जेवर एयरपोर्ट का नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है। 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है। 15 अप्रैल 2026 से जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो जाएगा। इस बीच जेवर एयरपोर्ट के विषय में ढेर सारी जानकारी प्रकाश में आ चुकी हैं।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट का नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है। 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है। 15 अप्रैल 2026 से जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो जाएगा। इस बीच जेवर एयरपोर्ट के विषय में ढेर सारी जानकारी प्रकाश में आ चुकी हैं। अभी भी जेवर एयरपोर्ट को लेकर अनेक जानकारी ऐसी हैं जिन्हें आम नागरिक नहीं जानते हैं। हम आपको बता रहे हैं जेवर एयरपोर्ट के विषय में जानने लायक सभी जानकारी।
पहली बात तो यह जान लीजिए कि यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जो एयरपोर्ट बनवाया है। उस एयरपोर्ट का असली नाम जेवर एयरपोर्ट नहीं है। इस एयरपोर्ट का असली नाम नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। दरअसल यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर के पास स्थित ऐतिहासिक नगर जेवर के पास स्थापित हुआ है। इसी कारण आम बोलचाल की भाषा में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम जेवर एयरपोर्ट पड़ गया है। इंटरनेट पर भी इस एयरपोर्ट का नाम जेवर एयरपोर्ट के नाम से ही प्रसिद्ध हो गया है। जिस प्रकार दिल्ली में स्थापित एयरपोर्ट का पूरा नाम इंदिरा गांधी हवाई अड्डा है किन्तु आम नागरिक उसे दिल्ली एयरपोर्ट अथवा पालम एयरपोर्ट के नाम से जानते हैं। उसी प्रकार की स्थिति जेवर एयरपोर्ट की भी है।
जेवर एयरपोर्ट के विषय में एक बड़ी जानकारी यह है कि वर्ष-2040 तक जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। वर्ष-2040 में दो रनवे के साथ जेवर एयरपोर्ट से वार्षिक यात्रियों की क्षमता सात करोड़ पहुंचने का अनुमान है। 4752 हेक्टेयर में पांच रनवे बनने के जेवर एयरपोर्ट को देश का सबसे बड़े एयरपोर्ट का गौरव हासिल होगा। नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत एयरपोर्ट के लिए तीनों चरणों में किसानों से 5428 हेक्टेयर जमीन ली जा रही है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर का अधिग्रहण पूरा कर एयरपोर्ट का निर्माण हो चुका है। बाकी अन्य फेज की परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण और विस्थापन अंतिम चरण में है केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकारों की प्रतिबद्धता की वजह से पूरी प्रक्रिया शांति पूर्ण संपन्न हो रही हैं। Jewar Airport