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जेवर एयरपोर्ट प्रोपर्टी बाजार के लिए गेम चेंजर साबित होने लगा है। 15 जून 2026 को जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो गया है। जेवर एयरपोर्ट से हवाई उड़ान शुरू होते ही यमुना सिटी तथा ग्रेटर नोएडा में प्रोपर्टी के रेट बढऩे शुरू हो गए हैं।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट प्रोपर्टी बाजार के लिए गेम चेंजर साबित होने लगा है। 15 जून 2026 को जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो गया है। जेवर एयरपोर्ट से हवाई उड़ान शुरू होते ही यमुना सिटी तथा ग्रेटर नोएडा में प्रोपर्टी के रेट बढऩे शुरू हो गए हैं। प्रोपर्टी बाजार के जानकारों का दावा है कि यमुना सिटी तथा ग्रेटर नोएडा में जल्दी ही प्रोपर्टी के रेट आसमान छूने वाले हैं। प्रोपर्टी बाजार में सक्रिय प्रोपर्टी डीलरों का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास प्रोपर्टी में निवेश का अभी भी सुनहरा मौका मौजूद है। Jewar Airport
प्रोपर्टी बाजार के जानकारों का दावा है कि जेवर एयरपोर्ट के कारण यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) का पूरा क्षेत्र प्रोपर्टी के निवेशकों की पहल पसंद बनने गला है। निकट भविष्य में यीडा के क्षेत्र में निवेशक भारी निवेश करेंगे। रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। इससे जमीन और फ्लैटों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। एयरपोर्ट के कारण रोजगार, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, होटल और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों ने पिछले कुछ वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी (YEIDA) क्षेत्र में निवेश किया है, उन्हें अब इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना शुरू हो सकता है। कई रिपोर्टों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट की स्थापना घोषणा के बाद से ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संपत्तियों के दामों में 90 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। Jewar Airport
रियल एस्टेट बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020 के बाद से जेवर एयरपोर्ट के आसपास प्लॉटों की कीमतों में तीन गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई इलाकों में प्लॉटों के भाव 9,600 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच चुके हैं, जबकि अपार्टमेंट की कीमतों में भी दोगुनी से अधिक वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि एयरपोर्ट के पूरी तरह से विकसित होने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत के बाद अगले एक-दो वर्षों में संपत्तियों के दामों में 20 से 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त उछाल देखने को मिल सकता है। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के दूसरे बड़े एयर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में इसकी क्षमता सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। भविष्य में इसके विस्तार के साथ यह क्षमता कई गुना बढ़ाई जाएगी। एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इंडिगो ने शुरुआती चरण में 16 शहरों के नेटवर्क की घोषणा की है, जबकि अन्य एयरलाइंस भी जल्द सेवाएं शुरू करने की तैयारी में हैं। Jewar Airport
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में नई टाउनशिप, आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और व्यावसायिक परियोजनाओं की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में जेवर और ग्रेटर नोएडा आने वाले वर्षों में देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले रियल एस्टेट कॉरिडोर के रूप में उभर सकते हैं। यही वजह है कि रियल एस्टेट बाजार से जुड़े लोग मान रहे हैं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत सिर्फ हवाई यात्रा के लिए ही नहीं, बल्कि प्रॉपर्टी बाजार के लिए भी एक बड़े "गेम चेंजर" साबित हो सकती है। Jewar Airport
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