख संदेश यह है कि जब राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जनता के बीच पहुंचेंगे, तब किसानों को अपनी लंबित मांगें स्पष्टता और एकजुटता के साथ उनके सामने रखनी चाहिए। Greater Noida News
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के साथ ही स्थानीय समस्याओं और क्षेत्रीय मांगों पर चर्चा की संभावना भी बढ़ेगी। ऐसे समय में जेवर एयरपोर्ट और अन्य औद्योगिक एवं शहरी विकास परियोजनाओं से प्रभावित किसानों के सामने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का अवसर हो सकता है। ठाकुर सुधीर चौहान का मानना है कि यदि किसान अलग-अलग गांवों और संगठनों में बंटकर अपनी बात रखने के बजाय साझा मांगों के साथ आगे आते हैं, तो उनकी समस्याओं पर व्यापक स्तर पर चर्चा कराई जा सकती है। किसान पंचायत, धरना-प्रदर्शन और शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से संबंधित प्राधिकरणों तथा सरकार के समक्ष अपनी मांगें रख सकते हैं। हालांकि, लंबित मांगों पर निर्णय होना सरकार और संबंधित प्राधिकरणों की नीतियों, नियमों तथा आधिकारिक फैसलों पर निर्भर करेगा। किसान परिषद की अपील का मुख्य उद्देश्य किसानों को चुनावी गतिविधियों के दौरान अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखने के लिए संगठित करना है। Greater Noida News
जेवर एयरपोर्ट के विकास और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक, आवासीय एवं संस्थागत क्षेत्रों के कारण जमीन, मुआवजे, आबादी और पुनर्वास से जुड़े विषय स्थानीय किसानों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर सुधीर चौहान ने किसानों की जिन मांगों को प्रमुखता से उठाया है, उनमें निम्नलिखित मुद्दे शामिल हैं।
10 प्रतिशत और 5 प्रतिशत आवासीय भूखंड: प्राधिकरण से प्रभावित पात्र किसान परिवारों को आवासीय भूखंड दिए जाने से संबंधित लंबित मांगों के समाधान पर जोर दिया गया है। किसानों के लिए पात्रता, आवंटन और लंबित प्रकरणों की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
आबादी और आबादी का विनियमितीकरण: गांवों की आबादी से संबंधित मामलों का नियमानुसार समाधान तथा आबादी विनियमितीकरण की प्रक्रिया को लेकर किसानों की मांगों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है।
मुआवजे से जुड़े मामले: जमीन अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं से प्रभावित किसानों के मुआवजे से संबंधित लंबित प्रकरणों के समाधान की मांग भी प्रमुख है।
गांवों के विकास का मुद्दा: प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों में मूलभूत सुविधाओं, स्थानीय विकास और मूल निवासियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी किसान हितों के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है।
अन्य लंबित किसान हित: किसान परिवारों की अलग-अलग समस्याओं और प्राधिकरणों से संबंधित लंबित मामलों को भी सामूहिक रूप से उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
इन मांगों का समाधान केवल एक गांव या एक संगठन तक सीमित विषय नहीं है। अलग-अलग प्राधिकरणों से प्रभावित किसानों की समस्याओं की प्रकृति और पात्रता के नियम अलग हो सकते हैं, लेकिन साझा मुद्दों पर समन्वय किसानों की मांगों को व्यवस्थित रूप से सामने रखने में सहायक हो सकता है। Greater Noida News
विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के नेता और प्रतिनिधि जनता के बीच पहुंचते हैं। ऐसे में किसानों के सामने अपनी समस्याओं, अपेक्षाओं और मांगों को उनके समक्ष रखने का अवसर हो सकता है।
ठाकुर सुधीर चौहान की अपील है कि किसान इस अवधि को केवल राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने मुद्दों को लिखित मांगपत्र, गांव स्तर की बैठकों, किसान पंचायतों और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधियों के माध्यम से उठाएं। किसानों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि कौन-सी मांग किस प्राधिकरण से संबंधित है, किन मामलों में निर्णय लंबित है और किन समस्याओं के लिए शासन स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता है। मांगों का स्पष्ट और तथ्यात्मक विवरण किसानों तथा संबंधित अधिकारियों के बीच संवाद को अधिक प्रभावी बना सकता है। किसानों के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वे राजनीतिक दलों से अपनी मांगों पर स्पष्ट जवाब मांगें और संबंधित विषयों पर घोषित आश्वासनों तथा बाद में होने वाली कार्रवाई पर नजर रखें। Greater Noida News
ठाकुर सुधीर चौहान ने कहा कि किसानों की समस्याएं किसी एक जाति, बिरादरी, गांव या राजनीतिक संगठन की समस्याएं नहीं हैं। जमीन, मुआवजे, आबादी विनियमितीकरण और आवासीय भूखंडों से जुड़े मुद्दे अनेक किसान परिवारों के भविष्य से संबंधित हैं। इसलिए इन विषयों पर आपसी मतभेदों को पीछे रखकर साझा प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने किसान भाइयों, बहनों, बुजुर्गों और युवाओं से अपील की कि वे अपने सामूहिक हितों को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, किसानों की भागीदारी, आपसी विश्वास और अनुशासन किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय किसान परिषद किसानों की मांगों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने के पक्ष में है। आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्याओं का न्यायपूर्ण समाधान प्राप्त करना होना चाहिए। Greater Noida News
ठाकुर सुधीर चौहान ने अपने बयान में कहा कि किसान केवल बैठकों में समस्याओं पर चर्चा करने तक सीमित न रहें। अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें सामूहिक प्रयास करने होंगे और आने वाले किसान आंदोलन, धरना-प्रदर्शन तथा पंचायतों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। उनका कहना है कि किसानों को अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। आंदोलन की सफलता के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के साथ अनुशासन, स्पष्ट मांगें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की प्रतिबद्धता भी जरूरी है। हालांकि, किसान आंदोलन या पंचायत की किसी निश्चित तारीख, स्थान अथवा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रेस नोट में नहीं दी गई है। ऐसे में किसानों को संबंधित संगठन की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचना के आधार पर आगे की तैयारी करनी होगी। Greater Noida News
जेवर एयरपोर्ट को लेकर क्षेत्र में विकास की गतिविधियां तेज होने के बीच स्थानीय किसानों की जमीन, मुआवजे, आबादी और अन्य अधिकारों से जुड़े विषय महत्वपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में चुनाव से पहले इन समस्याओं पर संवाद और समाधान की मांग क्षेत्रीय चर्चा का हिस्सा बन सकती है। ठाकुर सुधीर चौहान ने प्राधिकरणों से प्रभावित किसान परिवारों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं को अलग-अलग उठाने के बजाय साझा मांगों के साथ आगे आएं। किसानों की ओर से स्पष्ट मांगें रखे जाने, संबंधित विभागों के साथ संवाद करने और राजनीतिक दलों से जवाब मांगने की प्रक्रिया उनकी समस्याओं को सार्वजनिक विमर्श में प्रमुखता दिलाने में सहायक हो सकती है। ठाकुर सुधीर चौहान का संदेश स्पष्ट है कि किसानों को आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर अपने अधिकारों, सम्मान और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संगठित प्रयास करने चाहिए। विधानसभा चुनाव से पहले का समय इस दिशा में संवाद और अपनी मांगें मजबूती से रखने का अवसर बन सकता है। Greater Noida News
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