जेवर एयरपोर्ट से कैसे बदलेगा नोएडा का भविष्य?

जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की रफ्तार के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट, सेक्टर-150, दादरी और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में जमीन और फ्लैट की मांग तेज हुई है। निवेशक इसे तात्कालिक मुनाफे की दौड़ नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म वैल्यू का मौका मान रहे हैं।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar26 Feb 2026 03:42 PM
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Jewar Airport : उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर पर बन रहा जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक दिशा बदलने वाली परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों तक दिल्ली पर निर्भर रहने वाले नोएडा–ग्रेटर नोएडा को अब अपनी पहचान का एक स्वतंत्र, वैश्विक प्रवेश द्वार मिलने जा रहा है। असल सवाल यह नहीं कि बदलाव होगा या नहीं सवाल यह है कि यह बदलाव शहर की पहचान से लेकर कारोबार की गति और लोगों के जीवन तक कितनी गहराई से उतरकर असर दिखाएगा।

प्रॉपर्टी को मिलेगा सपोर्ट

एयरपोर्ट किसी भी शहर के लिए सिर्फ हवाई सुविधा नहीं, विकास का सबसे ताकतवर इंजन साबित होता है और यही असर अब आसपास के बाजार में साफ दिखने लगा है। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की रफ्तार के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट, सेक्टर-150, दादरी और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में जमीन और फ्लैट की मांग तेज हुई है। निवेशक इसे तात्कालिक मुनाफे की दौड़ नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म वैल्यू का मौका मान रहे हैं। एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस, होटल, रिटेल हब और कॉर्पोरेट ऑफिस जैसी गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे कमर्शियल प्रॉपर्टी में धीमी लेकिन लगातार कीमत-वृद्धि की मजबूत संभावना बनती है।

सर्विस सेक्टर में आएगा तेज उछाल

किसी भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ सिर्फ उड़ानें नहीं बढ़तीं, बल्कि रोजगार का पूरा इकोसिस्टम खड़ा हो जाता है। जेवर एयरपोर्ट भी इसी बदलाव का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है—जहां एयरलाइंस, ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो, सुरक्षा, मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में हजारों प्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा होंगी। इसके साथ ही होटल, टैक्सी/कैब, रेस्टोरेंट, रिटेल और सप्लाई-चेन से जुड़ी गतिविधियां मिलकर लाखों अप्रत्यक्ष अवसरों का रास्ता खोलेंगी। नोएडा पहले से आईटी और मैन्युफैक्चरिंग के दम पर अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन एयरपोर्ट के आने से यह पहचान ग्लोबल ट्रेड हब की तरफ तेजी से बढ़ सकती है। निर्यात–आयात की प्रक्रियाएँ सरल और तेज होंगी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और ई-कॉमर्स जैसी इंडस्ट्रीज़ के लिए यह इलाका और भी आकर्षक बनेगा

जेवर एयरपोर्ट के साथ कम होगा ट्रैफिक का दबाव

दिल्ली-एनसीआर की ट्रैफिक समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है। जेवर एयरपोर्ट के साथ एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल और मेट्रो विस्तार की योजनाएँ भी जुड़ी हुई हैं। इससे नोएडा का दक्षिणी हिस्सा, जो अब तक अपेक्षाकृत शांत था, मुख्यधारा से सीधे जुड़ जाएगा। जब किसी क्षेत्र तक पहुँचना आसान हो जाता है, तो निवेश, पर्यटन और व्यापार—तीनों तेज़ी से बढ़ते हैं। यह सिद्धांत नोएडा पर भी लागू होगा।

जेवर एयरपोर्ट से बदलेगा शहर का स्टेटस

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा किसी भी शहर को विश्व मानचित्र पर स्थापित करता है। अभी तक विदेशी निवेशकों के लिए दिल्ली प्राथमिक गंतव्य था; अब नोएडा भी सीधे वैश्विक संपर्क में होगा।कंपनियाँ अक्सर ऐसे शहरों को प्राथमिकता देती हैं जहाँ एयर कनेक्टिविटी मजबूत हो। इससे नोएडा की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और वह केवल “दिल्ली के पास का शहर” नहीं, बल्कि स्वयं एक वैश्विक बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।

