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जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 1 जून से यहां पांच हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू किए जाने की तैयारी है।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 1 जून से यहां पांच हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू किए जाने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश रोडवेज ने इस सेवा को हरी झंडी दे दी है, जिससे एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने जा रही है। इन बसों का संचालन जेवर एयरपोर्ट से ग्रेटर नोएडा के परी चौक, नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से सिटी सेंटर होते हुए दिल्ली के मयूर विहार और अक्षरधाम तक किया जाएगा। Jewar Airport
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में एआरएम एमके सिंह सहित अन्य अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बस संचालन से जुड़े रूट, तकनीकी व्यवस्था और परिचालन पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश रोडवेज ने जेवर एयरपोर्ट के लिए हाइड्रोजन बस संचालन को औपचारिक मंजूरी दे दी। इस परियोजना के तहत नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) द्वारा इन बसों की आपूर्ति की जाएगी। प्रत्येक बस में लगभग 45 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी और एक बार हाइड्रोजन ईंधन भरने पर यह करीब 600 किलोमीटर तक चलने में सक्षम होगी। Jewar Airport
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के परिवहन विभागों के साथ भी समझौते किए हैं। एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू होने के बाद इन राज्यों से भी बस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान हो जाएगी। यीडा के एसीईओ राजेश कुमार ने बताया कि हाइड्रोजन बसों के संचालन को लेकर रोडवेज अधिकारियों के साथ बैठक में सहमति बन चुकी है और परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। Jewar Airport
इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि हाइड्रोजन ईंधन का उत्पादन ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित प्लांट में किया जाएगा। यह हाइड्रोजन विशेष तकनीक के जरिए शोधित किए गए अपशिष्ट जल (गंदे पानी) से तैयार किया जाएगा। Jewar Airport
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