Jewar Airport: एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पांच नई अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं। इनमें माइल स्टोन-32 किलोमीटर, कार्गो टर्मिनल, डॉमेस्टिक टर्मिनल, माइल स्टोन-27 किलोमीटर और माइल स्टोन-15 किलोमीटर शामिल हैं।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं और अब इसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट सुरक्षा के लिहाज से देश के सबसे मजबूत और आधुनिक एयरपोर्ट में शामिल हो सकता है। प्रशासन ने एयरपोर्ट और उसके आसपास के पूरे इलाके को अभेद्य सुरक्षा घेरे में बदलने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। पहले से ही एयरपोर्ट की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के हाथों में है वहीं अब स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक की संभावना खत्म की जा सके।
एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पांच नई अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं। इनमें माइल स्टोन-32 किलोमीटर, कार्गो टर्मिनल, डॉमेस्टिक टर्मिनल, माइल स्टोन-27 किलोमीटर और माइल स्टोन-15 किलोमीटर शामिल हैं। इन चौकियों के जरिए एयरपोर्ट की परिधि पर निगरानी रखी जाएगी और आने-जाने वाले रास्तों पर भी कड़ी नजर रहेगी। इससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
एयरपोर्ट की सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, 70 पुलिसकर्मियों को पहले ही इमिग्रेशन और एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 61 और पुलिसकर्मियों को आगामी प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
एयरपोर्ट के डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए 35 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी और आरक्षी समेत अन्य कर्मचारी शामिल होंगे। इसके अलावा अतिरिक्त पीसीआर और पीआरवी वाहनों की तैनाती भी की जा रही है जो आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे और लगातार गश्त करेंगे। इससे सुरक्षा व्यवस्था हर समय सक्रिय रहेगी।
सिर्फ पुलिस व्यवस्था ही नहीं बल्कि अग्नि सुरक्षा को भी ध्यान में रखते हुए दो नए अग्निशमन केंद्र बनाए जा रहे हैं। ये केंद्र सेक्टर-32 और सेक्टर-18 में स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र में कई यूनिट और दर्जनों कर्मचारियों की तैनाती होगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास पुलिस लाइन, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता, प्रशिक्षण केंद्र और अन्य सुरक्षा सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया भी जारी है। इन सभी व्यवस्थाओं के जरिए एयरपोर्ट की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इन सभी व्यवस्थाओं के बाद जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगा। एयरपोर्ट के संचालन से पहले ही सुरक्षा को लेकर इतनी तैयारी इस बात का संकेत है कि इसे भविष्य में देश के सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट में शामिल करने की योजना है। आने वाले समय में जैसे-जैसे एयरपोर्ट का विस्तार होगा वैसे-वैसे सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत की जाएगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा अनुभव मिलेगा और जेवर एयरपोर्ट देश के प्रमुख हवाई अड्डों में अपनी अलग पहचान बना सकेगा।