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जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अब केवल एक विमानन परियोजना नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के आर्थिक ढांचे को बदलने वाला एक निर्णायक केंद्र बनता जा रहा है। इसके विकास के साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विस्तार की रफ्तार कई गुना बढ़ गई है।

Jewar Airport : जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अब केवल एक विमानन परियोजना नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के आर्थिक ढांचे को बदलने वाला एक निर्णायक केंद्र बनता जा रहा है। इसके विकास के साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विस्तार की रफ्तार कई गुना बढ़ गई है। गौतमबुद्ध नगर से लेकर अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और हरियाणा के कई जिलों तक इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सरकारी और प्रशासनिक आकलनों के अनुसार, आने वाले पांच वर्षों में यह एयरपोर्ट लगभग 70 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। इसके साथ ही यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Jewar Airport
केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट आने वाले समय में भारत के सबसे महत्वपूर्ण “ग्रोथ इंजन” में से एक साबित होगा। इसके प्रभाव से न केवल गौतमबुद्ध नगर में निवेश की गति बढ़ी है, बल्कि आसपास के जिलों में भी औद्योगिक और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की बाढ़ आ गई है। अनुमान है कि इस परियोजना के चलते उत्तर प्रदेश के निर्यात में 300 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज हो सकती है। साथ ही पश्चिमी यूपी के 21 जिलों में नए औद्योगिक क्लस्टर और विनिर्माण इकाइयों का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिल रहा है। एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के साथ-साथ संबंधित जिलों के विकास प्राधिकरण सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। “न्यू नोएडा” जैसे नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जहां भविष्य में बड़ी संख्या में इंडस्ट्री स्थापित होंगी। इसके अलावा सड़क और रेल नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। नमो भारत रैपिड रेल, मेट्रो के नए कॉरिडोर और प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क इस पूरे क्षेत्र को दिल्ली-एनसीआर से और अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने का काम करेंगे। साथ ही कई नए एक्सप्रेसवे भी इस औद्योगिक गलियारे को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ रहे हैं। Jewar Airport
एयरपोर्ट परियोजना के निर्माण कार्य के साथ ही गौतमबुद्ध नगर का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के ताजा आंकड़े भी इस बदलाव की गवाही देते हैं। पिछले पांच वर्षों में जिले में 1.23 लाख से अधिक नए उद्योगों का पंजीकरण हुआ है, जिसने करीब 10 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार किए हैं। हर गुजरते साल के साथ नए उद्योगों की रफ्तार और मजबूत होती गई है, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025-26 में यह औद्योगिक विस्तार और भी तेज गति पकड़ सकता है, जिससे यह क्षेत्र देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। Jewar Airport
निर्यात के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने देश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है और इसमें सबसे बड़ा योगदान गौतमबुद्ध नगर का माना जा रहा है। औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभरे इस जिले ने वित्त वर्ष 2024-25 में अकेले 97,703 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया, जो पूरे राज्य के कुल निर्यात का लगभग आधा हिस्सा है। वहीं, 2025-26 में प्रदेश का कुल निर्यात 2,01,241 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है, जिसमें यूएसए, यूके, यूएई, जर्मनी और नेपाल जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बड़ी हिस्सेदारी रही। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि यूपी का एक्सपोर्ट इंजन तेजी से आगे बढ़ रहा है, और इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र उसकी सबसे मजबूत धुरी बनकर उभरा है। Jewar Airport
गौतमबुद्ध नगर अब निवेशकों के लिए देश के सबसे आकर्षक औद्योगिक केंद्रों में तेजी से शुमार होता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, यहां 350 से अधिक कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे लगभग 2.5 लाख नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। करीब 5,000 एकड़ भूमि की मांग के साथ यह निवेश गतिविधि कई प्रमुख और उभरते सेक्टरों में केंद्रित दिखाई दे रही है। इनमें आईटी और रियल एस्टेट से लेकर मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, एनर्जी और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह रुझान साफ संकेत देता है कि जिला अब केवल औद्योगिक विस्तार का केंद्र नहीं, बल्कि बहुआयामी निवेश हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। Jewar Airport
नोएडा मोबाइल फोन निर्माण का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। यहां बने स्मार्टफोन अब अमेरिका समेत कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। सऊदी अरब, यूएई, अफ्रीकी देशों और दक्षिण एशिया के बाजारों में भी इनकी मजबूत पहुंच है। वर्ष 2024-25 में केवल तीन मोबाइल कंपनियों ने ही लगभग 1,985 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी योगदान दिया, जो इस सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट का असर अब हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम तक साफ दिखाई देने लगा है। फरीदाबाद में नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप की योजना पर काम चल रहा है, जबकि आईएमटी क्षेत्रों के विस्तार से हजारों नए रोजगार अवसर बनने की संभावना है। गुरुग्राम में मल्टी-मॉडल शहरों और औद्योगिक निवेश में तेजी आई है, जहां सोहना आईएमटी और अन्य परियोजनाएं बड़े निवेश आकर्षित कर रही हैं। Jewar Airport
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