जेवर एयरपोर्ट की धरती से किसानों के लिए बड़ी घोषणा करेंगे PM मोदी

जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख नजदीक आ गई है। 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जेवर एयरपोर्ट का विधिवत उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्रीएक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 05:51 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख नजदीक आ गई है। 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जेवर एयरपोर्ट का विधिवत उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्रीएक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने दावा किया है कि 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट की धरती से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बहुत बड़ी घोषणा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए होने वाली घोषणा से उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ा फायदा मिलेगा।

जेवर एयरपोर्ट के बहाने विधानसभा चुनाव का आगाज

जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति के लिए ग्रोथ इंजन साबित होगा। 28 मार्च को प्रधानमंत्री जेवर एयरपोर्ट से होने वाले फायदों को विस्तार से गिनवाएंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी घोषणा करेंगे। इस घोषणा में जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए भी घोषणा शामिल रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट की जनसभा के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव के प्रचार का आगाज भी करेंगे। इस जनसभा के साथ ही उत्तर प्रदेश में चुनावी जनसभाओं का सिलसिलाा शुरू हो जाएगा। 

प्रधानमंत्री की जनसभा के बाद अखिलेश यादव की जनसभा

जेवर एयरपोर्ट पर 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा होगी। इस जनसभा के ठीक अगले दिन जेवर एयरपोर्ट से मात्र 60 किलोमीटर दूर दादरी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जनसभा होगी। अखिलेश यादव की पार्टी समाजवादी पार्टी पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि 29 मार्च को दादरी में होने वाली सपा की रैली से उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव के प्रचार की विधिवत शुरूआत हो जाएगी।

एयरपोर्ट के नाम को लेकर भी हो सकती है बड़ी घोषणा

28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा में जेवर एयरपोर्ट के नाम को लेकर भी कोई बड़ी घोषणा हो सकती है। दरअसल जेवर एयरपोर्ट का असली नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट जेवर नगर के पास स्थापित हुआ है। इस कारण बोलचाल की भाषा में इसे जेवर एयरपोर्ट का नाम दिया जा रहा है। जेवर क्षेत्र के नागरिकों की मांग है कि इस एयरपोर्ट का नाम देश के किसी महापुरूष के नाम पर रखा जाए। कुछ लोगों की यह भी मांग है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का अधिकारिक नाम जेवर एयरपोर्ट ही कर दिया जाए। अधिकारिक नाम जेवर एयरपोर्ट रख दिए जाने से पूरी दुनिया में जेवर का नाम, मान तथा सम्मान बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री की जनसभा को लेकर CM योगी सक्रिय

28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सक्रिय हैं। इसी सक्रियता के चलते CM योगी ने रविवार को जेवर एयरपोर्ट पर पहुंचकर सारी तैयारियों का जायजा लिया। रविवार को मुख्यमंत्री लगभग तीन घंटे तक एयरपोर्ट परिसर में रहे। उन्होंने लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया साथ ही पीएम की जनसभा के लिए तैयार किए गए पंडाल में सुरक्षा के इंतजाम देखे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीधा अल्टीमेंटम दिया है कि प्रधानमंत्री की जनसभा के दौरान किसी भी तरह की चूक बिल्कुल भी नहीं हो। अधिकारी खुद सुरक्षा इंतजाम संभालें। वहीं जनसभा में आने वाले आमजनों को बिल्कुल भी असुविधा नहीं होने के निर्देश दिए गए। Jewar Airport


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जेवर के नवादा गांव में बड़ा फैसला, अब शादी-ब्याह में नहीं बजेगा डीजे

ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सामाजिक सरोकारों और पारंपरिक मूल्यों पर नई चर्चा छेड़ दी है। जेवर के नवादा गांव में ग्रामीणों ने सामूहिक सहमति से एक अहम निर्णय लेते हुए शादी-विवाह और अन्य खुशी के आयोजनों में डीजे पर पूरी तरह रोक लगाने का ऐलान कर दिया है।

जेवर के नवादा गांव में डीजे पर रोक
जेवर के नवादा गांव में डीजे पर रोक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar23 Mar 2026 11:42 AM
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Jewar News : ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सामाजिक सरोकारों और पारंपरिक मूल्यों पर नई चर्चा छेड़ दी है। जेवर के नवादा गांव में ग्रामीणों ने सामूहिक सहमति से एक अहम निर्णय लेते हुए शादी-विवाह और अन्य खुशी के आयोजनों में डीजे पर पूरी तरह रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। गांव की पंचायत में लिया गया यह फैसला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब पांच हजार की आबादी वाले जेवर के नवादा गांव में आयोजित पंचायत में ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब गांव की सीमा के भीतर किसी भी वैवाहिक कार्यक्रम में तेज आवाज में डीजे नहीं बजाया जाएगा। पंचायत का यह भी स्पष्ट संदेश रहा कि यदि कोई परिवार इस सामूहिक निर्णय की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ सामाजिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा।