नोएडा बनेगा मॉडल सिटी

हर विकास अपने साथ चुनौतियाँ भी लाता है। तेज़ी से बढ़ती आबादी, ट्रैफिक दबाव, पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों पर प्रभाव ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर प्रशासन को संतुलित योजना बनानी होगी। यदि मास्टर प्लान के अनुरूप ग्रीन जोन, सार्वजनिक परिवहन और स्मार्ट सिटी मॉडल को प्राथमिकता दी गई, तो नोएडा एक संतुलित और आधुनिक शहर बन सकता है। अन्यथा अव्यवस्थित विस्तार समस्याएँ भी खड़ी कर सकता है।

स्थानीय जीवन पर क्या पड़ेगा प्रभाव

दादरी और जेवर जैसे अर्ध-ग्रामीण इलाकों में सामाजिक-आर्थिक बदलाव तेज़ होंगे। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, भूमि मालिकों की आय में परिवर्तन आएगा, और जीवनशैली अधिक शहरी रूप लेगी। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख होने वाली है घोषित

जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह जनसभा जेवर एयरपोर्ट के पास ही आयोजित की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर आयोजित होने वाली जनसभा में पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिक भाग लेंगे।

जेवर एयरपोर्ट
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locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar25 Feb 2026 04:10 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। खबर है कि जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। होली के बाद मार्च के महीने में ही जेवर एयरपोर्ट का विधिवत उद्घाटन हो जाएगा। जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह जनसभा जेवर एयरपोर्ट के पास ही आयोजित की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर आयोजित होने वाली जनसभा में पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिक भाग लेंगे।

होली-2026 के तुरन्त बाद होगा जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जापान तथा सिंगापुर के दौरे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर एयरपोर्ट की खूब चर्चा की है। मुख्यमंत्री योगी ने जेवर एयरपोर्ट की चर्चा करते हुए यह भी कहा कि अगले महीने यानी कि मार्च 2026 में जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन हो जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने बताया है कि 15 मार्च के बाद किसी भी दिन जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन हो जाएगा। उन्होंने बताया कि होली का महापर्व सम्पन्न होते ही जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख घोषित कर दी जाएगी। श्री गोयल ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन में अब और अधिक विलम्ब नहीं होगा।

भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा जेवर एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण 334 हेक्टेयर भूमि पर किया गया है। अगले दो चरण के निर्माण में जेवर एयरपोर्ट पर कुल पाँच रनवे बनाए जाएंगे। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के दूसरे चरण के लिए भूमि के अधिग्रहण का काम परा हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण के निर्माण के लिए 2052 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए भूमि का अधिग्रहण करने के लिए बजट में 750 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जेवर एयरपोर्ट से पहले चरण में केवल घरेलू उड़ाने शुरू की जाएंगी। दूसरा चरण पूरा होने पर अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने के साथ ही एशिया का तीसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। 

जेवर एयरपोर्ट पर सिंगापुर की कंपनी करेगी बड़ा निवेश

सिंगापुर की एक कम्पनी जेवर एयरपोर्ट पर बड़ा निवेश करेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर के दौरे के समय इस बड़े बिजनेश की घोषणा की गई है। इस घोषणा में बताया गया है कि जेवर एयरपोर्ट पर दो योजनाओं में सिंगापुर की कंपनी AISATS कंपनी 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी। इसके तहत नोएडा एयरपोर्ट पर एडवांस कार्गो कैंपस बनेगा। एयर कैटरिंग किचन के माध्यम से उत्तर भारत के सभी हवाई अड्डों और विमानों के लिए भोजन की आपूर्ति की जाएगी। एआई सैट्स का कार्गो कैंपस यूपी के साथ पूरे नॉर्थ इंडिया के लिए हवाई माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख सेंटर ताज सैट्स (Taj SATS) बनेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पादों के लिए बड़ा कार्गो यहां होगा। जेवर एयरपोर्ट पर ही इंटरनेशनल लेवल की एयर कैटरिंग किचन बनेगी। इस किचन से जेवर एयरपोर्ट की उड़ानों के लिए हाई क्वालिटी वाला भोजन मुहैया कराया जाएगा। ये भोजन जेवर नोएडा एयरपोर्ट के साथ दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट, वाराणसी, जयपुर जैसे अन्य हवाई अड्डों की उड़ानों के लिए आपूर्ति की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित फिल्म सिटी से जेवर एयरपोर्ट तक पॉड टैक्सी (Pod Taxi) चलेंगी। यानी एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक बिना किसी ड्राइवर वाली छोटी टैक्सी चलेंगी। जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी बनने के कारण यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टरों 18, 20, 21 और 22 में जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। Jewar Airport


