इस महत्वपूर्ण मंजूरी के साथ अब जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन, परिचालन तैयारियों और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होती दिखाई दे रही है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।

Jewar Airport : उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल जेवर एयरपोर्ट ने एक और बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है, जिसके बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना से जुड़े कामों में तेजी आने की उम्मीद और मजबूत हो गई है। इस महत्वपूर्ण मंजूरी के साथ अब जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन, परिचालन तैयारियों और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होती दिखाई दे रही है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात को परियोजना की प्रगति और अगले चरण की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में जेवर एयरपोर्ट के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन भी शामिल रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगे की दिशा पर चर्चा की।
किसी भी एयरपोर्ट परियोजना के लिए एयरोड्रम लाइसेंस बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसके बाद संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को औपचारिक गति मिलती है। जेवर एयरपोर्ट के लिए यह मंजूरी सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस बड़े बदलाव का संकेत है जिसके जरिए यह परियोजना निर्माण चरण से आगे बढ़कर परिचालन की ओर बढ़ रही है। अब माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट पर तकनीकी तैयारियां, सिस्टम इंटीग्रेशन, परीक्षण और उड़ान संचालन से जुड़े प्रबंध और तेजी से पूरे किए जाएंगे। लंबे समय से जिस लाइसेंस का इंतजार किया जा रहा था, उसके मिलने के बाद परियोजना का फोकस अब अंतिम तैयारियों पर केंद्रित हो गया है।
एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के तुरंत बाद जेवर एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना इस परियोजना की प्राथमिकता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात में जेवर एयरपोर्ट की मौजूदा प्रगति, उद्घाटन की तैयारी और आगे की प्रशासनिक-सुरक्षा प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परियोजना के अगले चरण की जानकारी साझा की। इस मुलाकात को सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब जेवर एयरपोर्ट को जल्द संचालन की स्थिति में लाने पर जोर बढ़ गया है।
एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की प्रक्रिया ने भी गति पकड़ ली है। हालांकि अंतिम उद्घाटन तिथि अभी घोषित नहीं मानी जा रही, लेकिन संकेत साफ हैं कि अब इस परियोजना से जुड़े शेष काम तेज रफ्तार से आगे बढ़ेंगे। उद्घाटन को लेकर तैयारियां प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर आगे बढ़ रही हैं। जेवर एयरपोर्ट को लेकर लंबे समय से देशभर में उत्सुकता बनी हुई है। ऐसे में यह नई प्रगति उन सभी उम्मीदों को और मजबूत करती है, जो इस एयरपोर्ट को उत्तर भारत की बड़ी एविएशन परियोजनाओं में शामिल करती हैं।
एयरोड्रम लाइसेंस का सबसे सीधा असर जेवर एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पर पड़ने वाला है। अब एयरपोर्ट संचालन से जुड़े जरूरी चरणों को पूरा कर नियमित उड़ानों की दिशा में तेजी लाई जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास, निवेश और कनेक्टिविटी के लिहाज से भी जेवर एयरपोर्ट की भूमिका और बड़ी हो जाएगी। Jewar Airport