जेवर में पंचायत का बड़ा संदेश

रविवार को जेवर इलाके के नवादा गांव में आयोजित पंचायत में गांव के बुजुर्ग, जिम्मेदार नागरिक, सामाजिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक के दौरान शादी-ब्याह में बढ़ते शोर-शराबे, ध्वनि प्रदूषण और उससे होने वाली परेशानियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव में आगे से डीजे संस्कृति को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी तय किया कि शादी जैसे पारिवारिक और सामाजिक अवसरों को शालीनता, मर्यादा और पारंपरिक ढंग से संपन्न कराया जाएगा। पंचायत में मौजूद लोगों ने माना कि खुशी के मौके पर उत्सव होना चाहिए, लेकिन ऐसा कोई आयोजन नहीं होना चाहिए जिससे बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और अन्य ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़े।

नियम तोड़ा तो गांव में होगा सामाजिक बहिष्कार

पंचायत के निर्णय में केवल अपील नहीं, बल्कि सख्त सामाजिक संदेश भी शामिल किया गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि कोई परिवार गांव के इस सामूहिक फैसले के खिलाफ जाकर शादी में डीजे बजाता है, तो उसके कार्यक्रम का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इतना ही नहीं, गांव के लोग ऐसे आयोजन में शामिल भी नहीं होंगे। जेवर के नवादा गांव में इस फैसले को जिस तरह व्यापक समर्थन मिला, उसने ग्रामीण एकजुटता की मजबूत तस्वीर पेश की। पंचायत में शामिल लोगों ने कहा कि गांव का हित व्यक्तिगत पसंद से ऊपर है और सामूहिक अनुशासन से ही बेहतर सामाजिक वातावरण बनाया जा सकता है।

पंचायत में रखी गई ठोस दलीलें

पंचायत में पूर्व प्रधानाचार्य नरपत सिंह नागर ने तेज आवाज में बजने वाले डीजे से होने वाले नुकसान पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ध्वनि केवल असुविधा ही नहीं पैदा करती, बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह भी बन सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि लगातार बढ़ता ध्वनि प्रदूषण मानसिक तनाव, सिरदर्द, बेचैनी और हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसी कारण जेवर के नवादा गांव ने समय रहते एक सजग और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पंचायत में केवल डीजे पर रोक की बात नहीं हुई, बल्कि गांव में अन्य सामाजिक बुराइयों और अनावश्यक दिखावे को खत्म करने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि जेवर क्षेत्र के इस गांव में शांति, अनुशासन और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में मिलकर काम किया जाएगा। गांव के लोगों का मानना है कि यदि समाज स्वयं जागरूक होकर कुछ अनुशासन तय करे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा सकता है। Jewar News

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जेवर एयरपोर्ट में दिखेगी भारतीय परंपरा की छाप, आधुनिक डिजाइन से बनेगा खास

उत्तर प्रदेश के जेवर में विकसित हो रहा जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक नया हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और भारतीय सांस्कृतिक पहचान का अनोखा मेल बनकर सामने आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट देश के सबसे अत्याधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होगा।

जेवर एयरपोर्ट की नई पहचान
जेवर एयरपोर्ट की नई पहचान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar23 Mar 2026 10:42 AM
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Jewar Airport : उत्तर प्रदेश के जेवर में विकसित हो रहा जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक नया हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और भारतीय सांस्कृतिक पहचान का अनोखा मेल बनकर सामने आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट देश के सबसे अत्याधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होगा। यहां पहुंचने वाले यात्रियों को शुरुआत से ही ऐसा अनुभव मिलेगा, जिसमें तकनीक के साथ-साथ भारतीय परंपरा की झलक भी साफ दिखाई देगी। जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल परिसर को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रवेश करते ही यात्रियों को वाराणसी और हरिद्वार के घाटों जैसी संरचना का एहसास हो। वहीं, भीतर का वातावरण भारतीय हवेली शैली से प्रेरित रखा गया है, ताकि एयरपोर्ट का अनुभव केवल यात्रा तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक रूप से भी यादगार बने।

शुरुआती चरण में कई बड़े शहरों से जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट