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जेवर एयरपोर्ट रीजन की चमकेगी किस्मत, मेगा निवेश को मिली हरी झंडी

माना जा रहा है कि यह टाउनशिप जेवर एयरपोर्ट रीजन को सिर्फ रहने की नई पहचान नहीं देगी, बल्कि आसपास के इलाके में रोजगार, रियल एस्टेट और शहरी सुविधाओं की रफ्तार भी कई गुना बढ़ा देगी।

जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 09:58 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द बन रहा नया अर्बन कॉरिडोर अब निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। इसी रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए YEIDA क्षेत्र में 100 एकड़ में इंटरनेशनल थीम बेस्ड रेजिडेंशियल टाउनशिप बसाने की तैयारी है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक इस मेगा प्रोजेक्ट में करीब ₹3,500 करोड़ का निवेश आएगा और उम्मीद है कि अगले वर्ष तक इसका काम जमीन पर उतरना शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि यह टाउनशिप जेवर एयरपोर्ट रीजन को सिर्फ रहने की नई पहचान नहीं देगी, बल्कि आसपास के इलाके में रोजगार, रियल एस्टेट और शहरी सुविधाओं की रफ्तार भी कई गुना बढ़ा देगी।

जेवर एयरपोर्ट रीजन को मिला डेवलपमेंट बूस्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे से उत्तर प्रदेश को निवेश की एक और बड़ी सौगात मिली है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने राज्य में कुल ₹6,650 करोड़ के निवेश को लेकर तीन MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। खास बात यह है कि इनमें से दो प्रमुख परियोजनाएं गौतमबुद्ध नगर के उन्हीं क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं, जहां जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चलते विकास की रफ्तार पहले ही तेज हो चुकी है। पहले समझौते के तहत जेवर एयरपोर्ट के करीब YEIDA क्षेत्र में एक मेगा ग्रुप हाउसिंग टाउनशिप तैयार की जाएगी। प्रस्तावित प्लान के मुताबिक, यहां हाई-राइज रेजिडेंशियल टावर, सुव्यवस्थित सड़कें, जरूरी शहरी सुविधाएं और नियोजित टाउनशिप मॉडल विकसित किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि परियोजना के जमीन पर उतरते ही करीब 12,000 रोजगार अवसर पैदा होंगे। MoU के तुरंत बाद YEIDA प्रशासन ने भूमि उपलब्धता, सेक्टर प्लानिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं पर वर्किंग प्लान तैयार करने का काम तेज कर दिया है,ताकि जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द आकार ले सके।

‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव भी रफ्तार पकड़ सकता है

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द उभर रही यमुना सिटी को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ा विजन चर्चा में है। सेक्टर-7 में करीब 500 एकड़ में प्रस्तावित ‘सिंगापुर सिटी’ को लेकर बताया जा रहा है कि इसका औपचारिक प्रस्ताव हाल ही में प्राधिकरण की ओर से मुख्यमंत्री को भेजा गया है। ऐसे में सिंगापुर दौरे के दौरान मिले निवेश संकेत को जेवर एयरपोर्ट रीजन के लिए सिर्फ एक डील नहीं, बल्कि इंटरनेशनल-स्टाइल अर्बन डेवलपमेंट की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है। इसी निवेश पैकेज की तीसरी कड़ी में कानपुर–लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की योजना भी शामिल है। प्रस्ताव के मुताबिक, इस परियोजना में ₹650 करोड़ निवेश और करीब 7,500 रोजगार सृजन का अनुमान है। इसे 2027 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश की सप्लाई-चेन, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट इकोनॉमी को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के असर क्षेत्र में अब रियल एस्टेट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तेज़ी से रफ्तार पकड़ रहा है। निवेश पैकेज की दूसरी बड़ी कड़ी के तहत नोएडा–ग्रेटर नोएडा एनसीआर बेल्ट में 10 एकड़ जमीन पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹2,500 करोड़ निवेश और लगभग 1,500 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। MoU के मुताबिक, इसे 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में लॉजिस्टिक्स के साथ टेक इकोसिस्टम के विस्तार से उत्तर प्रदेश को डेटा सेंटर हब के रूप में मजबूत करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल नोएडा–ग्रेनो में डेटा सेंटर के लिए 11 प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं और कुछ सेंटर संचालन में भी हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट से सटी यमुना सिटी में भी अतिरिक्त कंपनियों को डेटा सेंटर के लिए जमीन देने पर विचार चल रहा है, जिससे यह पूरा इलाका डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की नई धुरी बन सकता है। Jewar Airport