गौतम बुद्ध नगर के जेवर में आज इतिहास रचा जाने वाला है। वर्षों से जिस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार आज हकीकत बनकर सामने आने जा रही है। जेवर एयरपोर्ट के नाम से चर्चित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आज औपचारिक उद्घाटन होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

Jewar Airport : गौतम बुद्ध नगर के जेवर में आज इतिहास रचा जाने वाला है। वर्षों से जिस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार आज हकीकत बनकर सामने आने जा रही है। जेवर एयरपोर्ट के नाम से चर्चित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आज औपचारिक उद्घाटन होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। लंबे समय से चर्चा में रहा जेवर एयरपोर्ट केवल एक नया हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एनसीआर और देश की बदलती विकास गाथा का मजबूत प्रतीक माना जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट की परिकल्पना करीब दो दशक पहले की गई थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरियों और नीतिगत प्रक्रियाओं के चलते यह परियोजना लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी। कई अड़चनों के बाद पिछले कुछ वर्षों में काम ने रफ्तार पकड़ी और अब इसका पहला चरण तैयार हो चुका है। लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बने जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल पर विकसित किया गया है। इसे एशिया के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने विस्तृत तैयारी की है। तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री सुबह 11:30 बजे जेवर पहुंचेंगे। इसके बाद वह जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे एयरपोर्ट के पहले चरण का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है और लाखों लोगों के पहुंचने का अनुमान है।
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी वजह से इस समारोह में केंद्र और राज्य सरकार के कई बड़े चेहरे शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और खास बनाएगी। इसके अलावा उद्योग जगत से जुड़े कई लोग और संभावित निवेशक भी समारोह का हिस्सा बन सकते हैं, क्योंकि जेवर एयरपोर्ट को क्षेत्रीय विकास का बड़ा इंजन माना जा रहा है।
आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया जेवर एयरपोर्ट यात्रियों और कारोबारी गतिविधियों दोनों के लिहाज से बेहद अहम साबित होने वाला है। शुरुआती चरण में इस एयरपोर्ट की क्षमता करीब 12 मिलियन यात्रियों को संभालने की बताई जा रही है, जिसे आगे बढ़ाकर 70 मिलियन तक ले जाने की योजना है। यहां 3900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जिस पर बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी। जेवर एयरपोर्ट को 24 घंटे संचालन योग्य बनाने के लिए उन्नत नेविगेशन सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही सड़क, रेल और मेट्रो से जोड़ने की योजना इसे मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का मजबूत केंद्र बनाएगी। कार्गो हब की सुविधा भी इस एयरपोर्ट को खास बनाती है, जिससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और ऊर्जा कुशल सिस्टम जेवर एयरपोर्ट को नई पीढ़ी के एयरपोर्ट मॉडल के रूप में स्थापित करते हैं।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए जेवर एयरपोर्ट और उसके आसपास का इलाका सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है। पूरे क्षेत्र को रेड जोन में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में SPG, CISF, PAC, RAF और ATS जैसी कई एजेंसियां तैनात हैं। इसके अलावा करीब 5000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है, वाहनों और लोगों की लगातार जांच हो रही है, जबकि ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया गया है। पूरे इलाके की मॉनिटरिंग के लिए हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए जेवर एयरपोर्ट के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया गया है। प्रशासन ने वाहनों की पार्किंग के लिए कई अलग-अलग स्थल निर्धारित किए हैं। लगभग 20 हजार वाहनों की पार्किंग क्षमता के साथ अलग-अलग जिलों और शहरों से आने वाले लोगों के लिए अलग रूट तय किए गए हैं। ट्रैफिक जाम से बचने के लिए आम लोगों, वीआईपी मेहमानों और मीडिया के लिए प्रवेश और पार्किंग की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। इससे कार्यक्रम के दौरान भीड़ प्रबंधन को आसान बनाने की कोशिश की गई है।
यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जेवर एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहां डिजिटल चेक-इन, स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम, विशाल और आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग, फूड कोर्ट, रिटेल स्टोर, आरामदायक प्रतीक्षालय और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यही नहीं, जेवर एयरपोर्ट से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की भी तैयारी की गई है। पहले चरण में कई शहरों के लिए उड़ानें शुरू किए जाने की उम्मीद है। आगे इस एयरपोर्ट को चरणबद्ध तरीके से और विस्तार दिया जाएगा, जिससे आने वाले समय में यह उत्तर भारत का एक प्रमुख एविएशन हब बन सकता है।
जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ एक एयरपोर्ट परियोजना नहीं, बल्कि एक बड़े आर्थिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इसके चालू होने से दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ता दबाव कम हो सकेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश की रफ्तार तेज होने की संभावना है। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा करेगा। निर्माण, परिवहन, होटल, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और सेवा क्षेत्र में हजारों युवाओं को नए मौके मिल सकते हैं। एयरपोर्ट के आसपास बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार होगा, जिससे पूरा इलाका आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सकता है।
लंबे इंतजार, कई अड़चनों और वर्षों की तैयारी के बाद आज जेवर एयरपोर्ट आखिरकार एक हकीकत के रूप में सामने है। यह सिर्फ एक नए एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और देश के विकास की नई दिशा का संकेत है। कनेक्टिविटी, निवेश, व्यापार और रोजगार के लिहाज से जेवर एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में बेहद निर्णायक भूमिका निभा सकता है। Jewar Airport