शुरुआत में जेवर एयरपोर्ट से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू किए जाने की तैयारी है। इनमें चंडीगढ़, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद और जयपुर जैसे शहर शामिल बताए जा रहे हैं। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों के यात्रियों को बड़ा विकल्प मिलेगा। उम्मीद है कि जेवर एयरपोर्ट चालू होने के बाद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और यात्रियों का दबाव अन्य एयरपोर्ट्स से भी कुछ हद तक कम होगा। प्रारंभिक चरण में जेवर एयरपोर्ट को हर साल करीब 50 लाख यात्रियों की आवाजाही संभालने के हिसाब से तैयार किया गया है। हालांकि, इसकी डिजाइनिंग भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है। बताया गया है कि एक रनवे के सहारे भी जेवर एयरपोर्ट को करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक विकसित किया जा सकता है। योजना के मुताबिक, जब यात्री क्षमता लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी, तब दूसरे रनवे और नए टर्मिनल के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस लिहाज से जेवर एयरपोर्ट को दीर्घकालिक विस्तार की सोच के साथ विकसित किया जा रहा है।

क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी विशेषताओं में उसका पर्यावरणीय दृष्टिकोण शामिल है। इसे शुरुआत से ही नेट-जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है। यानी यह एयरपोर्ट केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टिकाऊ और हरित विकास के मॉडल के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट में डिजी यात्रा और बायोमेट्रिक सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल यात्रियों के सफर को तेज, आसान और ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए किया जाएगा। यही कारण है कि जेवर एयरपोर्ट को भविष्य के स्मार्ट एयरपोर्ट की श्रेणी में देखा जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट की डिजाइन में दिखेगी भारतीय आत्मा

जेवर एयरपोर्ट की वास्तुशिल्पीय बनावट उसे साधारण एयरपोर्ट्स से अलग पहचान देती है। इसके प्रवेश क्षेत्र को इस तरह विकसित किया गया है कि वहां पहुंचते ही वाराणसी और हरिद्वार के घाटों जैसी सीढ़ीनुमा संरचना का अहसास हो। यह डिजाइन केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की गहरी छाप भी छोड़ती है। टर्मिनल के भीतर बनाया गया केंद्रीय प्रांगण पारंपरिक हवेली शैली से प्रेरित है, जो पूरे परिसर को खुलापन, गरिमा और भारतीय स्थापत्य का स्पर्श देता है। प्राकृतिक रोशनी और हवा के सहज प्रवाह को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह हिस्सा यात्रियों को सुकून भरा अनुभव देगा।

जेवर एयरपोर्ट की एक और खास बात यह है कि यहां बैठने की व्यवस्था में बांस से बने फर्नीचर का इस्तेमाल किया गया है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश जाता है, बल्कि एयरपोर्ट की थीम में भारतीयता और सस्टेनेबल डिजाइन का सुंदर मेल भी नजर आता है। वहीं, टर्मिनल की सफेद पारभासी छत और फर्श पर की गई विशेष प्रकाश व्यवस्था पूरे इंटीरियर को बहती नदी जैसा दृश्य प्रभाव देती है। यानी जेवर एयरपोर्ट सिर्फ यात्रा का केंद्र नहीं होगा, बल्कि ऐसा स्पेस बनेगा जहां आधुनिकता, परंपरा और दृश्य सौंदर्य एक साथ महसूस होंगे।

तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री

प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम से पहले जेवर एयरपोर्ट की तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जेवर एयरपोर्ट पहुंचकर कई घंटों तक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा प्रबंधन, जनसभा की व्यवस्था और अन्य जरूरी पहलुओं पर चर्चा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जेवर एयरपोर्ट पर प्रस्तावित कार्यक्रम, सुरक्षा घेरा, संभावित भीड़ और बैठने की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी तैयारियां तय समय के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उद्घाटन कार्यक्रम के लिए विशेष इंतजाम

28 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए जेवर एयरपोर्ट परिसर में बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आम लोगों के प्रवेश के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं, जबकि वीवीआईपी और वीआईपी मेहमानों के लिए अलग मार्ग बनाया जाएगा। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से विशेष आवागमन की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के आसपास पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान शीर्ष अतिथियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए कई हैलीपैड बनाए जाने की योजना है। इससे साफ है कि जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन कार्यक्रम प्रशासनिक और सुरक्षा दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्षेत्र के विकास का नया इंजन बनेगा जेवर एयरपोर्ट

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे न केवल यात्रा सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार, निवेश, लॉजिस्टिक्स, होटल, परिवहन और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों को भी गति मिलेगी। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट को केवल एक एयर ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तौर पर नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास के बड़े केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय संस्कृति की झलक, आधुनिक तकनीक, पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार की जा रही संरचना इसे खास बनाती है। Jewar Airport

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